AIN NEWS 1 गाजियाबाद: वेव सिटी थाना क्षेत्र में पुलिस विभाग ने एक साथ कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है। थाना प्रभारी मानवेंद्र सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है, जबकि एसीपी कार्यालय में तैनात आरक्षी आदेश कुमार को भी लाइन हाजिर किया गया है। इसके अलावा पुलिस लाइन में तैनात मुख्य आरक्षी योगेंद्र कुमार, आरक्षी दलवीर सिंह और हितांशु को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस विभाग की यह कार्रवाई दो अलग-अलग मामलों से जुड़ी बताई जा रही है। एक मामला वेव सिटी थाना क्षेत्र में दो पक्षों के बीच हुए विवाद और उसके बाद पुलिस कार्रवाई से संबंधित है। दूसरा मामला पुलिस लाइन में तैनात कर्मचारियों के ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने और ड्यूटी रजिस्टर में कथित फर्जी एंट्री से जुड़ा है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक वेव सिटी थाने का नया प्रभारी शैलेंद्र तोमर को बनाया गया है।

हाईकोर्ट से जुड़े मामले में थाना प्रभारी पर कार्रवाई
वेव सिटी थाना क्षेत्र में कुछ समय पहले दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट का मामला सामने आया था। इस मामले में एक पक्ष की ओर से पुलिस में शिकायत और प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद विवाद से जुड़े एक पक्ष की महिला ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए न्यायालय का रुख किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच के दौरान महिला की ओर से लगाए गए बाद के आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी थी। रिपोर्ट के मुताबिक घटना के करीब दो महीने बाद महिला ने हमला किए जाने का आरोप लगाया था। इसी प्रकरण को लेकर मामला न्यायालय तक पहुंचा।
ताजा मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद मामले में अपेक्षित पुलिस कार्रवाई नहीं होने या कार्रवाई में देरी को लेकर सवाल उठे। इसके बाद पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और वेव सिटी थाना प्रभारी मानवेंद्र सिंह को लाइन हाजिर कर दिया।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि लाइन हाजिर किया जाना विभागीय प्रशासनिक कार्रवाई है। इससे किसी अधिकारी के खिलाफ आरोप अंतिम रूप से साबित होना नहीं माना जाता। संबंधित प्रकरण में विभागीय स्तर पर सामने आए तथ्यों और न्यायालय की कार्यवाही के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
शैलेंद्र तोमर को मिली वेव सिटी थाने की जिम्मेदारी
मानवेंद्र सिंह को लाइन हाजिर किए जाने के बाद वेव सिटी थाने की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर शैलेंद्र तोमर को दी गई है। पुलिस विभाग ने तत्काल प्रभाव से उन्हें नए थाना प्रभारी के रूप में तैनात किया है।
शैलेंद्र तोमर की नई तैनाती भी चर्चा में है, क्योंकि इससे पहले वह मुरादनगर थाने से संबंधित एक मामले में विभागीय कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि वर्ष 2025 में मुरादनगर थाने के बाहर एक युवक की गोली मारकर हत्या के मामले के बाद उन्हें निलंबित किया गया था। अब उन्हें वेव सिटी जैसे महत्वपूर्ण थाना क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है।
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद शैलेंद्र तोमर के सामने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ लंबित मामलों की निगरानी और शिकायतों के निस्तारण की चुनौती भी रहेगी।
एसीपी कार्यालय के सिपाही भी लाइन हाजिर
इस कार्रवाई में केवल वेव सिटी थाना प्रभारी ही नहीं, बल्कि एसीपी कार्यालय में तैनात आरक्षी आदेश कुमार को भी लाइन हाजिर किया गया है।
पुलिस विभाग की ओर से बताई गई जानकारी के अनुसार, आदेश कुमार की भूमिका भी संबंधित प्रकरण में विभागीय कार्रवाई और न्यायालय के आदेश के अनुपालन से जुड़े मामले में सामने आई। इसी आधार पर उनके खिलाफ भी लाइन हाजिर की कार्रवाई की गई।
इससे साफ है कि विभाग ने इस प्रकरण को केवल थाना स्तर की जिम्मेदारी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी समीक्षा की है।
पुलिस लाइन में औचक निरीक्षण के दौरान खुला दूसरा मामला
इसी बीच पुलिस लाइन में तैनात तीन पुलिसकर्मियों पर अलग से कार्रवाई की गई है। बताया गया है कि डीसीपी लाइंस धवल जायसवाल के औचक निरीक्षण के दौरान पुलिस लाइन में ड्यूटी व्यवस्था की जांच की गई।
जांच के दौरान आरक्षी दलवीर सिंह और हितांशु अपनी निर्धारित ड्यूटी पर मौजूद नहीं मिले। पुलिस के अनुसार, दोनों पुलिसकर्मी बिना अवकाश लिए अपने घर चले गए थे।
मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा। ड्यूटी रजिस्टर की जांच में दोनों कर्मचारियों को ड्यूटी पर मौजूद दिखाने वाली एंट्री भी सामने आई। विभागीय जांच में यह एंट्री कथित तौर पर फर्जी पाई गई। इसके बाद रजिस्टर में एंट्री करने वाले मुख्य आरक्षी योगेंद्र कुमार की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई।
तीनों पुलिसकर्मी निलंबित
पुलिस विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए मुख्य आरक्षी योगेंद्र कुमार, आरक्षी दलवीर सिंह और आरक्षी हितांशु को निलंबित कर दिया है। तीनों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, दलवीर सिंह और हितांशु के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने तथा योगेंद्र कुमार द्वारा ड्यूटी रजिस्टर में कथित गलत एंट्री किए जाने की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।
एक साथ पांच पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
गाजियाबाद पुलिस की ताजा कार्रवाई में कुल पांच पुलिसकर्मियों पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई हुई है। इनमें वेव सिटी थाना प्रभारी मानवेंद्र सिंह और एसीपी कार्यालय के आरक्षी आदेश कुमार को लाइन हाजिर किया गया है, जबकि पुलिस लाइन में तैनात योगेंद्र कुमार, दलवीर सिंह और हितांशु को निलंबित किया गया है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में ड्यूटी व्यवस्था, शिकायतों के निस्तारण और न्यायालय के आदेशों के अनुपालन को लेकर अधिकारियों की जवाबदेही का मुद्दा फिर चर्चा में है।
पुलिस विभाग का कहना है कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है। अधिकारियों के स्तर पर निरीक्षण और कार्रवाई का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाना बताया गया है।
क्या है ‘लाइन हाजिर’ और ‘निलंबन’ में अंतर?
इस मामले में दो तरह की विभागीय कार्रवाई हुई है। मानवेंद्र सिंह और आदेश कुमार को लाइन हाजिर किया गया है, जबकि योगेंद्र कुमार, दलवीर सिंह और हितांशु को निलंबित किया गया है।
लाइन हाजिर किए जाने का मतलब सामान्य तौर पर किसी पुलिसकर्मी को उसके वर्तमान फील्ड/थाना दायित्व से हटाकर पुलिस लाइन में संबद्ध करना होता है। वहीं निलंबन अधिक गंभीर विभागीय कार्रवाई है, जिसमें कर्मचारी को जांच पूरी होने तक उसकी नियमित ड्यूटी से अलग किया जा सकता है और सेवा नियमों के तहत आगे की प्रक्रिया चलती है।
इसलिए दोनों कार्रवाइयों को एक समान नहीं माना जाता। संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ अंतिम विभागीय निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
विभागीय जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
वेव सिटी थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई का मुख्य संबंध न्यायालय से जुड़े मामले में पुलिस कार्रवाई में कथित लापरवाही से बताया जा रहा है, जबकि तीन पुलिसकर्मियों का निलंबन ड्यूटी से अनुपस्थिति और ड्यूटी रजिस्टर में कथित फर्जी एंट्री के मामले से जुड़ा है।
फिलहाल पुलिस विभाग ने कार्रवाई कर दी है और दोनों मामलों में आगे की विभागीय प्रक्रिया जारी है। न्यायालय से जुड़े प्रकरण में आगे क्या आदेश आते हैं और विभागीय जांच में तीनों निलंबित पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर क्या निष्कर्ष निकलता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
ताजा स्थिति: वेव सिटी थाने की कमान अब इंस्पेक्टर शैलेंद्र तोमर के पास है। मानवेंद्र सिंह और आदेश कुमार लाइन हाजिर हैं, जबकि योगेंद्र कुमार, दलवीर सिंह और हितांशु निलंबित हैं। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार इन सभी मामलों में आगे की विभागीय प्रक्रिया जारी है।
Ghaziabad Police has taken departmental action against Wave City SHO Manvendra Singh and other police personnel. Manvendra Singh has been sent to Police Lines, while Shailendra Tomar has been given charge of Wave City Police Station. Constables Dalveer Singh, Hitanshu and head constable Yogendra Kumar have been suspended over alleged duty absence and incorrect entries in the duty register. The action comes amid a case involving alleged negligence in complying with court-related directions and a separate police-line duty inspection. The development is being closely followed as Ghaziabad Police continues its departmental inquiry.



















