Grand Welcome of Kanwar Yatra 2025 Devotees in Modinagar by Satya Sanatan Yuva Vahini
मोदीनगर में कांवड़ियों का भव्य स्वागत, सत्य सनातन युवा वाहिनी ने दिखाया आस्था का अनुपम संगम
AIN NEWS 1: हरिद्वार से पवित्र जल लेकर लौट रहे भोलेनाथ के भक्तों का मोदीनगर में इस बार एक यादगार तरीके से स्वागत हुआ। आस्था, सेवा और समर्पण का यह अनुपम दृश्य सत्य सनातन युवा वाहिनी के अथक प्रयासों के कारण संभव हो पाया।
संगठन की पूरी टीम ने कई स्थानों पर शिवभक्तों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्हें मैडल और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया, जिससे कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साह और भी अधिक बढ़ गया।
तीसरे दिन भी सेवा में जुटी रही टीम
यह आयोजन सिर्फ एक दिन की गतिविधि नहीं थी, बल्कि लगातार तीसरे दिन भी सत्य सनातन युवा वाहिनी की टीम सड़कों पर सेवा में डटी रही। मोदीनगर की गलियों और रास्तों पर सेवा भाव से भरे युवाओं ने यह साबित किया कि सनातन संस्कृति में सेवा सर्वोच्च है।
इस दौरान मेरठ मंडल अध्यक्ष पवन चौधरी के निर्देशानुसार कार्यकर्ताओं ने सुबह से शाम तक शिवभक्तों के लिए जल, फल और विश्राम की व्यवस्था की। कहीं पर ठंडे पानी की बोतलें बांटी गईं, तो कहीं पर प्रसाद और चिकित्सा सेवा भी उपलब्ध कराई गई।
संगठन के प्रमुखों की भावनाएं
विपिन राठी, जिला संगठन सलाहकार, ने इस अवसर पर कहा:
“हम दिल से भोलेनाथ से प्रार्थना करते हैं कि हर शिवभक्त की मनोकामना पूरी हो। ये सिर्फ यात्रा नहीं, बल्कि हमारे जीवन में अध्यात्म का प्रवाह है।”
बबलू चौधरी, जिला अध्यक्ष, ने कहा:
“हमारा हर कार्यकर्ता सनातन सेवा में समर्पित है। कांवड़ यात्रा एक अवसर है जब हम शिवभक्तों की सेवा करके पुण्य अर्जित कर सकते हैं। यही हमारी प्रेरणा है।”
स्वागत करने वालों में प्रमुख नाम
सत्य सनातन युवा वाहिनी की टीम में इस आयोजन को सफल बनाने में कई प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का योगदान रहा:
बबलू चौधरी – जिला अध्यक्ष
विकास चौधरी – नगर अध्यक्ष
विपिन राठी – संगठन सलाहकार
राजेंद्र गायत, आशीष अलाला, आशीष कहीवाल, मनोज ज, विनोद रावत आदि कई कार्यकर्ता अपनी-अपनी जिम्मेदारी में लगे रहे।
कांवड़ यात्रा: आस्था, अनुशासन और ऊर्जा का संगम
हर वर्ष सावन के पावन महीने में लाखों शिवभक्त गंगाजल लाकर शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं। यह परंपरा भारत की सबसे विशाल धार्मिक यात्राओं में से एक है। कांवड़ यात्रा ना सिर्फ आस्था की मिसाल है, बल्कि समाज को एकता, सेवा और संयम का पाठ भी पढ़ाती है।
इस वर्ष 2025 की यात्रा में भी हजारों की संख्या में शिवभक्त पैदल, बाइक से या अन्य वाहनों से हरिद्वार से जल लेकर अपने-अपने शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं। इन भक्तों के ठहराव, भोजन और सुरक्षा की जिम्मेदारी समाज और संगठन अपने कंधों पर लेते हैं।
संगठन की भूमिका केवल स्वागत तक सीमित नहीं
सत्य सनातन युवा वाहिनी केवल स्वागत में नहीं बल्कि शिविर, स्वास्थ्य सहायता, यातायात नियंत्रण, और सफाई व्यवस्था में भी प्रशासन को पूरा सहयोग कर रही है। यह संगठन लगातार यह संदेश दे रहा है कि आस्था के साथ व्यवस्था भी जरूरी है।
भविष्य की तैयारी और समाज को संदेश
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि वे अगले वर्ष की योजना पर भी काम कर रहे हैं ताकि शिवभक्तों को और बेहतर सुविधा मिल सके। साथ ही, यह आयोजन समाज को यह भी संदेश देता है कि जब युवा एकजुट होकर सकारात्मक दिशा में काम करते हैं, तो समाज में सौहार्द और आध्यात्मिकता दोनों का विकास होता है।
हर हर महादेव के जयघोष से गूंजा मोदीनगर
पूरा मोदीनगर “हर हर महादेव” के नारों से गूंज उठा। सड़कें भगवा रंग में रंगी दिखीं। भक्तों के चेहरों पर भक्ति की आभा थी, और स्वागत करने वालों की आंखों में सेवा का उत्साह।
यह सिर्फ एक आयोजन नहीं था, बल्कि सनातन संस्कृति की जीवंत तस्वीर थी। ऐसे आयोजन न सिर्फ धार्मिक भावनाओं को मजबूत करते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य भी करते हैं।
सत्य सनातन युवा वाहिनी ने यह साबित कर दिया कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। जब युवा अपनी संस्कृति और धर्म के लिए निःस्वार्थ सेवा में जुटते हैं, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन निश्चित होता है।
यदि आप भी शिवभक्त हैं, और इस सेवा कार्य का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो अगले कांवड़ यात्रा में जुड़ें सत्य सनातन युवा वाहिनी के साथ – आस्था और सेवा के इस संगम में।
🚩 हर हर महादेव 🚩
The Kanwar Yatra 2025 witnessed a grand welcome in Modinagar by the dedicated team of Satya Sanatan Yuva Vahini. As thousands of Shiv Bhakts carried holy Ganga water from Haridwar, the organization honored them with medals and trophies, showcasing a deep commitment to Sanatan Dharma and community service. This celebration of devotion highlighted Modinagar as a key spiritual destination during the Kanwar Yatra, while the efforts of the team in traffic management, health services, and hospitality contributed to a safer and more organized journey for all Bhole Baba devotees.

























