AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से मंगलवार को एक बड़ी लेकिन राहत भरी खबर सामने आई, जब भारतीय वायुसेना का एक प्रशिक्षण विमान उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी का शिकार हो गया। यह हादसा शहर के रिहायशी इलाके के पास हुआ, लेकिन पायलटों की समझदारी और त्वरित निर्णय के चलते एक बड़ी जनहानि टल गई।
घटना उस समय हुई जब भारतीय वायुसेना का यह ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट नियमित अभ्यास उड़ान पर था। उड़ान के कुछ ही समय बाद विमान के इंजन में अचानक तकनीकी समस्या आ गई। हालात को भांपते हुए पायलटों ने तुरंत आपात स्थिति की प्रक्रिया अपनाई और विमान को आबादी से दूर ले जाने का फैसला किया।
✈️ तालाब में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग
तकनीकी खराबी के बाद पायलटों के पास समय बेहद कम था। ऐसे में उन्होंने विमान को पास ही स्थित एक तालाब की ओर मोड़ दिया। यह फैसला बेहद अहम साबित हुआ। विमान सीधे किसी रिहायशी इलाके या सड़क पर गिरने के बजाय तालाब में जा गिरा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तालाब में काफी मात्रा में जलकुंभी फैली हुई थी, जिसकी वजह से विमान पूरी तरह पानी में नहीं डूबा। इससे पायलटों को बाहर निकलने में मदद मिली और राहत कार्य भी आसान हो गया।
👨✈️ दोनों पायलट सुरक्षित, मामूली चोटें
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में जुट गए। कुछ ही देर में पुलिस और प्रशासन की टीमें भी वहां पहुंच गईं। दोनों पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उन्हें मामूली चोटें आई हैं और एहतियात के तौर पर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
डॉक्टरों के अनुसार, दोनों पायलट पूरी तरह खतरे से बाहर हैं। उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
🧠 पायलटों की सूझबूझ ने बचाई सैकड़ों जानें
इस पूरे हादसे में सबसे अहम भूमिका पायलटों की समझदारी और प्रशिक्षण ने निभाई। यदि विमान रिहायशी इलाके में गिरता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन पायलटों ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए विमान को सुरक्षित दिशा में मोड़ा।
स्थानीय प्रशासन और वायुसेना के अधिकारियों ने पायलटों के इस फैसले की जमकर सराहना की है। अधिकारियों का कहना है कि यही वजह है कि कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ।
🔍 तकनीकी खराबी की जांच शुरू
भारतीय वायुसेना ने इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, विमान के इंजन में तकनीकी गड़बड़ी आई थी, लेकिन असल वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
वायुसेना की तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर मलबे की जांच कर रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि विमान के रखरखाव या उड़ान से पहले की जांच में कोई चूक तो नहीं हुई।
🚓 इलाके को किया गया सुरक्षित
हादसे के बाद तालाब और उसके आसपास के इलाके को सुरक्षा घेरा में ले लिया गया। एहतियात के तौर पर लोगों की आवाजाही रोक दी गई ताकि जांच और राहत कार्य में कोई बाधा न आए।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
🇮🇳 वायुसेना की ओर से बयान
भारतीय वायुसेना की ओर से जारी संक्षिप्त बयान में कहा गया है कि यह एक प्रशिक्षण विमान था और हादसे के समय उसमें दो पायलट सवार थे। दोनों सुरक्षित हैं और किसी भी नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचा है।
वायुसेना ने यह भी कहा कि हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
📌 स्थानीय लोगों ने दिखाई तत्परता
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने भी तुरंत मदद के लिए हाथ बढ़ाया। कई लोगों ने पायलटों को बाहर निकालने में सहायता की और प्रशासन के आने तक मौके पर डटे रहे।
यह हादसा भले ही डराने वाला था, लेकिन समय पर लिए गए फैसलों और सहयोग की वजह से यह एक बड़े सबक और राहत की कहानी बन गया।
प्रयागराज में हुआ यह विमान हादसा एक बार फिर यह साबित करता है कि कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय कितना अहम होता है। पायलटों की सूझबूझ, प्रशिक्षण और साहस ने न केवल उनकी जान बचाई, बल्कि आम लोगों को भी एक बड़ी त्रासदी से बचा लिया।
अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, ताकि इस तकनीकी खराबी की असली वजह सामने आ सके और भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
An Indian Air Force training aircraft crashed into a pond in Prayagraj after suffering an engine failure during a routine sortie. Thanks to the quick decision-making of the IAF pilots, the aircraft was diverted away from populated areas, preventing civilian casualties. Both pilots survived with minor injuries, highlighting the effectiveness of Indian Air Force training and emergency response procedures.


















