Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

बसंत पंचमी 2026: आज ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा, साथ में नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती — जानिए इस दिन का पूरा महत्व!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: आज देशभर में बसंत पंचमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इसी दिन महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती भी है, जिसे पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में आज का दिन धार्मिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय दृष्टि से बेहद खास बन जाता है।

🌼 बसंत पंचमी से बसंत ऋतु का आगमन

हिंदू पंचांग के अनुसार, बसंत पंचमी से बसंत ऋतु की शुरुआत मानी जाती है। इस दौरान मौसम में बदलाव के साथ-साथ प्रकृति में हरियाली बढ़ने लगती है और वातावरण में नई ऊर्जा का संचार होता है। यही कारण है कि बसंत पंचमी को नई शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है।

📚 माँ सरस्वती की पूजा का विशेष महत्व

बसंत पंचमी के दिन माँ सरस्वती, जो ज्ञान, विद्या, वाणी और कला की देवी मानी जाती हैं, उनकी पूजा का विशेष महत्व है।

देश के कई हिस्सों में छात्र, शिक्षक और कलाकार इस दिन:

पुस्तकों

लेखन सामग्री

वाद्य यंत्र

शैक्षणिक उपकरणों

की पूजा करते हैं।

मान्यता है कि इस दिन की गई सरस्वती पूजा से बुद्धि, एकाग्रता और सीखने की क्षमता में वृद्धि होती है।

🌕 पीला रंग क्यों है बसंत पंचमी का प्रतीक?

बसंत पंचमी पर पीले रंग का विशेष महत्व होता है। पीला रंग:

समृद्धि

ऊर्जा

ज्ञान

सकारात्मकता

का प्रतीक माना जाता है।

इसी वजह से लोग पीले वस्त्र पहनते हैं और केसरिया हलवा, बूंदी व बेसन के लड्डू जैसे पीले रंग के प्रसाद चढ़ाते हैं।

🇮🇳 नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती: पराक्रम दिवस

23 जनवरी को आज़ाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती भी मनाई जाती है।

नेताजी ने आज़ादी की लड़ाई में अद्वितीय साहस और नेतृत्व का परिचय दिया।

उनका प्रसिद्ध नारा

“तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा”

आज भी देशवासियों को प्रेरित करता है।

सरकार इस दिन को पराक्रम दिवस के रूप में मनाकर युवाओं में राष्ट्रभक्ति और साहस की भावना को मजबूत करने का संदेश देती है।

🔗 ज्ञान और साहस का दुर्लभ संयोग

आज का दिन इसलिए भी खास है क्योंकि:

बसंत पंचमी ज्ञान और विवेक का संदेश देती है

नेताजी की जयंती साहस और बलिदान की प्रेरणा देती है

यह संयोग बताता है कि ज्ञान और पराक्रम साथ हों, तभी समाज और राष्ट्र मजबूत बनते हैं।

आज क्या करें?

माँ सरस्वती की पूजा करें

पढ़ाई या रचनात्मक कार्य की शुरुआत करें

बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाएं

संयमित और सकारात्मक भाषा का प्रयोग करें

देश और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों पर विचार करें

आज क्या न करें?

झगड़ा और कटु भाषा से बचें

आलस्य और काम टालने की आदत से दूर रहें

अहंकार और नकारात्मक सोच से बचें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन की गई अच्छी या बुरी शुरुआत का प्रभाव लंबे समय तक रहता है।

🗣️ विशेषज्ञों की राय

संस्कृति विशेषज्ञों के अनुसार, बसंत पंचमी केवल धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह बौद्धिक विकास और सामाजिक संतुलन का भी संदेश देती है। वहीं नेताजी की जयंती हमें निडर निर्णय और आत्मबल का महत्व सिखाती है।

बसंत पंचमी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती का यह संयोग देशवासियों को ज्ञान, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। आज का दिन आत्ममंथन करने और बेहतर भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है।

Basant Panchami 2026 is celebrated across India with Saraswati Puja, marking the arrival of spring and the importance of education and knowledge. The day also coincides with Netaji Subhas Chandra Bose Jayanti, observed as Parakram Diwas, highlighting courage and national pride. On this occasion, students worship Goddess Saraswati, wear yellow attire, and begin new academic or creative activities. Basant Panchami holds cultural, religious, and national significance in India.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
haze
18.1 ° C
18.1 °
18.1 °
68 %
0kmh
0 %
Sat
20 °
Sun
28 °
Mon
30 °
Tue
30 °
Wed
29 °
Video thumbnail
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर सदन में पहली बार दहाड़े Yogi,दे दिया जवाब, हिल जाएंगे Akhilesh Yadav
09:24
Video thumbnail
Yati Narsinghanand #viral #shorts
02:17
Video thumbnail
Yogi Adityanath : हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता..
01:45
Video thumbnail
Mahamandleshwer Dr. Rajeshwar Das: “धरती पर किसान है.., सनातन पर क्या खूब बोले महामंडलेश्वर राजेश्वर
15:38
Video thumbnail
Swati Maliwal on Arvind Kejriwal :पंजाब में चार्टड जेट से लेकर आलीशान महल में निवास करता है केजरीवाल
01:37
Video thumbnail
Akhilesh Yadav on Yogi Adityanath : उन्होंने अगर बाटी चोखा खाया तो प्रतिमा की तरह खड़ा होना पड़ेगा
01:02
Video thumbnail
#shorts #shortvideo
00:26
Video thumbnail
AKhilesh Yadav : अभी समय है इलेक्शन में, आप समय क्यों नहीं देना चाहते हैं?
01:32
Video thumbnail
सदन में सवाल पूछ रही थी कांग्रेस की महिला सांसद, हल्ला मचाने लगा पूरा विपक्ष, सभापति ने क्या कहा?
07:58
Video thumbnail
‘बार्डर 2’ देखकर भावुक हुईं अभिनेत्री श्वेता चौहान
02:43

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related

हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं बन सकता: विधानसभा में बोले सीएम योगी!

AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश की विधानसभा में एक...