spot_imgspot_img

गाजियाबाद में नारियल के जूट और POP से बन रही गणेश प्रतिमाएं, 500 से 25 हजार तक कीमत

spot_img

Date:

AIN NEWS 1 गाजियाबाद। गणेश चतुर्थी को लेकर शहर में तैयारियां तेज हो गई हैं। बाजारों में जहां पूजा सामग्री और सजावट का सामान पहुंचने लगा है, वहीं गणेश प्रतिमाएं बनाने वाले कारीगर भी दिन-रात अपने काम में जुटे हुए हैं। गाजियाबाद में हापुड़ चुंगी के पास इन दिनों भगवान गणेश की अलग-अलग आकार और डिजाइन वाली प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। खास बात यह है कि इन मूर्तियों को तैयार करने में अब पारंपरिक चिकनी मिट्टी के साथ-साथ POP और नारियल के जूट का इस्तेमाल भी किया जा रहा है।

यहां राजस्थान के जोधपुर से आए चार परिवार पिछले करीब 40 वर्षों से देवी-देवताओं की प्रतिमाएं बनाने का काम कर रहे हैं। परिवार की कई पीढ़ियां इसी हुनर से जुड़ी हुई हैं। गणेश चतुर्थी नजदीक आते ही इन कारीगरों के यहां काम कई गुना बढ़ जाता है। गाजियाबाद के अलावा आसपास के इलाकों से भी लोग अपनी पसंद के आकार, डिजाइन और रंग के अनुसार गणेश प्रतिमाएं बनवाने पहुंच रहे हैं।

पहले मिट्टी से बनती थीं प्रतिमाएं

मूर्ति बनाने वाले कारीगर बताते हैं कि कुछ समय पहले तक देवी-देवताओं की प्रतिमाएं तैयार करने में चिकनी और प्राकृतिक मिट्टी का इस्तेमाल प्रमुख रूप से किया जाता था। मिट्टी को पानी के साथ अच्छी तरह गूंथकर तैयार किया जाता था। इस दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता था कि मिट्टी में किसी तरह की गांठ या हवा के बुलबुले न रह जाएं।

इसके बाद मूर्ति के अलग-अलग हिस्सों को आकार दिया जाता था। हालांकि अब समय और जरूरत के अनुसार मूर्ति बनाने की तकनीक में बदलाव आया है। कई कारीगर POP के साथ नारियल के जूट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे प्रतिमा का वजन और मजबूती जरूरत के अनुसार तैयार की जा सकती है।

ऐसे तैयार होती है गणेश प्रतिमा

कारीगर अजय के मुताबिक, सबसे पहले POP को पानी में मिलाकर उसका मिश्रण तैयार किया जाता है। इसके बाद उसमें नारियल का जूट मिलाया जाता है। बड़ी प्रतिमाओं में जूट की मात्रा अधिक रखी जाती है, खासकर उन हिस्सों में जहां अतिरिक्त मजबूती की जरूरत होती है।

करीब 12 इंच से बड़ी प्रतिमाओं में जूट का इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है। इसे मूर्ति के निचले और पिछले हिस्से में लगाया जाता है। इसका फायदा यह होता है कि प्रतिमा को उठाने या एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के दौरान उसके टूटने का खतरा कम रहता है।

मूर्ति के आकार और डिजाइन के हिसाब से उसका ढांचा तैयार किया जाता है। इसके बाद चेहरे, हाथ, कान, पेट, सूंड और अन्य हिस्सों को बारीकी से आकार दिया जाता है। गणेश प्रतिमा में छोटी-छोटी चीजों का विशेष महत्व होने के कारण कारीगरों को हर हिस्से पर काफी समय देना पड़ता है।

छोटी मूर्ति कुछ घंटों में तैयार

कारीगर पूनम बताती हैं कि वह करीब 8 साल की उम्र से मूर्ति बनाने का काम कर रही हैं। गणेश चतुर्थी से लगभग तीन महीने पहले ही उनके यहां काम बढ़ना शुरू हो जाता है। त्योहार करीब आने के साथ ऑर्डर भी बढ़ते जाते हैं।

उनके मुताबिक, अलग-अलग डिजाइन के लिए रबर के सांचे पहले से तैयार रखे जाते हैं। इससे एक ही डिजाइन की प्रतिमा को अपेक्षाकृत कम समय में तैयार किया जा सकता है। छोटी प्रतिमा करीब तीन घंटे में तैयार हो सकती है, जबकि बड़ी प्रतिमा बनाने में दो से तीन दिन तक लग जाते हैं।

