AIN NEWS 1: गौतमबुद्धनगर के पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले जारचा थाना क्षेत्र से एक बड़ी ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने बेहद सक्रियता और सूझबूझ का परिचय देते हुए करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह फर्जी रजिस्ट्री के जरिए लोगों को निशाना बनाकर करोड़ों की ठगी कर रहा था।

कैसे हुआ खुलासा?
24 अप्रैल 2026 को जारचा थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कुछ लोग नकली दस्तावेजों के जरिए जमीन की रजिस्ट्री कराकर बड़े स्तर पर ठगी कर रहे हैं। पुलिस ने इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर जाल बिछाया।
इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीम ने समाना नहर के पास से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि ये गिरोह फर्जी कागजात तैयार कर जमीन बेचने का नाटक करता था और लोगों से मोटी रकम ऐंठता था।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
पुलिस ने जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार हुई है:
प्रदीप राणा (53 वर्ष) – निवासी सहारा होम्स, लालकुआं, गाजियाबाद
खुशबू देवी (45 वर्ष) – निवासी करमतोला, आरा, बिहार
ज्योत्सना (42 वर्ष) – मूल निवासी आरा (बिहार), वर्तमान पता प्रताप विहार, गाजियाबाद
पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी मिलकर संगठित तरीके से इस धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे।
कितनी हुई ठगी?
इस गिरोह ने फर्जी रजिस्ट्री के माध्यम से करीब 3 करोड़ 3 लाख रुपये की ठगी की है। यह रकम अलग-अलग लोगों से जमीन के नाम पर ली गई थी, जिसमें नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
बरामदगी क्या हुई?
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई अहम चीजें बरामद की हैं:
04 मोबाइल फोन
04 एटीएम कार्ड
01 स्कॉर्पियो कार (रजिस्ट्रेशन नंबर: HR51CL3223)
इन सामानों से पुलिस को उम्मीद है कि और भी ठगी के मामलों का खुलासा हो सकता है।
दर्ज मुकदमे
पुलिस ने इस मामले में कुल 5 मुकदमे दर्ज किए हैं। सभी मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। ये धाराएं धोखाधड़ी, जालसाजी और साजिश से जुड़ी गंभीर अपराधों को दर्शाती हैं।
कैसे काम करता था गिरोह?
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पहले ऐसे लोगों को टारगेट करता था जो जमीन खरीदने के इच्छुक होते थे। फिर उन्हें कम कीमत में जमीन दिलाने का झांसा देकर नकली रजिस्ट्री तैयार की जाती थी। जब तक पीड़ित को सच्चाई का पता चलता, आरोपी पैसे लेकर फरार हो जाते थे।
पुलिस की भूमिका
इस पूरे मामले में जारचा थाना पुलिस की भूमिका बेहद सराहनीय रही। समय रहते कार्रवाई कर पुलिस ने न सिर्फ आरोपियों को पकड़ा बल्कि एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश भी किया। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
आगे की जांच
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इनका नेटवर्क अन्य जिलों या राज्यों तक फैला हुआ है।
In a major breakthrough, Greater Noida police in Gautam Budh Nagar exposed a fake registry scam involving ₹3.03 crore land fraud. The Jaracha police arrested three accused who used forged documents to manipulate property deals and cheat innocent buyers. The police recovered multiple mobile phones, ATM cards, and a Scorpio vehicle, indicating a well-organized real estate scam network operating across regions


















