AIN NEWS 1 | गाजियाबाद में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जनसुनवाई में लापरवाही और फील्ड में सक्रियता की कमी को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड ने उच्च अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में एडिशनल पुलिस कमिश्नर केशव कुमार चौधरी, एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर राजकरन नैय्यर, डीसीपी धवल जायसवाल और डीसीपी एनएन तिवारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि थानों में जनसुनवाई की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
फील्ड में सक्रियता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। पुलिस कमिश्नर ने निर्देश दिए कि बीट सिपाही से लेकर एसीपी स्तर तक के अधिकारी नियमित रूप से अपने-अपने क्षेत्रों में निकलें और जमीनी स्थिति का जायजा लें। उनका कहना था कि केवल कार्यालय में बैठकर काम करने से कानून व्यवस्था मजबूत नहीं हो सकती, बल्कि इसके लिए फील्ड में सक्रिय उपस्थिति जरूरी है।
बैठक के दौरान ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली पर भी नाराजगी जताई गई। पुलिस कमिश्नर ने ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए और कहा कि लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए यह निर्देश काफी अहम माने जा रहे हैं।
इसी क्रम में कार्रवाई करते हुए तीन दरोगाओं को लाइन हाजिर किया गया है। इनमें मोदीनगर थाने में तैनात दरोगा विपिन दहिया, मोदीनगर में ही तैनात दरोगा लवकुश दीक्षित और ट्रोनिका सिटी थाने के दरोगा राहुल कुमार शामिल हैं। ये तीनों 2023 बैच के दरोगा हैं और इनके खिलाफ लापरवाही की शिकायतें डीसीपी स्तर पर प्राप्त हुई थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर ने तत्काल प्रभाव से इन तीनों को लाइन हाजिर करने के निर्देश दिए।
पुलिस कमिश्नर ने इस दौरान अन्य थाना प्रभारियों को भी कड़ी चेतावनी दी और स्पष्ट किया कि यदि किसी भी अधिकारी की कार्यप्रणाली में लापरवाही पाई गई तो इसी तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्य के प्रति जवाबदेह रहने और अनुशासन बनाए रखने की नसीहत दी।
बैठक में सभी थानों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा भी की गई। खासतौर पर अवैध नशे के कारोबार, उसके सेवन और अवैध हथियारों की तस्करी व रखरखाव के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ की प्रगति पर चर्चा हुई। एक जनवरी 2024 से 20 अप्रैल तक के आंकड़ों की समीक्षा करते हुए पुलिस कमिश्नर ने निर्देश दिए कि इस अभियान को और प्रभावी बनाया जाए और ऐसे अपराधों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाए।
इसके अलावा लंबित विवेचनाओं को लेकर भी अधिकारियों को फटकार लगाई गई। एसीपी स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें और जांच प्रक्रिया में तेजी लाएं। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि लंबित मामलों के कारण न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है, इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाना चाहिए।
इस पूरी कार्रवाई और सख्त निर्देशों से साफ है कि गाजियाबाद पुलिस अब कानून व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई के मूड में नहीं है। आने वाले समय में पुलिस की कार्यशैली में और अधिक सक्रियता और सख्ती देखने को मिल सकती है।
मुख्य बिंदु
- जनसुनवाई में लापरवाही और फील्ड में सक्रियता की कमी पर पुलिस कमिश्नर सख्त
- मोदीनगर और ट्रोनिका सिटी के 3 दरोगा लाइन हाजिर
- ऑपरेशन प्रहार और लंबित मामलों को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश


















