AIN NEWS 1: गुरुवार को गाजियाबाद में मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह तक जहां तेज धूप और गर्मी का असर बना हुआ था, वहीं दोपहर होते-होते आसमान पर काले बादल छा गए और दिन में ही अंधेरा सा महसूस होने लगा। तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश शुरू हुई और कई इलाकों में ओले भी गिरे। मौसम के इस अचानक बदलाव ने लोगों को हैरान कर दिया और शहर का जनजीवन भी प्रभावित हुआ।
तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश
शहर में 30 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जिससे धूल भरी आंधी का असर भी देखने को मिला। कई जगहों पर पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। आसमान में लगातार बादलों की गरज और बिजली की चमक ने मौसम को और भी भयावह बना दिया।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान में अस्थायी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
तापमान में गिरावट, लेकिन राहत अस्थायी
बारिश और हवाओं के कारण दिन का अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिनों की तुलना में थोड़ा कम है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह राहत ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी और आने वाले दिनों में फिर से गर्मी बढ़ने की संभावना है।
बिजली कटौती से बढ़ी परेशानी
मौसम खराब होते ही शहर के कई इलाकों में एहतियात के तौर पर बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
राजनगर एक्सटेंशन, हापुड़ रोड, मधुबन बापू धाम, कविनगर, विजयनगर और लोनी जैसे क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली कटौती की शिकायतें सामने आईं।
राजनगर एक्सटेंशन निवासी दीपांशु मित्तल ने बताया कि बार-बार बिजली जाने से घर में रहना मुश्किल हो गया है, खासकर जब गर्मी और उमस दोनों बनी हुई हैं।
लोनी क्षेत्र में बिजली कटौती को लेकर स्थानीय विधायक नंद किशोर गुर्जर ने बिजली विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और जल्द आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए।
आगे फिर बढ़ेगी गर्मी, लू का खतरा
जिला प्रशासन के अनुसार, फिलहाल मौसम में बदलाव के कारण 1-2 दिन तक राहत मिल सकती है, लेकिन इसके बाद तापमान तेजी से बढ़ने की संभावना है।
एडीएम सौरभ भट्ट ने जानकारी दी कि जैसे ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाएगा, लू चलने की स्थिति बन सकती है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मानकों के अनुसार, जब तापमान 44.48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता है, तब हीटवेव (लू) घोषित की जाती है।
लू और गर्मी से स्वास्थ्य पर खतरा
तेज गर्मी और लू के कारण शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ जाती है। इसके चलते चक्कर आना, कमजोरी, मांसपेशियों में ऐंठन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर मामलों में यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में “अर्बन हीट आइलैंड” प्रभाव के कारण तापमान और अधिक महसूस होता है।
लू का असर खासतौर पर इन लोगों पर ज्यादा होता है:
बुजुर्ग
छोटे बच्चे
गर्भवती महिलाएं
बीमार व्यक्ति
मजदूर और खुले में काम करने वाले लोग
हीटवेव से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से लोगों के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं:
दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें
हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें
बाहर निकलते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकें
शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए लगातार पानी पीते रहें
यात्रा के दौरान पानी साथ रखें
ओआरएस, नारियल पानी, लस्सी, छाछ, नींबू पानी और आम पन्ना जैसे पेय का सेवन करें
घर को ठंडा रखने के लिए पर्दे और शटर का इस्तेमाल करें
मौसम से जुड़ी जानकारी के लिए समाचार माध्यमों पर नजर रखें
चक्कर या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
गाजियाबाद में मौसम का यह अचानक बदलाव जहां एक ओर गर्मी से थोड़ी राहत लेकर आया है, वहीं दूसरी ओर तेज हवाओं, ओलों और बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह राहत अस्थायी है और आने वाले दिनों में एक बार फिर तेज गर्मी और लू का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां अपनाने की जरूरत है।
Ghaziabad witnessed a sudden weather change with rain, hailstorm, and strong winds disrupting normal life and causing widespread power cuts. According to the India Meteorological Department (IMD), this temporary relief from heat will soon be replaced by rising temperatures and possible heatwave conditions. Residents are advised to stay hydrated, avoid direct sunlight, and follow safety guidelines as extreme summer weather is expected to return.


















