गाजियाबाद के कौशांबी में नकली पनीर के बड़े रैकेट का भंडाफोड़, 10 क्विंटल संदिग्ध पनीर बरामद
AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के कौशांबी इलाके में खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नकली और संदिग्ध पनीर के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि टीम ने छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में ऐसा पनीर बरामद किया, जिसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार करीब 10 क्विंटल पनीर जब्त किया गया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और लोगों के बीच खाद्य पदार्थों की शुद्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है।
हालांकि अभी तक प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रेस नोट जारी नहीं किया गया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह मामला तेजी से चर्चा में है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में बड़ी मात्रा में पनीर को जब्त करते हुए दिखाया जा रहा है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह पनीर किस तरह तैयार किया जा रहा था और इसे किन बाजारों तथा दुकानों तक सप्लाई किया जा रहा था।
कैसे हुआ पूरे मामले का खुलासा
सूत्रों के मुताबिक खाद्य सुरक्षा विभाग को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कौशांबी और आसपास के इलाकों में खराब गुणवत्ता वाला पनीर सप्लाई किया जा रहा है। कई दुकानदारों और ग्राहकों ने भी पनीर की क्वालिटी को लेकर संदेह जताया था। इसके बाद विभाग ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त टीम बनाई और संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी शुरू की।
बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में ऐसा पनीर मिला, जिसे साफ-सफाई के मानकों का पालन किए बिना तैयार किया जा रहा था। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पनीर को लंबे समय तक खराब परिस्थितियों में रखा गया था, जबकि कुछ जगहों पर मिलावटी सामग्री के इस्तेमाल की भी आशंका जताई जा रही है।
अधिकारियों ने मौके से पनीर के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा कि पनीर नकली था, मिलावटी था या सिर्फ खराब गुणवत्ता का था।
स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक हो सकता है ऐसा पनीर
विशेषज्ञों के अनुसार मिलावटी या खराब पनीर स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। यदि पनीर को सही तापमान पर स्टोर न किया जाए या उसे बनाने में खराब दूध और रसायनों का उपयोग किया जाए, तो इससे कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
ऐसे पनीर के सेवन से फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी, दस्त और संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक मिलावटी खाद्य पदार्थ खाने से लीवर और किडनी पर भी बुरा असर पड़ सकता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए ऐसे खाद्य पदार्थ ज्यादा खतरनाक माने जाते हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि लोगों को हमेशा भरोसेमंद दुकानों से ही डेयरी उत्पाद खरीदने चाहिए और अगर किसी खाद्य पदार्थ की गंध, रंग या स्वाद असामान्य लगे तो उसका सेवन नहीं करना चाहिए।
किन इलाकों में सप्लाई होने की आशंका
जांच एजेंसियों को शक है कि यह पनीर केवल कौशांबी तक सीमित नहीं था, बल्कि गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली के कुछ हिस्सों तक इसकी सप्लाई हो सकती है। पुलिस अब सप्लाई चेन की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क से जुड़े लोग कौन-कौन हैं।
सूत्रों के अनुसार कुछ छोटे होटल, ढाबे और फास्ट फूड की दुकानों तक भी यह पनीर पहुंचाया जाता था। जांच टीम अब उन दुकानों की सूची तैयार कर रही है जहां संदिग्ध पनीर की सप्लाई की गई हो सकती है।
त्योहार और शादी के सीजन में बढ़ जाता है खतरा
खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शादी और त्योहारों के सीजन में डेयरी उत्पादों की मांग काफी बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग नकली और मिलावटी सामान बाजार में उतार देते हैं। कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए खराब दूध, सिंथेटिक सामग्री और केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है।
पनीर, खोया, दूध और मिठाइयों में मिलावट के मामले हर साल कई राज्यों में सामने आते हैं। इसी वजह से प्रशासन समय-समय पर विशेष अभियान चलाता है और बाजारों में जांच करता है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में इससे पहले भी नकली पनीर और मिलावटी डेयरी उत्पादों के मामले सामने आते रहे हैं। बीते वर्षों में कई फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की गई थी, जहां से भारी मात्रा में नकली पनीर और खराब दूध बरामद किया गया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि मिलावट का यह कारोबार पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रहा क्योंकि मांग लगातार बढ़ रही है और कुछ लोग जल्दी पैसे कमाने के लिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने से भी नहीं डरते।
प्रशासन ने लोगों से की अपील
खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। अगर किसी दुकान या सप्लायर के सामान पर संदेह हो तो उसकी शिकायत खाद्य विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर की जा सकती है।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यदि पनीर में मिलावट या नकली सामग्री की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
ऐसे पहचानें असली और नकली पनीर
विशेषज्ञों के अनुसार पनीर खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
पनीर का रंग बहुत ज्यादा चमकीला सफेद न हो
हाथ से दबाने पर पनीर ज्यादा रबर जैसा महसूस न हो
पनीर से अजीब गंध न आए
गर्म पानी में डालने पर उसका टेक्सचर असामान्य न लगे
भरोसेमंद ब्रांड या दुकानों से ही खरीदारी करें
अगर पनीर खाने के बाद शरीर में असामान्य प्रतिक्रिया महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पूरे मामले में जांच जारी है और प्रशासन लैब रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो सकेगा कि बरामद पनीर पूरी तरह नकली था या खराब गुणवत्ता वाला डेयरी उत्पाद। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर खाद्य सुरक्षा और मिलावट के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है।
लोगों का कहना है कि प्रशासन को नियमित जांच अभियान चलाने चाहिए ताकि बाजार में बिक रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि उपभोक्ताओं को भी जागरूक रहने की जरूरत है, क्योंकि थोड़ी सी सावधानी बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से बचा सकती है।
A major fake paneer racket was reportedly busted in Kaushambi, Ghaziabad, after a joint raid by police and food safety officials led to the seizure of nearly 10 quintals of suspected paneer. Authorities are investigating possible paneer adulteration, illegal dairy supply chains, and food safety violations in Ghaziabad and nearby NCR regions. The incident has raised serious concerns about fake dairy products, public health risks, and food adulteration in Uttar Pradesh.


















