AIN NEWS 1: मुंबई की सत्ता पर काबिज होने की जंग का फैसला आखिरकार आज हो रहा है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 की मतगणना शुरू होते ही सियासी तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने लगी है। शुरुआती रुझानों से लेकर अब तक सामने आए आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि इस बार बीएमसी की सत्ता का संतुलन बदल सकता है।
सुबह 10 बजे से मुंबई समेत महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों में वोटों की गिनती शुरू हुई, लेकिन सबसे ज्यादा निगाहें हमेशा की तरह बीएमसी पर टिकी रहीं। वजह साफ है—बीएमसी सिर्फ देश की सबसे अमीर नगरपालिका ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति का सबसे अहम शक्ति केंद्र भी मानी जाती है।
🔸 मतदान और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
227 वार्डों वाली बीएमसी के लिए गुरुवार को कुल 52.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। मतगणना को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। पूरे मुंबई में 23 काउंटिंग सेंटर बनाए गए, जहां बड़ी संख्या में पुलिस बल, अर्धसैनिक बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। हर केंद्र पर CCTV निगरानी और प्रवेश पर सख्त जांच की व्यवस्था की गई।
🔸 शुरुआती रुझान: BJP–शिंदे गठबंधन को बढ़त
मतगणना के शुरुआती दौर में ही यह साफ होने लगा कि बीजेपी और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना का गठबंधन मजबूत स्थिति में है। ताजा रुझानों के अनुसार, अब तक सामने आए 152 वार्डों में से—
बीजेपी-शिंदे गठबंधन लगभग 90 से अधिक सीटों पर आगे
उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) करीब 50–55 सीटों पर
कांग्रेस केवल 3–4 सीटों पर ही बढ़त बनाए हुए
मनसे (MNS) की स्थिति बेहद कमजोर दिखाई दी
इन आंकड़ों ने यह संकेत दे दिया है कि मुंबई की राजनीति में कांग्रेस और मनसे का प्रभाव लगातार घट रहा है।
🔸 कांग्रेस की हालत: कभी मजबूत पार्टी, अब हाशिये पर
इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा कांग्रेस की कमजोर होती स्थिति को लेकर हो रही है। शुरुआती रुझानों में कांग्रेस केवल 2 से 4 वार्डों में ही आगे चलती नजर आई। कई जगहों पर कांग्रेस उम्मीदवारों की जमानत तक खतरे में दिखी।
हालांकि, शुरुआती दौर में कांग्रेस को एक बड़ी राहत धारावी इलाके से मिली, जहां वार्ड नंबर 184 से कांग्रेस उम्मीदवार आशा काले ने जीत दर्ज की। उन्हें कुल 1450 वोट मिले। यह मुकाबला त्रिकोणीय था, जिसमें उन्होंने शिंदे शिवसेना की वैशाली शेवाले और मनसे की पारुबाई कटके को पीछे छोड़ दिया।
लेकिन एक-दो जीत कांग्रेस की गिरती सियासी जमीन को संभालने के लिए काफी नहीं मानी जा रही।
🔸 उद्धव ठाकरे की शिवसेना के लिए अग्निपरीक्षा
बीएमसी पर पिछले करीब 30 वर्षों से शिवसेना (ठाकरे गुट) का दबदबा रहा है। 1996 के बाद से पार्टी लगातार मेयर बनवाती आई है। लेकिन पार्टी टूटने के बाद यह पहला बीएमसी चुनाव है, जिसे ठाकरे परिवार के लिए असली ताकत की परीक्षा माना जा रहा है।
एग्जिट पोल्स पहले ही संकेत दे चुके थे कि शिवसेना (UBT) और मनसे का संभावित गठबंधन भी बीजेपी-शिंदे गठबंधन को टक्कर देने में नाकाम रह सकता है। कई सर्वे में इस गठबंधन को केवल 58 से 68 सीटों तक सिमटने का अनुमान लगाया गया था।
ताजा रुझानों में भी यही तस्वीर उभरती दिख रही है।
🔸 मनसे का कमजोर प्रदर्शन, राज ठाकरे के घर सन्नाटा
मुंबई में मराठी वोट बैंक की राजनीति करने वाली मनसे इस बार भी कोई खास कमाल नहीं दिखा पाई। 227 वार्डों में से पार्टी केवल 4 वार्डों में ही आगे चलती नजर आई।
चुनावी रुझानों के सामने आने के बाद मनसे प्रमुख राज ठाकरे के आवास के बाहर सन्नाटा पसरा रहा। पार्टी कार्यकर्ताओं में भी खास उत्साह देखने को नहीं मिला।
🔸 वार्ड-स्तर के रोचक मुकाबले
बीएमसी चुनाव में कई वार्डों पर कांटे की टक्कर देखने को मिली—
बायकुला वार्ड 207 में बीजेपी के रोहिदास लोखंडे पहले राउंड में 234 वोटों से आगे रहे।
रोहिदास लोखंडे (BJP): 3334 वोट
योगिता गवली (ऑल इंडिया आर्मी): 1434 वोट
शलाका हरयान (MNS): 3100 वोट
वार्ड 208 में शिवसेना (UBT) के रमाकांत रहाटे को 4331 वोट, जबकि शिंदे गुट के विजय लिपारे को 2733 वोट मिले।
🔸 दक्षिण मुंबई में बीजेपी की मजबूत पकड़
दक्षिण मुंबई के मालाबार हिल जैसे हाई-प्रोफाइल इलाकों में बीजेपी लगातार अपनी स्थिति मजबूत करती दिखी। पोस्टल बैलेट और पहले राउंड की गिनती के बाद पार्टी ने करीब 2000 वोटों की बढ़त बना ली।
यह संकेत देता है कि शहरी और मध्यम वर्ग के इलाकों में बीजेपी की पकड़ पहले से ज्यादा मजबूत हुई है।
🔸 एग्जिट पोल्स की भविष्यवाणी सच होती दिखी
लगभग सभी प्रमुख एग्जिट पोल्स ने पहले ही अनुमान लगाया था कि इस बार बीजेपी-शिंदे शिवसेना गठबंधन को बीएमसी में स्पष्ट बहुमत मिल सकता है। शुरुआती नतीजे इन अनुमानों को काफी हद तक सही साबित करते नजर आ रहे हैं।
यदि यही रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह पहली बार होगा जब ठाकरे परिवार बीएमसी की सत्ता से बाहर हो सकता है।
🔸 मुंबई की राजनीति में ऐतिहासिक मोड़
बीएमसी चुनाव 2026 सिर्फ नगर निगम का चुनाव नहीं है, बल्कि यह मुंबई की राजनीति की दिशा तय करने वाला चुनाव बन गया है। एक तरफ बीजेपी-शिंदे गठबंधन इसे अपनी सियासी वैधता के रूप में देख रहा है, तो दूसरी तरफ उद्धव ठाकरे के लिए यह चुनाव अस्तित्व की लड़ाई बन गया है।
जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ेगी, तस्वीर और साफ होगी कि मुंबई का अगला “किंग” कौन बनेगा।
The BMC Election Results 2026 highlight a major political shift in Mumbai as the BJP–Shiv Sena (Shinde) alliance emerges with a strong lead in the Mumbai Municipal Corporation elections. Early trends suggest a decline in the influence of the Congress party and challenges for Uddhav Thackeray’s Shiv Sena in retaining control over the BMC. These civic poll results are expected to reshape Mumbai’s political landscape and impact future state-level politics in Maharashtra.



















