AIN NEWS 1: मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक और विवादित भोजशाला परिसर में आज एक बेहद संवेदनशील लेकिन ऐतिहासिक दिन देखने को मिला। लंबे समय से चले आ रहे भोजशाला विवाद के बीच इस बार बसंत पंचमी और शुक्रवार (जुमे की नमाज़) एक ही दिन पड़ने से तनाव की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किए गए विशेष समय और स्थान विभाजन के फार्मूले के चलते स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी हुई है।
आज भोजशाला परिसर में जहां एक ओर हिंदू श्रद्धालु बसंत पंचमी की पूजा-अर्चना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम समुदाय के लोग जुमे की नमाज़ अदा कर रहे हैं। यह दृश्य धार्मिक सहअस्तित्व और संवैधानिक संतुलन का प्रतीक बन गया है।
📜 भोजशाला विवाद की पृष्ठभूमि
धार स्थित भोजशाला को लेकर वर्षों से विवाद चला आ रहा है। हिंदू पक्ष इसे देवी सरस्वती का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता है। समय-समय पर पूजा और नमाज़ को लेकर टकराव की स्थिति बनती रही है, जिस कारण यह मामला अदालत तक पहुंचा।
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सुप्रीम कोर्ट ने इस संवेदनशील मुद्दे पर यथास्थिति बनाए रखने और शांति सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। अदालत के निर्देशानुसार, विशेष अवसरों पर पूजा और नमाज़ के लिए समय का बंटवारा किया जाता है ताकि किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट का विशेष फार्मूला
इस बार बसंत पंचमी और जुमे की नमाज़ एक ही दिन पड़ने से प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती थी। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले से तय टाइम-स्लॉट फार्मूले को लागू किया गया।
सुबह के समय हिंदू श्रद्धालुओं को बसंत पंचमी की पूजा की अनुमति
दोपहर में मुस्लिम समुदाय को जुमे की नमाज़ अदा करने की इजाजत
इस स्पष्ट व्यवस्था के चलते दोनों धार्मिक अनुष्ठान बिना किसी टकराव के संपन्न हो रहे हैं।
🚨 सुरक्षा के कड़े इंतजाम
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने करीब 8,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है। भोजशाला परिसर और उसके आसपास के इलाकों में:
पुलिस
आरएएफ
एसएएफ
होमगार्ड
ड्रोन और सीसीटीवी निगरानी
जैसे व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। पूरे क्षेत्र को कंट्रोल ज़ोन घोषित किया गया है और बाहरी लोगों की आवाजाही पर सख्त नजर रखी जा रही है।
धार जिला प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद है और हालात पर हर पल नजर रखी जा रही है।
🗣️ प्रशासन और सरकार की अपील
मध्य प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने सभी समुदायों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की अफवाह फैलाने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि,
“भोजशाला सभी की साझा विरासत है। कानून और न्यायालय के निर्देशों के तहत सभी को अपने-अपने धार्मिक अधिकारों का पालन करने का अवसर दिया जा रहा है।”
🕊️ धार्मिक सौहार्द का संदेश
आज भोजशाला से जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे बताती हैं कि संवेदनशील मुद्दों का समाधान संवाद, कानून और आपसी समझ से संभव है। एक ही परिसर में, एक ही दिन, दो अलग-अलग धर्मों के लोग अपने-अपने रीति-रिवाजों के साथ शांतिपूर्वक इबादत कर रहे हैं।
यह न केवल धार बल्कि पूरे देश के लिए धार्मिक सहिष्णुता और संविधानिक संतुलन का एक सकारात्मक उदाहरण बन गया है।
धार भोजशाला में आज का दिन इतिहास में दर्ज हो सकता है, जहां विवाद के बावजूद शांति, संयम और कानून की जीत देखने को मिली। सुप्रीम कोर्ट के फार्मूले और प्रशासन की सतर्कता ने यह साबित कर दिया कि धार्मिक विविधता के साथ भी सामाजिक सौहार्द बनाए रखा जा सकता है।
The Dhar Bhojshala dispute in Madhya Pradesh witnessed a peaceful resolution as Basant Panchami puja and Friday Jumma namaz were conducted on the same day under a Supreme Court-approved formula. Heavy security deployment ensured religious harmony at the historic Bhojshala complex, making it a strong example of constitutional balance and communal coexistence in India.


















