गाजियाबाद में फिल्म ‘जो लेख लिखे राम ने’ को लेकर प्रेसवार्ता, सच्चिदानंद पोखरियाल ने की टीम की सराहना
AIN NEWS 1 गाजियाबाद। देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर जवानों की कहानियां अक्सर लोगों तक पहुंचती हैं, लेकिन उनके जाने के बाद परिवार किन परिस्थितियों से गुजरते हैं, यह पहलू कई बार चर्चा से दूर रह जाता है। हिंदी-हरियाणवी फिल्म ‘जो लेख लिखे राम ने’ इसी संवेदनशील विषय को केंद्र में रखकर बनाई गई है। फिल्म में सैनिकों के शौर्य, बलिदान, पारिवारिक त्याग और शहादत के बाद परिवारों के जीवन में आने वाले बदलावों को भावनात्मक ढंग से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। फिल्म 30 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

फिल्म को लेकर गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित शक्ति खंड-2 में रिन्यू प्लस (स्किन, हेयर एवं लेजर क्लिनिक) में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। कार्यक्रम में फिल्म की स्टारकास्ट और निर्माण टीम ने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान फिल्म की कहानी, उसके सामाजिक संदेश और दर्शकों तक इसके विषय को पहुंचाने के उद्देश्य पर चर्चा हुई।
यह कार्यक्रम रिन्यू प्लस एवं एक्सईएस मोटर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर रितेश ध्यानी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में पूर्व राज्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता सच्चिदानंद पोखरियाल भी मौजूद रहे। उन्होंने फिल्म की टीम के प्रयासों की सराहना की और रितेश ध्यानी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के समापन पर परिसर में माता की चौकी का आयोजन भी किया गया।
शहीदों के परिवारों की अनकही कहानी को सामने लाने की कोशिश
फिल्म के लेखक-निर्देशक रोहित कौशिक और निर्माता शलभ काम्बोज, जो 9th Root International Films से जुड़े हैं, ने बताया कि ‘जो लेख लिखे राम ने’ में वीर जवानों के साहस और देश के प्रति उनके समर्पण के साथ-साथ उनके परिवारों के जीवन को भी प्रमुखता दी गई है।
फिल्म की कहानी में हरियाणा की संस्कृति, स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम की झलक देखने को मिलेगी। इसके साथ ही यह दिखाने का प्रयास किया गया है कि किसी सैनिक के शहीद होने के बाद उसके परिवार को भावनात्मक और सामाजिक स्तर पर किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों के परिवारों के जीवन में उनकी अनुपस्थिति एक ऐसा खालीपन पैदा करती है, जिसकी भरपाई आसान नहीं होती। परिवार के सदस्य एक ओर अपने प्रियजन के बलिदान पर गर्व करते हैं, तो दूसरी ओर उनके बिना जीवन की चुनौतियों का सामना भी करते हैं। फिल्म इसी दोहरे भाव—गर्व और पीड़ा—को दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश करती है।
निर्माण टीम के अनुसार, फिल्म का उद्देश्य केवल वीरता की कहानी सुनाना नहीं, बल्कि दर्शकों को उन परिवारों के प्रति संवेदनशील बनाना भी है, जो देश की सुरक्षा में अपने प्रियजनों को खो देते हैं।
अनुभवी कलाकारों से सजी है फिल्म
‘जो लेख लिखे राम ने’ में कई अनुभवी और चर्चित कलाकार नजर आएंगे। फिल्म की स्टारकास्ट में वरिष्ठ अभिनेता राजेंद्र गुप्ता, संगीता जांगड़ा, साक्षी ओलियान, आरज़ू, अल्पना सुहासिनी और डैनी सहित अन्य कलाकार शामिल हैं।
इसके अलावा अरुण गोविल, मुकेश तिवारी, गोविंद नामदेव और मनोज जोशी जैसे प्रतिष्ठित कलाकारों ने भी फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। अनुभवी कलाकारों की मौजूदगी से फिल्म की कहानी को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करने की उम्मीद है।
फिल्म की विषयवस्तु ऐसी है, जिसमें भावनात्मक दृश्यों के साथ पारिवारिक रिश्तों, सामाजिक जिम्मेदारी और देश के प्रति समर्पण को प्रमुखता दी गई है। ऐसे विषयों पर बनने वाली फिल्मों में अभिनय और कहानी का संतुलन महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इनके माध्यम से दर्शकों को केवल घटनाओं से परिचित नहीं कराया जाता, बल्कि उन परिस्थितियों को समझने का अवसर भी मिलता है, जिनसे पात्र गुजरते हैं।
राजेंद्र गुप्ता ने बताया महत्वपूर्ण विषय
फिल्म में शामिल वरिष्ठ अभिनेता राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि इस तरह की कहानियां दर्शकों को सैनिकों के बलिदान के साथ उनके परिवारों की पीड़ा और संघर्ष को समझने का अवसर देती हैं।
उनके अनुसार, देश के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले जवानों का सम्मान केवल उनके शौर्य को याद करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। उनके परिवारों के प्रति संवेदनशीलता और उनके संघर्षों को समझना भी उतना ही आवश्यक है।