मूर्ति का ढांचा तैयार होने के बाद उसे अच्छी तरह सुखाया जाता है। बारिश के मौसम में यह काम और चुनौतीपूर्ण हो जाता है, क्योंकि नमी की वजह से मूर्ति को सूखने में अधिक समय लग सकता है। इसलिए कारीगर प्रतिमाओं को ऐसी जगह रखते हैं, जहां बारिश का पानी या अधिक नमी न पहुंच सके।

बड़ी प्रतिमाओं को पूरी तरह तैयार करने, सुखाने और रंग करने में करीब 20 से 25 दिन तक का समय लग सकता है।

रंग और सजावट में भी खास ध्यान

प्रतिमा तैयार होने के बाद सबसे महत्वपूर्ण चरण उसकी रंगाई का होता है। कारीगर बताते हैं कि गणेश जी की प्रतिमा के चेहरे और आंखों में खास बारीकी रखी जाती है। आंखों की बनावट प्रतिमा के पूरे रूप को प्रभावित करती है।

छोटे हिस्सों में ब्रश से हाथ से रंग किया जाता है, जबकि मूर्ति के बड़े हिस्सों में काम तेजी से पूरा करने के लिए मशीन की मदद भी ली जाती है। रंगों के चुनाव में ग्राहक की पसंद का भी ध्यान रखा जाता है।

कई ग्राहक पहले से अपना डिजाइन या फोटो दिखाकर उसी तरह की प्रतिमा तैयार करने के लिए कहते हैं। कारीगरों का कहना है कि ग्राहक की मांग के अनुसार मूर्ति का आकार, मुद्रा, रंग और सजावट बदली जा सकती है।

500 रुपये से 25 हजार रुपये तक कीमत

यहां तैयार होने वाली गणेश प्रतिमाओं की कीमत उनके आकार, डिजाइन और सजावट के आधार पर तय होती है। कारीगरों के मुताबिक, छोटी प्रतिमाओं की कीमत करीब 500 रुपये से शुरू होती है, जबकि बड़ी और ज्यादा बारीकी से तैयार की गई प्रतिमाओं की कीमत 25 हजार रुपये तक पहुंच जाती है।

मूर्ति बनाने वाले सूरज भाटी बताते हैं कि उनका परिवार पीढ़ियों से इस काम से जुड़ा हुआ है। उन्होंने स्कूल में पढ़ाई नहीं की और बचपन से ही परिवार के लोगों को मूर्तियां बनाते हुए देखकर यह हुनर सीखा। उनके लिए मूर्ति बनाना केवल रोजगार नहीं बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही कला है।

सूरज के मुताबिक, ग्राहक जिस तरह की प्रतिमा चाहता है, उसे उसी डिजाइन के अनुसार तैयार करने की कोशिश की जाती है। छोटे ऑर्डर से लेकर बड़ी प्रतिमाओं तक हर काम में अलग मेहनत लगती है।

गणेश प्रतिमा में इन हिस्सों पर रहती है सबसे ज्यादा नजर

गणेश प्रतिमा तैयार करते समय कारीगरों को शरीर के हर हिस्से का अनुपात सही रखना पड़ता है। खासतौर पर गणेश जी का पेट, कान, हाथ और सूंड प्रतिमा की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं।

प्रतिमा में एक हाथ में मोदक और दूसरे हाथ को आशीर्वाद की मुद्रा में तैयार किया जाता है। इसके अलावा मुकुट, आभूषण और चेहरे के भाव को भी ध्यान से बनाया जाता है।

कारीगर बताते हैं कि सबसे अधिक सावधानी आंखें बनाने में रखी जाती है। आंखों की सही बनावट से प्रतिमा के चेहरे पर भाव उभरकर आते हैं। यही वजह है कि अनुभवी कारीगर इस हिस्से को बेहद ध्यान से पूरा करते हैं।

परिवार के सभी सदस्य मिलकर करते हैं काम

इस पारंपरिक काम की खास बात यह भी है कि इसमें परिवार के कई सदस्य मिलकर हाथ बंटाते हैं। पुरुषों के साथ महिलाएं और बच्चे भी मूर्ति बनाने, उसे सुखाने, रंग करने और सजाने के अलग-अलग कामों में सहयोग करते हैं।

