AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में आयोजित एक विशाल जनसभा में नगीना से सांसद और आज़ाद समाज पार्टी (काशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद ने केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि 11 तारीख को दिल्ली का चक्का जाम किया जाएगा और यूजीसी (UGC) से जुड़े मुद्दे पर सरकार को जवाबदेह बनाया जाएगा।
कपूरपुर छिबरामऊ में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आज़ाद ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार को इतनी आसानी से बचकर निकलने नहीं दिया जाएगा। उनका कहना था कि यूजीसी से जुड़े फैसलों के कारण देशभर के छात्र असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और अब चुप बैठने का समय नहीं है।
📢 यूजीसी के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष पर निशाना
अपने भाषण में चंद्रशेखर आज़ाद ने केवल सरकार ही नहीं, बल्कि विपक्षी दलों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब यूजीसी के खिलाफ देशभर में आंदोलन चल रहे थे, तब कई विपक्षी दलों के नेताओं ने चुप्पी साध ली थी।
उन्होंने कहा,
“जो लोग खुद को छात्रों और युवाओं का हितैषी बताते हैं, वही इस मुद्दे पर खामोश रहे। उस समय सिर्फ आज़ाद समाज पार्टी सड़कों पर थी और छात्रों की आवाज़ उठा रही थी।”
उनका आरोप था कि हर साल शिक्षण संस्थानों में छात्रों की जान जा रही है, लेकिन सरकार और बड़े नेता इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान नहीं दे रहे।
📜 संविधान और सामाजिक न्याय पर ज़ोर
चंद्रशेखर आज़ाद ने अपने भाषण में भारतीय संविधान को गरीबों, दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्गों की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि संविधान की मूल भावना समान अधिकार और सामाजिक न्याय है, लेकिन मौजूदा नीतियां इस भावना को कमजोर कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को सत्ता में आने का मौका मिला, उन्होंने आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने का काम किया। इससे समाज के कमजोर वर्गों के बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ रहा है।
🏫 सरकारी स्कूलों को लेकर बड़ा वादा
सभा के दौरान चंद्रशेखर आज़ाद ने शिक्षा व्यवस्था पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद उनकी पार्टी सबसे पहले सरकारी स्कूलों की बुनियाद मजबूत करेगी।
उनका कहना था कि सरकारी स्कूलों में ऐसी शिक्षा दी जाएगी, जो प्राइवेट स्कूलों में हजारों रुपये खर्च करने के बाद भी नहीं मिलती।
उन्होंने कहा,
“हम ऐसा सिस्टम बनाएंगे कि बड़े-बड़े उद्योगपतियों के बच्चे भी सरकारी स्कूलों में पढ़ने को मजबूर होंगे।”
⚠️ अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील
चंद्रशेखर आज़ाद ने लोगों से अपने अधिकारों के प्रति सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज को दोस्त और दुश्मन की पहचान करनी होगी, क्योंकि कई बार दुश्मन दोस्त बनकर पीछे से वार कर देता है।
उन्होंने कहा कि अगर जनता समय रहते नहीं जागी, तो आने वाली पीढ़ियों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
🗳️ एसआईआर पर गंभीर आरोप
भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी के प्रमुख ने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके जरिए दलितों और वंचित वर्गों के वोट काटने की साजिश की जा रही है।
उनका कहना था कि फर्जी तरीके से नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने वोटर लिस्ट में नाम की जांच जरूर करें।
👩🦰 महिलाओं को पैसे देकर वोट खरीदने का आरोप
पत्रकारों से बातचीत के दौरान चंद्रशेखर आज़ाद ने चुनाव से पहले महिलाओं को पैसे देने की योजनाओं पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि वह महिलाओं के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन चुनाव के समय चार-छह हजार रुपये देकर वोट खरीदना लोकतंत्र की हत्या है।
उन्होंने कहा,
“अगर सरकार सच में महिलाओं का भला चाहती है, तो पॉलिसी बनाकर पांच साल में एक-एक लाख रुपये दे। हम समर्थन करेंगे। लेकिन चुनाव के समय पैसे बांटना चुनाव आयोग के सामने वोट चोरी है।”
🚧 11 तारीख को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
चंद्रशेखर आज़ाद ने ऐलान किया कि 11 तारीख को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को मजबूर किया जाएगा कि वह कोर्ट में मजबूती से पैरवी करे और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करे।
उन्होंने दो टूक कहा,
“अगर जरूरत पड़ी तो दिल्ली का चक्का जाम कर दिया जाएगा। हम अपने बच्चों की हत्या होते नहीं देख सकते।”
MP Chandrashekhar Azad, national president of Azad Samaj Party and Bhim Army leader, has announced a Delhi chakka jam on 11th to protest against UGC-related issues. Addressing a massive rally in Kannauj, Chandrashekhar Azad criticized the central government, opposition parties, and the SIR voter verification process. He also raised concerns about education reforms, government schools, election freebies, and alleged attempts to suppress Dalit and marginalized voters. The protest at Jantar Mantar aims to pressure the government into taking responsibility for student safety and constitutional rights.


















