AIN NEWS 1 | पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने दिल्ली की सियासत में हलचल मचा दी है। आधिकारिक तौर पर उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा सौंपा, लेकिन इसके पीछे के असली कारण को लेकर दो चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं—एक गंभीर बीमारी और दूसरा फोन पर सरकार से तीखी बहस।
पहला दावा: फोन कॉल और बहस के बाद दिया इस्तीफा
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, इस्तीफे से पहले जगदीप धनखड़ को केंद्र सरकार की ओर से एक फोन कॉल आया था। इस कॉल में जस्टिस वर्मा को हटाने पर विपक्ष की ओर से लाए गए प्रस्ताव को लेकर बातचीत हुई थी।
बताया गया कि धनखड़ ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए संसद महासचिव को कार्रवाई का निर्देश दे दिया। यही बात केंद्र को नागवार गुज़री। इसके बाद फोन पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सरकार की ओर से धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने तक की चर्चा हो गई थी। जब उन्हें इस बात की भनक लगी, तो उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
दूसरा दावा: स्वास्थ्य खराब होने के कारण इस्तीफा
वहीं दूसरी ओर, उनके गांव और परिवारवालों का दावा है कि धनखड़ लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके रिश्तेदार हरेंद्र धनखड़ ने बताया कि मार्च में उनकी एंजियोप्लास्टी हुई थी और पिछले महीने उत्तराखंड दौरे के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी।
गांववालों का कहना है कि उन्होंने कभी भी काम के बोझ से पीछे नहीं हटे, लेकिन हाल के हफ्तों में उनका स्वास्थ्य लगातार गिरता जा रहा था।
कांग्रेस ने जताई शंका, राजनीति गरमाई
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने धनखड़ के इस्तीफे पर सवाल उठाते हुए कहा कि सोमवार को बैठक में जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू जैसे वरिष्ठ नेता नहीं पहुंचे, और यह बात खुद उपराष्ट्रपति को भी नहीं बताई गई।
उनके अनुसार, इस उपेक्षा से धनखड़ को ठेस पहुंची और उन्होंने इस्तीफा देने का मन बना लिया। कांग्रेस इसे संवैधानिक गरिमा के खिलाफ व्यवहार बता रही है।
गांव में हैरानी और दुख
धनखड़ के गांव के लोगों और सरपंच सुभिता धनखड़ ने भी उनके इस्तीफे पर हैरानी और दुख व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि वह किसान परिवार से निकलकर देश के इतने ऊंचे पद तक पहुंचे थे, जो पूरे गांव के लिए गर्व की बात थी।
एक ग्रामीण ने कहा, “कम से कम उन्हें अपना कार्यकाल पूरा करना चाहिए था। उनका इस्तीफा देना गांव और पूरे राजस्थान के लिए बहुत दुख की बात है।”
राजनीतिक या व्यक्तिगत कारण?
जगदीप धनखड़ का इस्तीफा एक सिर्फ स्वास्थ्य संबंधित निर्णय नहीं लगता। घटनाक्रम और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर यह साफ झलकता है कि उनके और केंद्र सरकार के बीच मतभेद थे, जो एक राजनीतिक टकराव का रूप ले चुके थे।
अब सवाल यह उठता है कि क्या वाकई यह सिर्फ स्वास्थ्य का मुद्दा था, या फिर भारत के दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद से अंदरूनी राजनीतिक दबाव के चलते इस्तीफा दिया गया?
Jagdeep Dhankhar’s unexpected resignation as Vice President of India has stirred intense political debate. Reports claim he either had a heated phone argument with the Centre regarding Justice Verma’s removal or was suffering from worsening health after a recent angioplasty. While Congress leaders raise doubts over the official narrative, villagers from his hometown express shock. The Dhankhar resignation controversy now raises deeper questions about internal government dynamics and undisclosed political pressure.


















