AIN NEWS 1 : गाजियाबाद के लोनी में हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट के मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हाजी सलमान के परिवार को अदालत से झटका लगा है। हाजी सलमान की मां संजीदा और भाई शेर खान की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गई हैं। विशेष एससी/एसटी अदालत ने मामले से जुड़े तथ्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, दोनों को अग्रिम जमानत देने के लिए पर्याप्त आधार नहीं पाया गया।
यह मामला 2 सितंबर 2026 को लोनी के टोली मोहल्ले में हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं सुमित सूद और मोहित के साथ हुई कथित मारपीट से जुड़ा है। शिकायत में मारपीट के अलावा जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और मोबाइल फोन व सोने की चेन छीनने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए थे। घटना के बाद मामला काफी चर्चा में आया था। इसके बाद लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर को कथित तौर पर धमकी देने वाला वीडियो सामने आने से विवाद और बढ़ गया।
मां और भाई ने गिरफ्तारी से बचने के लिए दाखिल की थी याचिका
हाजी सलमान की मां संजीदा और भाई शेर खान ने मामले में गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत याचिकाएं दाखिल की थीं। सोमवार को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अदालत के सामने अपना पक्ष रखा। सुनवाई के बाद अदालत ने मंगलवार को याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए उन्हें खारिज कर दिया।
अग्रिम जमानत का उद्देश्य किसी व्यक्ति को गिरफ्तारी की आशंका होने पर पहले से कानूनी संरक्षण देना होता है। हालांकि, इसका लाभ मिलना मामले के तथ्यों, आरोपों की प्रकृति और अदालत के सामने रखी गई दलीलों पर निर्भर करता है। इस मामले में अदालत ने दोनों आवेदकों को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता चौधरी अजय वीर सिंह के अनुसार, अदालत ने पत्रावली में उपलब्ध तथ्यों का अवलोकन करने के बाद माना कि आवेदकों को अग्रिम जमानत का लाभ देने के लिए पर्याप्त आधार नहीं बनता। फिलहाल, इस फैसले का अर्थ यह है कि संजीदा और शेर खान को इस याचिका के माध्यम से गिरफ्तारी से पूर्व राहत नहीं मिल सकी है।
2 सितंबर को क्या हुआ था?
मामले की शुरुआत 2 सितंबर 2026 को लोनी थाना क्षेत्र के टोली मोहल्ले में हुई कथित मारपीट की घटना से हुई थी। शिकायतकर्ता सुमित सूद अपने साथी मोहित के साथ जा रहे थे। इसी दौरान विवाद होने और मारपीट किए जाने के आरोप सामने आए।
सुमित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने हाजी सलमान, शहनवाज समेत पांच नामजद आरोपियों और करीब 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामले से संबंधित शुरुआती खबरों में एक महिला समेत अन्य लोगों के नाम भी सामने आए थे।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि विवाद के दौरान सुमित और मोहित के साथ मारपीट की गई। इसके साथ ही जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने, मोबाइल फोन और सोने की चेन छीनने के आरोप भी लगाए गए। घटना के दौरान हथियार दिखाए जाने और पिस्टल से जुड़ी बात भी सामने आई थी।
हालांकि, इन आरोपों के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा। मुकदमा दर्ज होने या किसी व्यक्ति के आरोपी बनाए जाने मात्र से उसके खिलाफ लगाए गए आरोप अदालत में सिद्ध नहीं हो जाते।
थाने तक पहुंचा था मामला, कार्रवाई की मांग को लेकर हुआ विरोध
घटना के बाद हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता लोनी थाने पहुंचे थे। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग उठाई थी। मामले को लेकर थाने में विरोध प्रदर्शन भी हुआ था।
घटना के बाद इलाके में तनाव और राजनीतिक बयानबाजी की स्थिति बनी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले में कई लोगों के नाम सामने आने के कारण पुलिस की कार्रवाई पर भी नजर रखी जा रही थी।
इस प्रकरण ने स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था और दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप को लेकर चर्चा तेज कर दी थी। इसके बाद सामने आए वीडियो और राजनीतिक बयानबाजी ने मामले को और अधिक सुर्खियों में ला दिया।
भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर को धमकी देने का वीडियो भी आया था सामने
मारपीट की घटना के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर लोनी के भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर को धमकी देने वाला एक वीडियो सामने आया था। वीडियो को लेकर दावा किया गया कि इसमें विधायक की टांग तोड़ने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी।
इस मामले में भी पुलिस कार्रवाई की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, मारपीट के मुकदमे और विधायक को कथित धमकी देने के प्रकरण की कानूनी स्थिति को अलग-अलग समझना जरूरी है। दोनों मामलों में दर्ज शिकायतों, जांच और न्यायालय की कार्यवाही के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
विधायक को धमकी देने का मामला सामने आने के बाद हाजी सलमान की तलाश तेज होने की खबरें आई थीं। पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
राजस्थान से गिरफ्तार हुआ था हाजी सलमान
पुलिस की तलाश के बीच क्राइम ब्रांच की टीम ने हाजी सलमान को राजस्थान से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज होने की बात भी समाचार रिपोर्टों में कही गई थी।
हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मुकदमों की संख्या और प्रत्येक मामले की वर्तमान स्थिति अलग-अलग हो सकती है। इसलिए इन मामलों में आरोप, जांच, जमानत और न्यायिक फैसलों को अलग-अलग देखना आवश्यक है।
हाजी सलमान की गिरफ्तारी के बाद भी लोनी में हुई कथित मारपीट से संबंधित कानूनी प्रक्रिया जारी रही। इसी मामले में अब उसकी मां संजीदा और भाई शेर खान की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज होने से मामला फिर चर्चा में आ गया है।
आगे क्या होगा?
अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद संजीदा और शेर खान को इस स्तर पर अदालत से गिरफ्तारी पूर्व संरक्षण नहीं मिला है। आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच, संबंधित कानूनी प्रावधानों और उपलब्ध न्यायिक विकल्पों के अनुसार होगी।
यदि आवेदक कानून के तहत किसी अन्य सक्षम न्यायालय में राहत के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो उन्हें संबंधित कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेना होगा। हालांकि, आगे कोई नई याचिका दाखिल की गई है या उस पर कोई आदेश आया है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
इस पूरे प्रकरण में अब आगे की नजर पुलिस जांच और न्यायिक कार्यवाही पर रहेगी। 2 सितंबर को हुई कथित मारपीट, जातिसूचक टिप्पणी और सामान छीनने के आरोपों के साथ-साथ विधायक को धमकी देने के मामले की स्थिति भी महत्वपूर्ण बनी हुई है।
फिलहाल सबसे अहम घटनाक्रम यही है कि गाजियाबाद की विशेष एससी/एसटी अदालत ने हाजी सलमान की मां संजीदा और भाई शेर खान की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।
Ghaziabad News: A special SC/ST court in Ghaziabad has rejected the anticipatory bail applications of Sanjeeda, the mother of social media influencer Haji Salman, and his brother Sher Khan in the Loni assault case. The case relates to allegations of assault against Hindu Raksha Dal workers Sumit Sood and Mohit in Toli Mohalla, Loni, on September 2, 2026. The complaint reportedly includes allegations of caste-based abuse and the theft of a mobile phone and gold chain. Haji Salman was previously arrested in Rajasthan following a police search linked to the case and a separate alleged threat to Loni BJP MLA Nand Kishor Gurjar. The court’s decision marks a significant development in the Ghaziabad criminal case, while the allegations remain subject to judicial proceedings.



















