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गणतंत्र दिवस 2026 पर इतिहास रचेगा भारतीय सिनेमा, कर्तव्य पथ पर संजय लीला भंसाली की भव्य झांकी!

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AIN NEWS 1: भारतीय सिनेमा के इतिहास में साल 2026 एक नई और यादगार इबारत लिखने जा रहा है। देश के गणतंत्र दिवस समारोह में पहली बार ऐसा दृश्य देखने को मिलेगा, जब भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की समृद्ध विरासत और रचनात्मक यात्रा को कर्तव्य पथ पर पूरे देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। यह मौका न सिर्फ सिनेमा प्रेमियों के लिए खास होगा, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर और मजबूती देगा।

📌 पहली बार परेड में दिखेगा भारतीय सिनेमा

अब तक गणतंत्र दिवस परेड में राज्यों की सांस्कृतिक झांकियां, सैन्य शक्ति और लोककलाओं की झलक देखने को मिलती रही है। लेकिन साल 2026 में परंपरा से हटकर एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। भारतीय सिनेमा को समर्पित एक विशेष झांकी कर्तव्य पथ पर उतरेगी, जो फिल्म इंडस्ट्री के सौ साल से भी ज्यादा लंबे सफर, उसकी कलात्मकता और सामाजिक प्रभाव को दर्शाएगी।

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🎬 संजय लीला भंसाली करेंगे सिनेमा का प्रतिनिधित्व

इस ऐतिहासिक जिम्मेदारी को निभाने के लिए हिंदी सिनेमा के दिग्गज फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली को चुना गया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, भंसाली भारतीय सिनेमा की ओर से एक भव्य और कलात्मक झांकी प्रस्तुत करेंगे, जो फिल्मों के जरिए भारत की भावनाओं, परंपराओं और कहानियों को जीवंत रूप में सामने लाएगी।

भंसाली का नाम इस प्रोजेक्ट से जुड़ना अपने आप में बड़ी बात है। उनकी फिल्मों में भारतीय संस्कृति, संगीत, रंगों और भावनाओं की गहराई साफ दिखाई देती है। ऐसे में गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय मंच पर सिनेमा की प्रस्तुति के लिए उन्हें सबसे उपयुक्त चेहरा माना जा रहा है।

🎥 सिनेमा की विरासत और सफर की झलक

बताया जा रहा है कि यह झांकी भारतीय सिनेमा की शुरुआत से लेकर आधुनिक दौर तक के सफर को दर्शाएगी। मूक फिल्मों के जमाने से लेकर रंगीन सिनेमा, ब्लैक एंड व्हाइट से डिजिटल युग तक का बदलाव इस झांकी का हिस्सा होगा। इसके साथ ही भारतीय फिल्मों की सामाजिक भूमिका, देशभक्ति, पारिवारिक मूल्य और विविधता को भी रेखांकित किया जाएगा।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सहयोग से तैयार की जा रही यह झांकी न सिर्फ मनोरंजन का साधन होगी, बल्कि भारतीय सिनेमा की सांस्कृतिक ताकत को भी उजागर करेगी।

🏛️ सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की अहम भूमिका

इस पूरे आयोजन के पीछे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की अहम भूमिका बताई जा रही है। मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में जिन लोगों का सबसे बड़ा योगदान रहा है, उनमें संजय लीला भंसाली का नाम शीर्ष पर आता है। इसलिए इस ऐतिहासिक पल के लिए उनसे बेहतर विकल्प शायद ही कोई और हो सकता था।

मंत्रालय का मानना है कि भारतीय सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि भारत की सॉफ्ट पावर का एक मजबूत स्तंभ है, और गणतंत्र दिवस परेड में इसकी झलक दिखाना देश की सांस्कृतिक उपलब्धियों को सम्मान देने जैसा है।

🎶 वंदे मातरम की नई धुन में गूंजेगा कर्तव्य पथ

इस समारोह की एक और बड़ी खासियत होगी ऑस्कर विजेता संगीतकार एमएम कीरावनी की प्रस्तुति। ‘आरआरआर’ फिल्म के गाने ‘नाटू नाटू’ के लिए ऑस्कर जीत चुके कीरावनी, इस मौके पर वंदे मातरम की एक नई धुन पेश करेंगे।

यह धुन परंपरा और आधुनिकता का संगम होगी, जो देशभक्ति की भावना को नए अंदाज़ में प्रस्तुत करेगी। गणतंत्र दिवस के अवसर पर वंदे मातरम की नई संगीतमय प्रस्तुति देशवासियों के लिए एक भावनात्मक अनुभव साबित हो सकती है।

🌍 वैश्विक मंच पर भारतीय सिनेमा की पहचान

पिछले कुछ वर्षों में भारतीय फिल्मों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर जबरदस्त पहचान बनाई है। ऑस्कर, कान्स, गोल्डन ग्लोब जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर भारतीय सिनेमा की मौजूदगी बढ़ी है। ऐसे में गणतंत्र दिवस परेड में सिनेमा की झांकी इस बात का प्रतीक होगी कि भारत अपनी सांस्कृतिक ताकत को गर्व के साथ दुनिया के सामने पेश कर रहा है।

🎞️ पहली बार किसी फिल्म निर्देशक को मिली यह जिम्मेदारी

यह भी अपने आप में ऐतिहासिक है कि पहली बार किसी फिल्म निर्देशक को सीधे तौर पर गणतंत्र दिवस परेड में सिनेमा की विरासत को प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले यह मंच मुख्य रूप से सैन्य और सांस्कृतिक झांकियों तक सीमित रहा है।

हालांकि, इस खबर पर अब तक संजय लीला भंसाली की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन फिल्म इंडस्ट्री और सिनेमा प्रेमियों में इस खबर को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।

🇮🇳 सिनेमा और राष्ट्र की भावना का संगम

भारतीय सिनेमा ने हमेशा देश की भावनाओं, संघर्षों और सपनों को बड़े पर्दे पर उतारा है। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर सामाजिक बदलावों तक, फिल्मों ने हर दौर में जनता की आवाज़ को मजबूती दी है। गणतंत्र दिवस 2026 पर जब यही सिनेमा कर्तव्य पथ पर उतरेगा, तो यह सिर्फ एक झांकी नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का उत्सव होगा।

Republic Day 2026 will become a landmark event for Indian cinema as the film industry gets its first-ever grand representation at Kartavya Path. Celebrated filmmaker Sanjay Leela Bhansali will present a special tableau highlighting the journey, heritage, and cultural impact of Indian cinema, while Oscar-winning composer MM Keeravani will introduce a new rendition of Vande Mataram. This unique initiative by the Ministry of Information and Broadcasting reflects India’s growing global influence through films and creative arts.

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