AIN NEWS 1 नई दिल्ली | 22 जनवरी 2026 देश के बड़े शहरों में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। गुरुवार सुबह 9 बजे तक जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि महानगरों में सांस लेना अब स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में AQI “गंभीर” श्रेणी में दर्ज किया गया है।
दिल्ली-एनसीआर में हालात सबसे खराब
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे सटे नोएडा व गुरुग्राम में वायु गुणवत्ता बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
नोएडा (सेक्टर-125): AQI 452
दिल्ली (PGDAV कॉलेज, श्रीनिवासपुरी): AQI 441
गुरुग्राम (विकास सदन): AQI 394
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस स्तर की हवा में लंबे समय तक रहना किसी भी व्यक्ति के लिए खतरनाक हो सकता है। बच्चों, बुज़ुर्गों और सांस या दिल के मरीजों को सबसे ज्यादा जोखिम है।
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अन्य महानगरों में भी बिगड़ती हवा
सिर्फ दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि देश के कई बड़े शहरों में भी वायु गुणवत्ता “माध्यम” से “खराब” श्रेणी में दर्ज की गई है।
लखनऊ (लालबाग पश्चिम): AQI 193
शिलांग (IN स्टेडियम): AQI 190
मुंबई (सिद्धार्थ नगर, वर्ली): AQI 181
चंडीगढ़ (सेक्टर-22): AQI 175
चेन्नई (कोडुंगैयूर): AQI 175
कोलकाता (जादवपुर): AQI 170
इन शहरों में हवा पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जा सकती। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि संवेदनशील लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
तुलनात्मक रूप से बेहतर, फिर भी सुरक्षित नहीं
कुछ शहरों में AQI अपेक्षाकृत कम जरूर है, लेकिन यह भी “अच्छी” श्रेणी से काफी ऊपर है।
पटना (डीआरएम ऑफिस, दानापुर): AQI 146
हैदराबाद (सनथनगर): AQI 145
बेंगलुरु (BTM): AQI 142
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह स्तर भी लंबे समय में स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
देशभर में AQI की स्थिति क्या कहती है?
राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो वायु गुणवत्ता की तस्वीर और भी गंभीर नजर आती है।
अच्छी श्रेणी: 0 स्थान
संतोषजनक: 8 स्थान
माध्यम: 67 स्थान
खराब: 4 स्थान
बहुत खराब: 1 स्थान
गंभीर: 4 स्थान
यानी देश के अधिकांश हिस्सों में हवा या तो प्रदूषित है या स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरी।
क्या होता है AQI और क्यों जरूरी है समझना?
वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) हवा में मौजूद प्रदूषक तत्वों के आधार पर तय किया जाता है। AQI जितना ज्यादा होता है, हवा उतनी ही ज़्यादा जहरीली मानी जाती है।
0–50: अच्छी
51–100: संतोषजनक
101–200: माध्यम
201–300: खराब
301–400: बहुत खराब
401 से ऊपर: गंभीर
दिल्ली-नोएडा जैसे इलाकों में AQI 400 के पार पहुंचना बेहद चिंता की बात मानी जाती है।
प्रदूषित हवा से सेहत को क्या नुकसान?
डॉक्टरों के अनुसार, लगातार खराब हवा में सांस लेने से कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है—
सांस फूलना, अस्थमा और ब्रोंकाइटिस
आंखों, नाक और गले में जलन
फेफड़ों की क्षमता में कमी
हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा
बच्चों के फेफड़ों के विकास पर असर
लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने से जीवन प्रत्याशा भी घट सकती है।
प्रदूषण बढ़ने के पीछे मुख्य वजहें
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात के पीछे कई कारण हैं—
वाहनों से निकलने वाला धुआं
निर्माण कार्यों से उड़ती धूल
औद्योगिक उत्सर्जन
कचरा और पराली जलाना
सर्दियों में हवा की रफ्तार कम होना
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
सुबह-शाम खुले में टहलने या व्यायाम से बचें
मास्क का उपयोग करें
बच्चों और बुज़ुर्गों को बाहर निकलने से रोकें
घरों में वेंटिलेशन बनाए रखें
AQI अपडेट नियमित रूप से चेक करें
22 जनवरी 2026 के AQI आंकड़े यह साफ संकेत दे रहे हैं कि वायु प्रदूषण अब केवल पर्यावरण की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बन चुका है। अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
Air pollution levels in India have reached alarming levels as several major cities report severe Air Quality Index (AQI) readings on January 22, 2026. Delhi, Noida, and Gurugram remain the most affected, highlighting the urgent need for air quality monitoring, pollution control measures, and public awareness.






