Ghaziabad Hindu Yuva Vahini Rape Case: Police Response, Ayush Tyagi’s Statement, and Full Investigation

AIN NEWS 1: गाजियाबाद में हिंदू युवा वाहिनी (हियुवा) के नगर अध्यक्ष सुशील प्रजापति पर एक LLB छात्रा से दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगने के बाद से पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हलचल मची हुई है। मामला केवल अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठन की साख, कानून-व्यवस्था और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं से भी जुड़ गया है।
इस रिपोर्ट में हम घटना की पृष्ठभूमि, FIR और पुलिस कार्रवाई, आयुष त्यागी व संगठन का रुख, राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ, कानूनी पहलू और पीड़िता के न्याय की लड़ाई का विस्तार से विश्लेषण करेंगे।
1. घटना का पूरा विवरण
पीड़िता एक LLB अंतिम वर्ष की छात्रा है। उसके अनुसार, नगर अध्यक्ष सुशील प्रजापति ने उसे गाजियाबाद कोर्ट में प्रैक्टिस कराने और मदद का आश्वासन दिया। इसी बहाने वह उसे एक फ्लैट पर ले गया।
छात्रा का आरोप है कि आरोपी ने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया।
उसके बाद बेहोशी की हालत में दुष्कर्म किया गया।
आरोपी ने धमकी दी कि यदि उसने किसी से कुछ कहा तो उसे जान से मार दिया जाएगा।
यह घटना छात्रा के लिए बेहद आघातकारी रही। लेकिन साहस जुटाकर उसने 8 अगस्त को मुरादनगर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
2. FIR और पुलिस की पहली कार्रवाई
छात्रा की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया। FIR में दुष्कर्म और धमकी देने की गंभीर धाराएँ जोड़ी गईं।
पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, लेकिन आरोपी फरार हो गया।
11 अगस्त को गाजियाबाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए ₹25,000 का इनाम घोषित कर दिया।
20 अगस्त को पुलिस की तीन टीमें—निवाड़ी, मसूरी और मुरादनगर—ने आरोपी के ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन सफलता नहीं मिली।
पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण और बयान दर्ज कराए।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अलोक प्रियदर्शी ने बताया कि यह मामला पुलिस की प्राथमिकता में है और आरोपी को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
3. आरोपी अभी तक क्यों फरार?
सवाल उठता है कि जब आरोपी पर इतना गंभीर आरोप है और इनाम भी घोषित हो चुका है, तो पुलिस उसे पकड़ क्यों नहीं पा रही?
जानकारी के मुताबिक़:
आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा है।
अपने परिचितों और रिश्तेदारों की मदद से छिप रहा है।
पुलिस उसकी मोबाइल लोकेशन और बैंक लेन-देन पर निगरानी रख रही है।
यह भी माना जा रहा है कि संगठन से जुड़े कुछ लोग शुरू में आरोपी को बचाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, अब संगठन ने उससे दूरी बना ली है।
4. संगठन की प्रतिक्रिया: आयुष त्यागी का बयान
इस मामले पर सबसे अहम बयान हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष आयुष त्यागी काकड़ा का आया।
उन्होंने कहा:
“हिंदू युवा वाहिनी ऐसा संगठन है जो समाज और धर्म की रक्षा के लिए काम करता है। यदि कोई कार्यकर्ता बहनों-बेटियों की गरिमा के साथ खिलवाड़ करता है, तो संगठन उसका समर्थन कभी नहीं करेगा। सुशील प्रजापति के खिलाफ यदि आरोप सही साबित होते हैं तो संगठन न्याय की प्रक्रिया का समर्थन करेगा।”