गणेश चतुर्थी का सीजन इन परिवारों के लिए साल के महत्वपूर्ण कामकाजी समय में से एक होता है। त्योहार से पहले बड़ी संख्या में प्रतिमाओं के ऑर्डर मिलने के कारण परिवार के सभी सदस्य लंबे समय तक काम करते हैं।

हापुड़ चुंगी के आसपास इन दिनों तैयार हो रही गणेश प्रतिमाएं न केवल गाजियाबाद बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी आकर्षित कर रही हैं। कोई छोटी प्रतिमा घर में स्थापना के लिए ले जा रहा है तो कोई बड़ी प्रतिमा सार्वजनिक गणेश उत्सव के लिए बनवा रहा है।

करीब चार दशक से इस काम में जुटे ये परिवार बदलते समय के साथ अपनी तकनीक में भी बदलाव कर रहे हैं। पारंपरिक मिट्टी से लेकर POP और नारियल के जूट तक, मूर्तियां बनाने की प्रक्रिया में बदलाव आया है, लेकिन गणेश प्रतिमा को सुंदर और भावपूर्ण बनाने की कारीगरों की कोशिश आज भी वही है।

गणेश चतुर्थी नजदीक आने के साथ इन कारीगरों की व्यस्तता और बढ़ने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में यहां अलग-अलग आकार और डिजाइन की और भी गणेश प्रतिमाएं तैयार होती दिखाई देंगी।

Ganesh Chaturthi 2026 preparations are gaining momentum in Ghaziabad, where artisans near Hapur Chungi are making Ganesh idols using POP and coconut jute. These traditional idol makers from Jodhpur have been creating Hindu deity idols in Ghaziabad for around four decades. Ganesh idols are available in different sizes, designs and price ranges, starting from around ₹500 and going up to ₹25,000. The artisans customize Ganesh idols according to customer requirements, with special attention given to the face, eyes, trunk, ears, hands and overall detailing.

spot_img
spot_imgspot_img
Pawan Chaudhary
Pawan Chaudhary
पवन चौधरी एक सक्रिय पत्रकार एवं समाचार लेखक हैं, जो जनहित से जुड़े मुद्दों, स्थानीय घटनाक्रम और सामाजिक सरोकारों को प्रमुखता से अपनी पत्रकारिता में स्थान देते हैं। वे जमीनी स्तर की खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। पत्रकारिता के माध्यम से पवन चौधरी आम लोगों की समस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, सामाजिक मुद्दों और क्षेत्रीय घटनाओं को सामने लाने का प्रयास करते हैं। उनका उद्देश्य निष्पक्ष एवं जिम्मेदार पत्रकारिता के जरिए समाज में जागरूकता बढ़ाना और महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों की आवाज बनाना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
clear sky
30.9 ° C
30.9 °
30.9 °
47%
3.1m/s
0%
Sun
38 °
Mon
38 °
Tue
38 °
Wed
38 °
Thu
38 °
Video thumbnail
सोनम यादव की AI वीडियो वायरल करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी, पुलिस से सख्त एक्शन की मांग
01:59
Video thumbnail
लखनऊ: चंद्रशेखर आजाद का दावा, फार्म हाउस पर रची गई हत्या की साजिश; सरकार से जांच की मांग
02:43
Video thumbnail
क्या आरती करते समय Salman Khan से गलती हुई ?
00:31
Video thumbnail
कनॉट प्लेस में मिंटो ब्रिज के पास चलती सड़क पर गिरा रेड लाइट का खंभा
00:19
Video thumbnail
अरविंद केजरीवाल का अमित शाह पर निशाना, बोले- लॉरेंस बिश्नोई को दामाद की तरह क्यों रखा जा रहा?
00:21
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : "जब तक ये मुख्यमंत्री रहेंगे, जब तक ये सरकार रहेगी कानून से काम नहीं होगा"
02:10
Video thumbnail
अभिनेता गुलशन पांडे और निशिकांत दीक्षित तक पहुंचा ‘पीड़ित को न्याय’ का नया अंक | AIN NEWS 1
02:16
Video thumbnail
इशारों-इशारों में फायरब्रांड Yogi ने Abhijeet Dipke को दिया मुंहतोड़ जवाब !
02:36
Video thumbnail
Meerut Kesarganj Masjid Controversy : मेरठ केसरगंज मस्जिद विवाद पर योगी से क्या बोले टी राजा सिंह ?
04:26
Video thumbnail
Hanuman Ansh Actor Gulshan Pandey in Ghaziabad | ‘हनुमान अंश’ अभिनेता गुलशन पांडे का भव्य स्वागत
04:47

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related