सिनेमा के माध्यम से ऐसे विषयों को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाया जा सकता है। खासकर नई पीढ़ी के लिए इस तरह की कहानियां देशभक्ति, मानवीय संवेदना और सामाजिक दायित्व जैसे मूल्यों को समझने का माध्यम बन सकती हैं।
सच्चिदानंद पोखरियाल ने की फिल्म की सराहना
कार्यक्रम में मौजूद पूर्व राज्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता सच्चिदानंद पोखरियाल ने फिल्म की टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्में समाज को आईना दिखाती हैं और लोगों को वीर जवानों के त्याग तथा उनके परिवारों के संघर्ष का एहसास कराती हैं। शहीदों के प्रति सम्मान का वास्तविक अर्थ उनके परिवारों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की भावना में भी दिखाई देना चाहिए।
पोखरियाल ने उम्मीद जताई कि ‘जो लेख लिखे राम ने’ दर्शकों को देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों और उनके परिवारों के योगदान पर गंभीरता से विचार करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने फिल्म से जुड़े सभी लोगों के प्रयासों की सराहना की।
डॉ. स्वाति ध्यानी ने परिवार के साथ फिल्म देखने की अपील की
कार्यक्रम के दौरान रितेश ध्यानी ने फिल्म की टीम, पत्रकारों और उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन में शामिल होकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया।
डॉ. स्वाति ध्यानी ने दिल्ली-एनसीआर के दर्शकों से अपील की कि वे परिवार के साथ सिनेमाघरों में जाकर फिल्म देखें। उन्होंने कहा कि सामाजिक सरोकारों और प्रेरणादायक विषयों पर आधारित फिल्मों को दर्शकों का समर्थन मिलना चाहिए।
ऐसी फिल्मों के माध्यम से समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा आगे बढ़ सकती है। सैनिकों के बलिदान और उनके परिवारों के संघर्ष जैसे विषयों को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करना दर्शकों को उन अनुभवों से जोड़ने का अवसर देता है, जिनसे वे रोजमर्रा के जीवन में सीधे तौर पर परिचित नहीं होते।
जन्मदिन समारोह के बाद माता की चौकी में जुटे लोग
प्रेसवार्ता और सम्मान समारोह के बाद शाम को रिन्यू प्लस परिसर में माता रानी की चौकी का आयोजन किया गया। भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच माहौल भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य लोगों, शुभचिंतकों और अन्य उपस्थित लोगों ने रितेश ध्यानी को जन्मदिन की बधाई दी और उनके स्वस्थ, सुखद एवं सफल जीवन की कामना की।
इस तरह कार्यक्रम में फिल्म के सामाजिक संदेश पर चर्चा के साथ जन्मदिन समारोह और धार्मिक आयोजन भी शामिल रहे।
30 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी फिल्म
हिंदी-हरियाणवी फिल्म ‘जो लेख लिखे राम ने’ 30 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म की कहानी का मुख्य केंद्र सैनिकों का शौर्य, उनका बलिदान और उनके परिवारों का संघर्ष है।
फिल्म की टीम को उम्मीद है कि यह विषय दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने के साथ-साथ समाज में सैनिक परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता बढ़ाने का संदेश देगा। अब दर्शकों की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी कि फिल्म अपने विषय और प्रस्तुति के माध्यम से कितनी प्रभावशाली साबित होती है।
फिल्म का नाम: जो लेख लिखे राम ने
भाषा: हिंदी-हरियाणवी
लेखक एवं निर्देशक: रोहित कौशिक
निर्माता: शलभ काम्बोज
प्रोडक्शन: 9th Root International Films
रिलीज की तारीख: 30 अक्टूबर 2026
प्रेसवार्ता का स्थान: रिन्यू प्लस, शक्ति खंड-2, इंदिरापुरम, गाजियाबाद
Jo Likh Likhe Ram Ne is an upcoming Hindi-Haryanvi film scheduled for theatrical release on 30 October 2026. Written and directed by Rohit Kaushik and produced by Shalabh Kamboj under 9th Root International Films, the movie explores the courage and sacrifice of Indian soldiers and the emotional struggles faced by their families. The film features experienced actors including Rajendra Gupta, Arun Govil, Mukesh Tiwari, Govind Namdev and Manoj Joshi. A press conference held at Renew Plus in Indirapuram, Ghaziabad, highlighted the film’s message of patriotism, family sacrifice and social responsibility. The film aims to raise awareness about the lives of martyr families and the importance of supporting those who serve the nation.



