पुलिस की प्रतिक्रिया आयुष त्यागी पर
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वे संगठन के बयानों को नोटिस में ले रहे हैं, लेकिन उनके लिए यह मामला केवल कानून और न्याय का है। पुलिस ने साफ किया कि आरोपी चाहे किसी भी संगठन या पद से जुड़ा हो, उसे कानून के अनुसार सज़ा दी जाएगी।
5. राजनीतिक और सामाजिक असर
यह मामला अब केवल अपराध तक सीमित नहीं रहा। इसके सामाजिक और राजनीतिक असर भी गहराई से दिख रहे हैं।
राजनीतिक विपक्ष सरकार पर हमला कर रहा है कि जब बड़े संगठनों के पदाधिकारी इस तरह के अपराधों में शामिल हों तो कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।
समाज में गुस्सा है। लोग कह रहे हैं कि ऐसे मामलों में पीड़िता को तुरंत न्याय मिलना चाहिए और आरोपी को कठोर सज़ा मिलनी चाहिए।
संगठन की साख पर भी बुरा असर पड़ा है। हिंदू युवा वाहिनी, जिसे अक्सर धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर मुखर संगठन माना जाता है, अब आलोचना के घेरे में है।
6. कानूनी पहलू
कानून विशेषज्ञों के अनुसार, इस मामले में IPC की निम्न धाराएँ लागू हो सकती हैं:
धारा 376: बलात्कार
धारा 328: नशीला पदार्थ मिलाकर अपराध करना
धारा 506: धमकी देना
इन धाराओं में दोषी पाए जाने पर आरोपी को लंबी सज़ा (7 वर्ष से आजीवन कारावास तक) हो सकती है।
7. पीड़िता की स्थिति और न्याय की मांग
पीड़िता ने मीडिया से कहा कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होता और उसे सज़ा नहीं मिलती, तब तक वह चैन से नहीं बैठेगी।
उसके शब्दों में:
“मैंने साहस करके शिकायत दर्ज कराई है। अब मुझे कानून और पुलिस पर भरोसा है कि मुझे न्याय मिलेगा।”
8. आगे की राह
पुलिस आरोपी को पकड़ने के लिए लगातार दबिशें दे रही है।
आरोपी के फरार रहने पर NBW (गैर-जमानती वारंट) जारी किया जा सकता है।
अदालत से आरोपी को भगोड़ा घोषित करने की भी प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
यदि आरोपी पकड़ा जाता है, तो ट्रायल कोर्ट में मुकदमा तेजी से चलेगा।
संक्षिप्त सारांश
पहलू विवरण
आरोपी सुशील प्रजापति, नगर अध्यक्ष, हिंदू युवा वाहिनी
पीड़िता LLB अंतिम वर्ष की छात्रा
आरोप नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म, हत्या की धमकी
FIR दर्ज 8 अगस्त, मुरादनगर थाना
पुलिस कार्रवाई इनाम ₹25,000 घोषित, दबिशें जारी, आरोपी फरार
संगठन की प्रतिक्रिया आयुष त्यागी ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन किया
पुलिस प्रतिक्रिया मेडिकल जांच, बयान दर्ज, गिरफ्तारी प्राथमिकता
कानूनी धाराएँ 376, 328, 506 IPC
ताज़ा स्थिति आरोपी फरार, गिरफ्तारी की कोशिश जारी
The Ghaziabad rape case involving Hindu Yuva Vahini leader Sushil Prajapati has created political and social outrage in Uttar Pradesh. The accused allegedly raped an LLB student after spiking her drink. The Ghaziabad police have announced a ₹25,000 reward for his arrest. Ayush Tyagi, district president of Hindu Yuva Vahini, publicly condemned the act, distancing the organization from the accused. The case has raised serious questions about law and order in Uttar Pradesh, demanding strict justice for the victim.
गाजियाबाद का यह मामला समाज के लिए एक बड़ी सीख है कि अपराधी चाहे किसी भी संगठन या पद से जुड़ा हो, कानून के सामने सब समान हैं। पीड़िता ने साहस दिखाया है और अब जिम्मेदारी पुलिस व न्यायपालिका की है कि उसे न्याय दिलाया जाए।


















