spot_imgspot_img

हाईटेंशन तार गिरने से पत्रकार की मौत, प्रशासन सख्त—15 दिन में मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट के आदेश!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। यहां एक युवा पत्रकार की जान एक हाईटेंशन बिजली के तार की चपेट में आने से चली गई। इस हादसे के बाद प्रशासन हरकत में आया है और पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना गोंडा जिले के ग्राम पथवलिया की है, जहां 34 वर्षीय पत्रकार रंजीत कुमार तिवारी की अचानक और दर्दनाक मौत हो गई। रंजीत एक दैनिक अखबार से जुड़े हुए थे और अपने क्षेत्र में सक्रिय पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे।

बताया जा रहा है कि हादसे के दौरान एक हाईटेंशन बिजली का तार अचानक टूटकर नीचे गिर गया। दुर्भाग्य से रंजीत उसी समय उसकी चपेट में आ गए। करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए और उन्हें बचाने का मौका भी नहीं मिल सका।

इलाके में शोक की लहर

रंजीत तिवारी की मौत की खबर जैसे ही फैली, पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों के अनुसार रंजीत एक सरल स्वभाव के इंसान थे और समाज से जुड़े मुद्दों को उठाने में हमेशा आगे रहते थे।

पत्रकार संगठनों में भी इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। सभी ने इस हादसे को गंभीर लापरवाही का नतीजा बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासन ने दिखाई सख्ती

घटना के बाद जिला प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया और मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश जारी कर दिए। जिला मजिस्ट्रेट की मंजूरी के बाद अपर जिला मजिस्ट्रेट आलोक कुमार ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।

चार सदस्यीय जांच टीम में कौन-कौन शामिल?

प्रशासन द्वारा बनाई गई जांच समिति में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया है, ताकि हर पहलू की गहराई से जांच हो सके। टीम में शामिल हैं:

नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा

अधीक्षण अभियंता (विद्युत) सुशील कुमार यादव

उपजिलाधिकारी (न्यायिक) मनकापुर/तरबगंज जितेंद्र गौतम

पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर आनंद कुमार राय

यह टीम तकनीकी, प्रशासनिक और कानूनी पहलुओं की संयुक्त रूप से जांच करेगी।

जांच के मुख्य बिंदु क्या होंगे?

जांच समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस हादसे के हर पहलू की विस्तार से जांच करें। खास तौर पर निम्न बिंदुओं पर फोकस रहेगा:

क्या बिजली के तार की स्थिति पहले से खराब थी?

क्या संबंधित विभाग ने समय पर मरम्मत या निरीक्षण किया था?

क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था?

क्या यह हादसा किसी लापरवाही का परिणाम है?

इन सभी सवालों के जवाब खोजने के लिए तकनीकी रिपोर्ट और मौके की जांच की जाएगी।

15 दिनों में रिपोर्ट देने का आदेश

प्रशासन ने जांच टीम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर अपर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में जमा करें। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

यदि जांच में किसी अधिकारी या विभाग की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

बिजली विभाग पर उठ रहे सवाल

इस हादसे के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर बिजली के तार जर्जर हालत में हैं और उनकी समय पर मरम्मत नहीं होती।

लोगों का आरोप है कि अगर समय रहते तारों की जांच और रखरखाव किया जाता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। ऐसे में यह जांच केवल एक घटना तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे सिस्टम की खामियों को भी उजागर कर सकती है।

पत्रकार संगठनों की मांग

घटना के बाद विभिन्न पत्रकार संगठनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा है कि रंजीत तिवारी की मौत केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही का परिणाम हो सकती है।

संगठनों ने मांग की है कि:

दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए

मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए

भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं

परिवार के सामने बड़ा संकट

रंजीत तिवारी की असमय मौत ने उनके परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। वे अपने परिवार के प्रमुख कमाने वाले सदस्य थे। ऐसे में उनके जाने के बाद परिवार के सामने आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह की चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

स्थानीय लोग और पत्रकार साथी प्रशासन से परिवार की आर्थिक मदद और सरकारी सहायता की भी मांग कर रहे हैं।

भविष्य के लिए बड़ा सबक

यह हादसा सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं है, बल्कि यह एक चेतावनी है कि यदि बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी की गई, तो इसके परिणाम कितने गंभीर हो सकते हैं।

जरूरी है कि:

बिजली लाइनों की नियमित जांच हो

जर्जर तारों को समय पर बदला जाए

सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए

ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।

A tragic incident in Gonda, Uttar Pradesh, where journalist Ranjeet Tiwari died after a high tension wire fell on him, has raised serious concerns about electricity safety and negligence. The district administration has ordered a magistrate inquiry and formed a four-member committee to investigate the accident. The case highlights issues related to poor maintenance of electric lines, administrative accountability, and public safety. Authorities have been directed to submit a detailed report within 15 days, and strict action is expected if negligence is found in this journalist death case.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
few clouds
34 ° C
34 °
33.1 °
59%
2.1m/s
12%
Wed
34 °
Thu
37 °
Fri
38 °
Sat
31 °
Sun
35 °
Video thumbnail
सहारनपुर: पूर्व BBC रिपोर्टर हुडा जरीवाला गिरफ्तार, भड़काऊ बयान देने के आरोप में पुलिस की कार्रवाई
00:48
Video thumbnail
Bihar पूरा घर बाढ़ में डूबा हुआ है ! खाना कहां बन रहा है देखियो
00:16
Video thumbnail
उन्नाव : दारोगा का चौकी पर शराब पीते वीडियो, SP ने दारोगा अतुल सिंह को निलंबित किया
00:08
Video thumbnail
बिजनौर: गांव में घुसा मगरमच्छ,ग्रामीणों में मची दहशत;वन विभाग ने रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा
00:58
Video thumbnail
गाजियाबाद: डासना-मसूरी फ्लाईओवर पर रोड रेज,SUV सवारों पर ट्रक ड्राइवर से मारपीट का आरोप;वीडियो वायरल
01:07
Video thumbnail
सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को पाँच मंज़िला इमारत ढहने के बाद अब छात्र अपने PG खाली कर रहे हैं
00:13
Video thumbnail
अलवर: कार में कलाकंद के डिब्बों के बीच ₹500 के नोट मिलने का वीडियो वायरल, मामले को लेकर उठे सवाल
00:09
Video thumbnail
महासमुंद: खैर लकड़ी के अवैध कारोबार की जांच में पुलिस की दबिश, आरोपी के घर से ₹81 लाख नकद बरामद
00:09
Video thumbnail
बरेली: ₹4 करोड़ की पानी की टंकी नदी में समाई
00:12
Video thumbnail
दरभंगा: स्वामी विवेकानंद कैंसर अस्पताल में मरीज के खाने में मकड़ी मिलने का दावा
00:30

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related