AIN NEWS 1 | गाजियाबाद के पटेलनगर थाना क्षेत्र में शनिवार तड़के एक एयर कंडीशनर सर्विस सेंटर में भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी तीन मंजिला बिल्डिंग इसकी चपेट में आ गई। हादसे के दौरान एसी गैस सिलेंडर और कंप्रेसर फटने से लगातार धमाकों की आवाजें आती रहीं। करीब आधे घंटे तक आसपास के लोग तेज धमाकों और धुएं के कारण दहशत में रहे।
इस दर्दनाक हादसे में सर्विस सेंटर की रखवाली कर रहे 80 वर्षीय बुजुर्ग कर्मचारी की जिंदा जलकर मौत हो गई। वहीं आग की चपेट में आकर 12 वाहन भी जल गए। सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की आठ गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
तड़के 3 बजे शुरू हुआ हादसा

स्थानीय लोगों के अनुसार, पटेलनगर इलाके में ओमकार तोमर का एयर कंडीशनर सर्विस सेंटर एक तीन मंजिला बिल्डिंग में संचालित होता है। शुक्रवार रात रोज की तरह दुकान बंद कर मालिक अपने घर चला गया था। सेंटर की सुरक्षा के लिए वहां 80 वर्षीय कर्मचारी त्रिलोकीनाथ रुके हुए थे।
रात करीब 3 बजे आसपास रहने वाले लोगों को अचानक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। लोग घरों से बाहर निकले तो देखा कि सर्विस सेंटर की बिल्डिंग से आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठ रही थीं। पूरे इलाके में घना धुआं फैल चुका था।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुछ-कुछ देर में अंदर रखे गैस सिलेंडर और एसी कंप्रेसर फटने की आवाजें आ रही थीं। धमाकों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि आसपास के लोग दहशत में आ गए।
आग ने कुछ ही मिनटों में पूरी बिल्डिंग को घेरा
स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। हालांकि आग तेजी से फैलती चली गई और कुछ ही देर में पूरी बिल्डिंग आग की चपेट में आ गई। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं।
सर्विस सेंटर के अंदर बड़ी संख्या में एयर कंडीशनर, गैस सिलेंडर, कंप्रेसर और इलेक्ट्रॉनिक सामान रखा हुआ था। इसी कारण आग लगातार बढ़ती गई और विस्फोट होते रहे।
इलाके के लोगों ने बताया कि लगातार हो रहे धमाकों के कारण आसपास के मकानों में रहने वाले लोग घरों से बाहर निकल आए। कई लोगों ने अपने परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की 8 गाड़ियां

सूचना मिलने के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। आग की गंभीरता को देखते हुए वैशाली, साहिबाबाद और मोदीनगर फायर स्टेशन से भी अतिरिक्त गाड़ियां बुलानी पड़ीं।
कुल आठ फायर टेंडर की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। फायरकर्मियों को आग बुझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा क्योंकि बिल्डिंग के अंदर घना धुआं भरा हुआ था और लगातार विस्फोट हो रहे थे।
फायर ब्रिगेड की टीम सुरक्षा उपकरणों के साथ बिल्डिंग के अंदर दाखिल हुई। अंदर पहुंचने पर कई एसी मशीनें और इलेक्ट्रॉनिक सामान पूरी तरह जल चुके थे।
अंदर मिला बुजुर्ग कर्मचारी का शव

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान फायरकर्मियों को बिल्डिंग के अंदर एक बुजुर्ग व्यक्ति का शव मिला। शव पूरी तरह झुलस चुका था। बाद में वहां मौजूद लोगों ने उनकी पहचान 80 वर्षीय त्रिलोकीनाथ के रूप में की।
बताया गया कि त्रिलोकीनाथ रोज की तरह रात में सेंटर की रखवाली के लिए रुके थे। आग लगने के बाद उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया और वह अंदर ही फंस गए।
फायर ब्रिगेड की टीम ने शव को बाहर निकाला, जिसके बाद पुलिस ने उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
12 वाहन जलकर हुए खाक
आग का असर सिर्फ बिल्डिंग तक सीमित नहीं रहा। बिल्डिंग के नीचे खड़े कई वाहन भी इसकी चपेट में आ गए। पुलिस और फायर विभाग के अनुसार, आग में दो कार और दस बाइक पूरी तरह जल गईं।
वाहनों में आग लगने से नुकसान और बढ़ गया। कई वाहनों के टायर और फ्यूल टैंक जलने के कारण भी धमाके होते रहे।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर समय रहते फायर ब्रिगेड नहीं पहुंचती, तो आग आसपास की इमारतों तक भी फैल सकती थी।
डेढ़ घंटे बाद आग पर पाया गया काबू
सीएफओ गाजियाबाद राहुल पाल ने बताया कि सुबह करीब 2:40 बजे आग लगने की सूचना फायर विभाग को मिली थी। टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई।
उन्होंने कहा कि आग बहुत भीषण थी और बिल्डिंग के अंदर धुआं भरा होने के कारण ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बन गया था। करीब डेढ़ घंटे की लगातार कोशिशों के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
राहुल पाल के अनुसार, शुरुआती जांच में आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि माना जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट या एसी उपकरणों में तकनीकी खराबी इसके पीछे कारण हो सकती है। मामले की जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार धमाकों की आवाज सुनकर उन्हें लगा जैसे किसी फैक्ट्री में बड़ा विस्फोट हो गया हो।
आसपास के निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि रिहायशी इलाकों में इस तरह के ज्वलनशील सामान रखने वाले व्यवसायों की नियमित जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
जांच में जुटी पुलिस और प्रशासन
पुलिस और फायर विभाग अब पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि बिल्डिंग की सुरक्षा व्यवस्था, फायर सेफ्टी उपकरण और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की भी जांच की जाएगी।
फिलहाल हादसे के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। यह घटना एक बार फिर रिहायशी इलाकों में संचालित व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।


















