Ghaziabad Bulldozer Action: सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
AIN NEWS 1: गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र स्थित ट्रोनिका सिटी में जिला प्रशासन ने सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने यूपीसीडा (उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की जमीन पर बने एक पुराने धार्मिक ढांचे को बुलडोजर की मदद से हटाकर करीब 225 वर्ग मीटर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है।

अधिकारियों के मुताबिक, इस जमीन की अनुमानित बाजार कीमत करीब 65 से 70 लाख रुपये है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ट्रोनिका सिटी के सी-8 सेक्टर में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई लोनी क्षेत्र के ट्रोनिका सिटी स्थित सी-8 सेक्टर में की गई। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यहां यूपीसीडा की सरकारी जमीन पर एक मजार का निर्माण किया गया था। जांच के दौरान सामने आया कि यह निर्माण सरकारी भूमि पर अनुमति के बिना किया गया था।
रविवार को प्रशासन की टीम पुलिस बल और सुरक्षा व्यवस्था के साथ मौके पर पहुंची। इसके बाद बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माण को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों ने बताया कि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और किसी भी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
25 साल पहले शुरू हुआ था निर्माण
प्रशासन की जांच में पता चला कि इस स्थान पर करीब 25 वर्ष पहले एक छोटा चबूतरा बनाया गया था। अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2001 के आसपास यह निर्माण शुरू हुआ था, जिसके बाद धीरे-धीरे इसका विस्तार होता गया।
समय बीतने के साथ यह छोटा निर्माण एक बड़े ढांचे में बदल गया। प्रशासन का दावा है कि सरकारी जमीन पर बिना अनुमति किए गए इस निर्माण को धीरे-धीरे बढ़ाया गया और बाद में यह एक मजार के रूप में विकसित हो गया।
कोविड काल में बढ़ा था निर्माण का आकार
जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2021 के दौरान इस निर्माण का विस्तार किया गया। प्रशासन के अनुसार, कोरोना महामारी और लॉकडाउन के समय यहां अतिरिक्त निर्माण कार्य किया गया, जिसके बाद यह ढांचा पहले से बड़ा हो गया।
अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा, चाहे वह किसी भी प्रकार का हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नियमों के अनुसार सभी अवैध कब्जों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल रहा तैनात
बुलडोजर कार्रवाई को देखते हुए प्रशासन ने पहले से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। मौके पर पुलिस और पीएसी के जवानों की तैनाती की गई थी।
कार्रवाई के दौरान डीसीपी देहात सुरेंद्र नाथ तिवारी और एसडीएम लोनी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया को पूरा किया गया ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
प्रशासन के अनुसार, कार्रवाई के दौरान किसी भी पक्ष की ओर से विरोध या तनाव की स्थिति सामने नहीं आई। शांतिपूर्ण माहौल में अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों पर होगी कार्रवाई
डीसीपी देहात सुरेंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि जिले में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों की पहचान लगातार की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्तियों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ केवल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण या कब्जे की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना प्रशासन को दी जाए, जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सके।
225 वर्ग मीटर सरकारी जमीन हुई खाली
प्रशासन के मुताबिक, इस अभियान के बाद करीब 225 वर्ग मीटर भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस जमीन का उपयोग अब सरकारी नियमों के अनुसार किया जाएगा।
गाजियाबाद प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीनों को सुरक्षित रखने और अवैध कब्जों को हटाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन की नजर अब अन्य ऐसे स्थानों पर भी है जहां सरकारी संपत्तियों पर अवैध निर्माण या कब्जे की शिकायतें मिल रही हैं।
इस कार्रवाई को सरकारी भूमि संरक्षण अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। अधिकारियों ने साफ संदेश दिया है कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा लंबे समय तक कायम नहीं रहने दिया जाएगा।


















