AIN NEWS 1 | पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) मोहम्मद मुस्तफा और उनकी पत्नी, राज्य की पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना, एक सनसनीखेज हत्या के मामले में फंस गए हैं। उनके 35 वर्षीय बेटे अकील अख्तर की रहस्यमय मौत ने पूरे पंजाब में हड़कंप मचा दिया है। पहले इसे दवाइयों की ओवरडोज़ बताकर आत्महत्या कहा गया था, लेकिन अब मामला हत्या और साजिश तक पहुंच चुका है। पंचकूला पुलिस ने मुस्तफा, रजिया सुल्ताना और परिवार के तीन अन्य सदस्यों के खिलाफ हत्या और आपराधिक षड्यंत्र का केस दर्ज कर लिया है।

पूर्व DGP मुस्तफा के बेटे के खुलासे , होश उड़ जाएँगे अकील की बाते सुन कर pic.twitter.com/qpuLezl9Lw
— Gurpreet Garry Walia (@garrywalia_) October 18, 2025
संदिग्ध मौत से उठा सवाल
16 अक्टूबर की रात, पंचकूला स्थित घर में अकील अख्तर मृत पाए गए। परिवार ने दावा किया कि वे कुछ समय से मानसिक तनाव में थे और दवाइयों का ओवरडोज़ लेने से उनकी मौत हुई। परंतु जब पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू की, तो मामला उतना सरल नहीं लगा। जांच के दौरान पुलिस को एक पुराना वीडियो मिला जिसने इस पूरी कहानी का रुख ही बदल दिया।
27 अगस्त का वीडियो बना जांच का केंद्र
अकील द्वारा 27 अगस्त को रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो बयान अब इस केस का सबसे अहम सबूत बन चुका है।
इस वीडियो में अकील ने अपने पिता मोहम्मद मुस्तफा, मां रजिया सुल्ताना, और पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि उनके पिता और उनकी पत्नी के बीच अवैध संबंध हैं, और पूरा परिवार मिलकर उनकी हत्या की साजिश रच रहा है।
वीडियो में अकील ने यह भी बताया था कि उन्हें पिछले कई महीनों से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।
उनकी मौत के बाद जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो पूरे पंजाब में हलचल मच गई और पुलिस ने तुरंत इसकी तकनीकी जांच शुरू कर दी।
पड़ोसी की शिकायत से शुरू हुई कानूनी कार्रवाई
अकील के पड़ोसी शमसुद्दीन ने यह वीडियो देखने और अपने अनुभवों के आधार पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
उनका कहना था कि अकील की मौत आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। उन्होंने यह भी बताया कि अकील को परिवार के कुछ सदस्यों द्वारा मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था और उसकी जान लेने की योजना पहले से बनाई गई थी।
शिकायत के आधार पर पंचकूला के मनसा देवी थाने में मोहम्मद मुस्तफा, रजिया सुल्ताना, उनकी बेटी और पुत्रवधू समेत पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या) और 61 (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत केस दर्ज किया गया है।
पुलिस जांच तेज़, डिजिटल सबूतों की पड़ताल
पुलिस ने जांच में तेजी लाते हुए अकील के मोबाइल फोन, लैपटॉप और सोशल मीडिया अकाउंट्स को जब्त कर लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि वे यह पता लगा रहे हैं कि मौत से पहले अकील किन लोगों के संपर्क में था और क्या उस पर किसी तरह का दबाव या धमकी दी जा रही थी।
साथ ही, वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि यह साबित किया जा सके कि उसमें किसी तरह की एडिटिंग या छेड़छाड़ नहीं की गई है।
राजनीतिक हलकों में मचा तूफ़ान
मोहम्मद मुस्तफा पंजाब पुलिस के सीनियर अधिकारियों में गिने जाते हैं। वे लंबे समय तक कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर रहे।
उनकी पत्नी रजिया सुल्ताना भी कांग्रेस की प्रमुख महिला नेताओं में से एक हैं।
जैसे ही यह मामला सार्वजनिक हुआ, पंजाब के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई।
कुछ नेताओं ने इसे “राजनीतिक षड्यंत्र” बताया, जबकि अन्य ने कहा कि यह “कानूनी जांच का मामला” है, जिसमें किसी को भी कानून से ऊपर नहीं रखा जा सकता।
पड़ोसियों के बयान से गहराया संदेह
अकील के कई पड़ोसियों ने मीडिया को बताया कि पिछले कुछ महीनों से उनके घर में अक्सर झगड़े की आवाजें सुनी जाती थीं।
एक पड़ोसी ने बताया, “अकील हमेशा परेशान रहता था। वह कई बार घर से बाहर आता और बिना कुछ बोले वापस चला जाता था।”
इन बयानों ने पुलिस को यह संकेत दिया कि अकील की मौत स्वाभाविक नहीं, बल्कि किसी गहरे पारिवारिक विवाद का नतीजा हो सकती है।
परिवार की चुप्पी बनी रहस्य
मोहम्मद मुस्तफा और रजिया सुल्ताना ने अब तक इस पूरे प्रकरण पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।
उनके परिवार की ओर से सिर्फ इतना कहा गया है कि वे कानून पर भरोसा रखते हैं और पुलिस जांच में पूरा सहयोग देंगे।
हालांकि, कांग्रेस पार्टी के कुछ नेताओं ने दावा किया है कि मुस्तफा के खिलाफ यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा हो सकती है।
जांच की अगली दिशा और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
पंचकूला पुलिस ने अकील की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों को अदालत में जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई तय की जाएगी।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि यदि वीडियो सत्य और बिना एडिटिंग का साबित होता है, तो केस सीधा हत्या और पारिवारिक साजिश की दिशा में जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि वे हर कोण से जांच कर रहे हैं ताकि किसी निर्दोष को फंसाया न जाए और किसी दोषी को बचाया न जा सके।
नतीजा क्या निकल सकता है?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अकील की मौत को हत्या साबित कर दिया गया, तो यह पंजाब पुलिस और राजनीति के इतिहास में सबसे चौंकाने वाले मामलों में से एक होगा।
यह केस न केवल एक परिवारिक त्रासदी बन चुका है, बल्कि यह दिखाता है कि सत्ता और पद से ऊपर सत्य और न्याय की ताकत हमेशा बड़ी होती है।





