Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

अफगानिस्तान में 24 घंटे में दो भूकंप से तबाही, 1400 से ज्यादा मौतें, भारत ने भेजी मानवीय मदद

spot_img

Date:

AIN NEWS 1 | अफगानिस्तान एक बार फिर प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। महज 24 घंटे के भीतर यहां दो बड़े भूकंप आए, जिसने दक्षिण-पूर्वी इलाकों में भारी तबाही मचा दी। सोमवार को 6.0 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें करीब 1400 लोगों की मौत और 3,000 से अधिक लोग घायल हो गए। इसके अगले ही दिन मंगलवार को 5.5 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया, जिसने पहले से ही बर्बाद इलाकों को और हिला दिया।

लोग अब भी मलबे में दबे अपने प्रियजनों को खोज रहे हैं। कई गांव पूरी तरह उजड़ चुके हैं, और राहत एवं बचाव कार्य बेहद मुश्किल परिस्थितियों में जारी है।

लगातार झटकों से दहशत में लोग

पहला भूकंप इतना विनाशकारी था कि सैकड़ों घर जमीनदोज हो गए। जब लोग अपने गिरे हुए घरों से सामान निकालने और अपनों की तलाश में लगे हुए थे, तभी अगले ही दिन फिर से धरती कांप गई। लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई घायल राहत शिविरों से भी बाहर भाग गए।

अफगानिस्तान की नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के प्रवक्ता यूसुफ हमाद ने बताया कि घायलों की संख्या लगातार बढ़ सकती है क्योंकि अभी भी कई लोग मलबे में फंसे हुए हैं।

बचाव कार्यों में रुकावट

भूकंप से पहाड़ों में भूस्खलन हो गया है, जिससे कई मुख्य सड़कें पूरी तरह बंद हो गईं। इन रास्तों पर भारी मलबा और पत्थर गिरने से आपातकालीन टीमें प्रभावित इलाकों तक समय पर नहीं पहुंच पा रही हैं। हेलीकॉप्टरों और अन्य साधनों से भी बचाव कार्यों को अंजाम देने की कोशिश की जा रही है, लेकिन पहाड़ी इलाकों और खराब मौसम के कारण राहत कार्यों में काफी दिक्कतें आ रही हैं।

भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ

भारत ने तुरंत अफगानिस्तान की ओर मदद भेजी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी से फोन पर बातचीत की और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

भारत ने काबुल में 1,000 परिवारों के लिए टेंट उपलब्ध कराए हैं। इसके अलावा भारतीय मिशन ने काबुल से कुनार तक 15 टन खाद्य सामग्री भेजी है, ताकि प्रभावित लोगों को तुरंत राहत मिल सके। अफगानिस्तान सरकार ने भी भारत की इस त्वरित सहायता के लिए आभार व्यक्त किया।

वैश्विक स्तर पर चिंता

संयुक्त राष्ट्र (UN) और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने भी स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि अफगानिस्तान में यूएन टीमों को तुरंत सक्रिय कर दिया गया है और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंदों को हर संभव मदद दी जाएगी।

यूएन के मानवाधिकार आयुक्त वोल्कर टर्क ने लिखा कि अफगानिस्तान पहले से ही मानवीय संकट और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, और ऐसे में यह भूकंप वहां के लोगों के लिए और बड़ी त्रासदी बनकर आया है।

अफगान जनता की कठिनाई

भूकंप से प्रभावित लोगों के सामने अब छत और भोजन सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। जिन घरों में दरारें आ चुकी हैं, उनमें लौटना खतरे से खाली नहीं है। हजारों परिवार खुले आसमान के नीचे ठंड और भूख से जूझ रहे हैं। कई बच्चे अपने माता-पिता से बिछड़ गए हैं और राहत शिविरों में उन्हें देखभाल की जरूरत है।

मानवीय संगठनों का कहना है कि अगले कुछ हफ्ते बेहद महत्वपूर्ण होंगे क्योंकि अगर राहत सही समय पर नहीं पहुंची तो बीमारियां और भुखमरी और ज्यादा लोगों की जान ले सकती हैं।

भारत की भूमिका क्यों अहम है?

भारत लंबे समय से अफगानिस्तान का साझेदार रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और आपातकालीन सहायता में भारत ने कई बार मदद की है। इस बार भी भारत ने साबित किया कि वह संकट की घड़ी में अफगान जनता के साथ खड़ा है। भारत से भेजी गई राहत सामग्री ने न केवल तत्काल जरूरतें पूरी की हैं बल्कि यह संदेश भी दिया है कि क्षेत्रीय सहयोग मानवीय आपदाओं में कितना अहम है।

आगे की चुनौतियां

अफगानिस्तान की मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक स्थिति पहले ही नाजुक है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और संसाधनों की कमी के कारण वहां राहत और पुनर्निर्माण कार्य बड़ी चुनौती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अफगानिस्तान को न केवल तत्काल सहायता की जरूरत है बल्कि दीर्घकालिक पुनर्वास योजनाओं की भी आवश्यकता है, ताकि भूकंप से प्रभावित लोग अपने जीवन को फिर से खड़ा कर सकें।

24 घंटे के भीतर दो बड़े भूकंप ने अफगानिस्तान को गहरे जख्म दिए हैं। हजारों परिवार बेघर हो गए हैं और सैकड़ों गांव तबाह हो चुके हैं। इस मुश्किल घड़ी में भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की त्वरित मदद वहां के लोगों के लिए उम्मीद की किरण है। लेकिन असली चुनौती आने वाले समय में है, जब पुनर्निर्माण और प्रभावित परिवारों को स्थायी राहत दिलाना होगा।

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
clear sky
27.5 ° C
27.5 °
27.5 °
21 %
3kmh
0 %
Fri
28 °
Sat
30 °
Sun
31 °
Mon
32 °
Tue
32 °
Video thumbnail
रौद्र रूप में थे Modi अचानक बीच में टोक पड़े विरोधी सांसद, फिर ऐसी उधेड़ी बखियां, विपक्ष हैरान!
13:31
Video thumbnail
LIVE: PM Modi ने Bharat Mandapam में आयोजित नेताओं के पूर्ण सत्र और कार्य भोज में भाग लिया
22:04
Video thumbnail
Yogi Adityanath #shotrs #viral
00:30
Video thumbnail
Maithili Thakur ने सदन में भयंकर गुस्से में Tejashwi Yadav को लताड़ा, टोका-टाकी करने लगे ओसामा!
09:13
Video thumbnail
जिसने JPNIC बनाया उसे अपनी पार्टी से निकालो... - Akhilesh Yadav
01:16
Video thumbnail
Yogi Adityanath on Babri Masjid and Vande Matram : 'वंदे मातरम्' का जो विरोध करेगा...'
02:50
Video thumbnail
Yati Narsinghanand Giri on UGC, demands UGC Rollback
00:57
Video thumbnail
जब Akhilesh के मंत्री ने पंडित को बनाया खान, सदन में मजेदार अंदाज़ में Yogi ने जमकर ले ली मौज!
08:10
Video thumbnail
सिख सांसद को गद्दार बोलने पर संसद में Modi ने जो बोला उसे कभी नहीं भूलेगा पूरा सिख समुदाय!
10:15
Video thumbnail
बात ब्राह्मणों के अपमान की आई भड़के Yogi और Raja Bhaiya ने दिया करारा जवाब! Yogi | Brahman
11:38

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related