Etawah accident: Speeding auto hits 5 women on morning walk, inspector’s wife killed, 4 injured
इटावा हादसा: तेज रफ्तार टेंपो ने पांच महिलाओं को रौंदा, दरोगा की पत्नी की मौत, चार घायल
AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के भरथना कस्बे में शुक्रवार की सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। रोज की तरह सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकली पांच महिलाएं जब अपने घर लौट रही थीं, तभी पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार टेंपो ने उन्हें रौंद दिया। इस दुर्घटना में लखनऊ में तैनात दरोगा राजेंद्र यादव की पत्नी ललिता यादव (45) की मौत हो गई, जबकि चार अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं।
हादसा कैसे हुआ?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा सुबह करीब 6 बजे के आसपास हुआ। भरथना कस्बे के पास एक संकरी सड़क पर पांच महिलाएं एक साथ टहल रही थीं। उसी दौरान पीछे से तेज गति से आ रहा एक ऑटो (टेंपो) अचानक नियंत्रण खो बैठा और सीधे उन महिलाओं को टक्कर मार दी।
महिलाओं के गिरते ही मौके पर अफरातफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को सड़क से हटाकर अस्पताल भेजने के लिए एंबुलेंस को बुलाया।
मृतक महिला ललिता यादव कौन थीं?
ललिता यादव, 45 वर्षीय गृहिणी थीं और लखनऊ में तैनात उपनिरीक्षक (दरोगा) राजेंद्र यादव की पत्नी थीं। हादसे के बाद उन्हें सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। परिवार में अचानक हुए इस हादसे से मातम का माहौल है।
अन्य घायल महिलाएं
दुर्घटना में घायल हुई चार महिलाओं की पहचान स्थानीय निवासी के रूप में हुई है। इन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार दो महिलाओं की हालत बेहद गंभीर है, जिन्हें सैफई रेफर किया गया। बाकी दो महिलाओं का इलाज जारी है और वे खतरे से बाहर बताई जा रही हैं।
चालक मौके से फरार
हादसे के बाद टेंपो चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों के सहयोग से पुलिस ने टेंपो को जब्त कर लिया है। पुलिस का कहना है कि चालक की पहचान हो चुकी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
भरथना थाना प्रभारी ने बताया कि “घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में लापरवाही या शराब के नशे में गाड़ी चलाने की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज होगा।”
मॉर्निंग वॉक पर खतरे की घंटी
यह हादसा एक बार फिर मॉर्निंग वॉक के दौरान सड़क पर चलने की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में जहां सड़कें संकरी हैं और ट्रैफिक का दबाव ज्यादा होता है, वहां सुबह के समय पैदल चलने वालों के लिए अलग से फुटपाथ या सुरक्षित लेन उपलब्ध नहीं होती।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे वाली सड़क पर पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं। लेकिन प्रशासन ने सड़क सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। लोगों ने मांग की है कि मॉर्निंग वॉक के लिए विशेष लेन बनाई जाए या ट्रैफिक को सुबह के समय सीमित किया जाए।
परिजनों का आक्रोश
मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके पति राजेंद्र यादव लखनऊ में दरोगा के पद पर तैनात हैं और ड्यूटी पर होने के कारण घर पर नहीं थे। घटना की सूचना मिलते ही वे भी इटावा पहुंचे। परिजनों का कहना है कि यह दुर्घटना केवल चालक की लापरवाही का नतीजा है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि चालक को जल्द गिरफ्तार किया जाए और उसे कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।
प्रशासन का रुख
इटावा के एसपी ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। घायलों का इलाज प्राथमिकता पर किया जा रहा है। साथ ही, टेंपो चालक की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।
प्रशासन ने इस हादसे में मृतक के परिजनों को सरकारी सहायता देने का आश्वासन भी दिया है।
सड़क सुरक्षा की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हादसों को रोकने के लिए सड़क पर चलने वाले पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित जगह की जरूरत है। छोटे कस्बों और गांवों में, जहां लोग मॉर्निंग वॉक करते हैं, वहां प्रशासन को पैदल लेन बनाने पर विचार करना चाहिए। साथ ही, तेज रफ्तार गाड़ियों पर रोक और चालकों की नियमित जांच भी जरूरी है।
लोगों की अपील
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क पर धरना देकर प्रशासन से मांग की कि:
1. मॉर्निंग वॉक के लिए अलग रास्ता या फुटपाथ बनाया जाए।
2. तेज रफ्तार गाड़ियों पर नियंत्रण के लिए पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।
3. आरोपी चालक को जल्द गिरफ्तार कर उदाहरण पेश किया जाए।
इटावा का यह हादसा केवल एक परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके के लिए सदमे जैसा है। यह घटना एक बार फिर इस बात को सामने लाती है कि सड़क पर चलने वालों की सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत है। हर नागरिक को सावधानी बरतनी चाहिए, वहीं प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
The tragic Etawah accident in Bharthana town shocked locals when a speeding auto hit five women returning from their morning walk, resulting in the death of a police inspector’s wife and leaving four women injured. The Uttar Pradesh road accident highlights the urgent need for improved pedestrian safety and stricter traffic regulations to prevent such incidents in future.


















