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✈️ हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से भारतीय वायुसेना को जल्द मिलेगा पहला तेजस मार्क-1A लड़ाकू विमान!

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AIN NEWS 1: भारत अपनी रक्षा क्षमताओं में लगातार आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) इसी कड़ी में अगले महीने भारतीय वायुसेना को पहले दो स्वदेशी तेजस मार्क-1A लड़ाकू विमान सौंपने की तैयारी में है। ये विमान तभी डिलीवर होंगे जब इनके हथियारों का परीक्षण पूरी तरह सफल हो जाएगा। HAL का अनुमान है कि सितंबर 2025 के अंत तक यह हथियार परीक्षण पूरा हो जाएगा।

यह सौंपे जाने वाले विमान वायुसेना के लिए सिर्फ नई तकनीक नहीं, बल्कि भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता का भी मजबूत प्रमाण होंगे।

तेजस मार्क-1A: भारत का गर्व

तेजस मार्क-1A, HAL द्वारा विकसित हल्का बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान (LCA) है। यह पूरी तरह स्वदेशी डिजाइन और तकनीक पर आधारित है। इसकी खासियत है—

एकल इंजन आधारित उच्च क्षमता वाला डिज़ाइन

अत्याधुनिक रडार और एवियोनिक्स

एयर-टू-एयर और एयर-टू-ग्राउंड हथियारों की क्षमता

इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम से लैस

आधुनिक युद्धक्षेत्र के हिसाब से तैयार

भारत ने इसे तैयार करके दुनिया को यह संदेश दिया है कि अब वह अपने लड़ाकू विमानों की ज़रूरत के लिए विदेशी देशों पर निर्भर नहीं रहेगा।

हथियार परीक्षण: अंतिम चुनौती

तेजस मार्क-1A के लिए इस समय सबसे अहम चरण हथियारों का परीक्षण है।

इस महीने एयर-टू-एयर मिसाइल, कम दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल और लेजर-गाइडेड बम का परीक्षण होना है।

ये परीक्षण राजस्थान के पोखरण फायरिंग रेंज और अन्य एयरबेस पर हो रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अब तक हुए परीक्षण बेहद सफल रहे हैं और अगले कुछ हफ्तों में बाकी परीक्षण पूरे हो जाएंगे।

HAL के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा:

“तेजस मार्क-1A के हथियार परीक्षण अब अपने अंतिम चरण में हैं। हमें पूरा विश्वास है कि यह विमान सभी मानकों पर खरा उतरेगा और अक्टूबर से भारतीय वायुसेना को सौंपना शुरू हो जाएगा।”

भारतीय वायुसेना को 83 विमान

भारत सरकार और HAL के बीच हुए समझौते के अनुसार, 2028 तक कुल 83 तेजस मार्क-1A विमान वायुसेना को मिलेंगे।

73 होंगे फाइटर वर्जन

10 होंगे ट्रेनर वर्जन

इस डील की कुल लागत लगभग 48,000 करोड़ रुपये है। इसे भारत की अब तक की सबसे बड़ी घरेलू रक्षा डील कहा जा रहा है।

तेजस मार्क-1A की तकनीकी खूबियाँ

तेजस मार्क-1A सिर्फ एक साधारण विमान नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से अत्याधुनिक तकनीक से लैस है।

1. रडार प्रणाली – इसमें AESA रडार है, जो दुश्मन को लंबी दूरी से ट्रैक कर सकता है।

2. इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट – यह सिस्टम दुश्मन के रडार और मिसाइल हमलों को नाकाम कर सकता है।

3. डिजिटल कॉकपिट – पायलट को एक ही स्क्रीन पर सभी जानकारी मिलती है।

4. हथियार ले जाने की क्षमता – एयर-टू-एयर मिसाइल, एयर-टू-ग्राउंड बम और प्रिसिजन गाइडेड हथियार ले जाने में सक्षम।

5. रखरखाव आसान – विदेशी विमानों की तुलना में इसका रखरखाव और लागत काफी कम है।

आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक

तेजस मार्क-1A का निर्माण भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ योजना का अहम हिस्सा है।

इससे विदेशी कंपनियों पर निर्भरता घटेगी।

भारतीय इंजीनियरों और तकनीशियनों को नए अवसर मिलेंगे।

आने वाले वर्षों में भारत न सिर्फ अपनी जरूरतें पूरी करेगा बल्कि अन्य देशों को भी लड़ाकू विमान निर्यात कर सकता है।

विशेषज्ञों और वायुसेना अधिकारियों की राय

एक रिटायर्ड एयर मार्शल ने कहा:

“तेजस मार्क-1A वायुसेना के लिए गेम-चेंजर होगा। इसकी तकनीक और प्रदर्शन क्षमता भारत को पड़ोसी देशों पर बढ़त दिलाएगी।”

HAL के चेयरमैन ने भी हाल ही में कहा था कि—

“तेजस न सिर्फ भारतीय वायुसेना को नई ताकत देगा, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए भारतीय विमानन उद्योग का भविष्य तय करेगा।”

वैश्विक परिप्रेक्ष्य

दुनिया के जिन देशों के पास स्वदेशी लड़ाकू विमान हैं, उनमें अमेरिका, रूस, चीन और फ्रांस जैसे देश शामिल हैं। भारत का नाम अब इस सूची में मजबूती से जुड़ गया है।

चीन के पास JF-17 और J-20

अमेरिका के पास F-16 और F-35

फ्रांस का Rafale

इनके मुकाबले भारत का तेजस मार्क-1A भी तकनीकी रूप से किसी से पीछे नहीं है।

भविष्य की योजनाएँ

तेजस मार्क-1A के बाद HAL और DRDO पहले से ही तेजस मार्क-2 और एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) पर काम कर रहे हैं।

तेजस मार्क-2, और भी ज्यादा पावरफुल इंजन और हथियार क्षमता के साथ आएगा।

AMCA, 5वीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान होगा, जो भारत की रक्षा क्षमताओं को एक नई ऊँचाई देगा।

तेजस मार्क-1A सिर्फ एक विमान नहीं, बल्कि भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता, सुरक्षा और भविष्य की रक्षा रणनीति का प्रतीक है। सितंबर के अंत तक हथियार परीक्षण पूरा होते ही भारतीय वायुसेना को पहली खेप मिलने लगेगी। 2028 तक 83 विमानों की डिलीवरी वायुसेना की ताकत को कई गुना बढ़ा देगी।

Hindustan Aeronautics Limited (HAL) is set to deliver the first two Tejas Mark-1A fighter jets to the Indian Air Force (IAF) by October 2025, pending the completion of crucial weapons trials including air-to-air missiles and laser-guided bombs. Under a ₹48,000 crore contract, HAL will supply a total of 83 Tejas Mark-1A aircraft by 2028, strengthening India’s defense modernization program and showcasing the success of the Made in India defense industry.

 

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