मुख्य बिंदु
-
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में 6 एयरस्ट्राइक का दावा किया, टारगेट बताया आतंकी ठिकाने
-
तालिबान का आरोप, काबुल के ओमिद अस्पताल पर हमला, सैकड़ों लोगों की मौत
-
कैंप फीनिक्स को लेकर दोनों देशों के दावे आमने सामने, सच पर सस्पेंस कायम
AIN NEWS 1 | अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में हुए हालिया एयरस्ट्राइक को लेकर पाकिस्तान और तालिबान सरकार के बीच गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान का दावा है कि उसने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए सटीक और योजनाबद्ध हमले किए, जबकि अफगानिस्तान का आरोप है कि इन हमलों में एक बड़े अस्पताल को निशाना बनाया गया, जिसमें सैकड़ों निर्दोष लोगों की जान चली गई।
यह पूरा मामला 16 मार्च को हुए उन एयरस्ट्राइक्स से जुड़ा है, जिन्हें पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के अलग अलग इलाकों में अंजाम दिया। पाकिस्तान के अनुसार, कुल 6 स्ट्राइक किए गए, जिनमें से अधिकतर पूर्वी प्रांतों नंगरहार, पकतिया और खोस्त में हुए, जबकि एक बड़ा हमला काबुल में किया गया।
पाकिस्तान की सेना, जिसका नेतृत्व जनरल असीम मुनीर कर रहे हैं, का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान यानी TTP के ठिकानों को नष्ट करना था। पाकिस्तान लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान में तालिबान सरकार TTP आतंकियों को पनाह दे रही है, जो पाकिस्तान के अंदर हमले कर रहे हैं।
कैंप फीनिक्स पर फोकस
काबुल में जिस जगह पर स्ट्राइक की बात सामने आई है, उसे लेकर सबसे बड़ा विवाद है। पाकिस्तान का कहना है कि उसने कैंप फीनिक्स को निशाना बनाया। यह जगह पहले अमेरिका और नाटो का सैन्य अड्डा हुआ करती थी, जहां अफगान सेना को ट्रेनिंग दी जाती थी। 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद यह बेस उनके नियंत्रण में आ गया।
पाकिस्तान का दावा है कि अब इस कैंप का इस्तेमाल आतंकियों की ट्रेनिंग और हथियारों के भंडारण के लिए किया जा रहा था। इसी वजह से इसे टारगेट किया गया।
दूसरी ओर, अफगानिस्तान सरकार का कहना है कि यही जगह अब ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल में बदल चुकी है। यह एक बड़ा ड्रग रिहैब सेंटर था, जिसमें करीब 2000 बेड की सुविधा बताई जा रही है। यहां नशे की लत से जूझ रहे मरीजों का इलाज किया जाता था।
अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक सीधे इसी अस्पताल पर हुई, जिसमें 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 250 से अधिक लोग घायल हुए।
क्या चूक गया निशाना
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पाकिस्तान ने गलत टारगेट पर हमला कर दिया या फिर दोनों पक्ष अपने अपने दावे के जरिए सच्चाई को अलग तरीके से पेश कर रहे हैं।
पाकिस्तान ने साफ तौर पर कहा है कि उसकी एयरस्ट्राइक पूरी तरह सटीक और प्रोफेशनल थी। सेना का कहना है कि उन्होंने केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और किसी भी नागरिक इलाके को टारगेट नहीं किया गया।
वहीं, तालिबान सरकार इसे सीधा नागरिकों पर हमला बता रही है। उनका कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।
सैटेलाइट और वीडियो से क्या संकेत
इस घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से कई वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं। कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि कैंप फीनिक्स और कथित अस्पताल की लोकेशन एक दूसरे के करीब हैं, लेकिन दोनों के बीच कुछ दूरी भी मौजूद है।
वीडियो में बार बार विस्फोट होते हुए दिखाई दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के लगातार धमाके आमतौर पर तब होते हैं जब किसी जगह पर गोला बारूद का भंडार हो। इससे पाकिस्तान के दावे को कुछ हद तक समर्थन मिलता है कि वहां हथियार रखे हो सकते थे।
हालांकि, यह भी संभव है कि अगर अस्पताल के पास या उसी परिसर में कोई सैन्य गतिविधि हो रही हो, तो नुकसान नागरिकों तक भी पहुंच सकता है।
कौन से हथियार इस्तेमाल हुए
पाकिस्तान ने इन हमलों के लिए अपनी वायुसेना का इस्तेमाल किया। पाकिस्तान एयर फोर्स के फाइटर जेट्स ने कथित तौर पर प्रिसिजन एयरस्ट्राइक को अंजाम दिया। हालांकि, आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया गया कि किन विशेष हथियारों का उपयोग किया गया।
पाकिस्तान का कहना है कि यह ऑपरेशन पूरी योजना और खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया था और इसका मकसद केवल आतंकवाद को खत्म करना था।
पृष्ठभूमि में बढ़ता तनाव
पिछले एक महीने से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। पाकिस्तान बार बार यह आरोप लगा रहा है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल TTP आतंकियों द्वारा किया जा रहा है।
इसी के चलते पाकिस्तान ने फरवरी के अंत से ही अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में हवाई हमले शुरू कर दिए थे। 16 मार्च को यह कार्रवाई काबुल तक पहुंच गई, जिससे मामला और अधिक गंभीर हो गया।
आगे क्या
फिलहाल काबुल में राहत और बचाव कार्य जारी है। मलबे से शव निकाले जा रहे हैं और घायलों का इलाज किया जा रहा है। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
पाकिस्तान ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान जारी रहेगा और वह TTP के खिलाफ अपनी कार्रवाई नहीं रोकेगा। वहीं, तालिबान ने इस हमले का बदला लेने की चेतावनी दी है।
इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या पाकिस्तान ने वास्तव में आतंकी ठिकाने को निशाना बनाया या फिर खुफिया जानकारी में चूक के कारण नागरिकों की जान चली गई। सच्चाई क्या है, यह आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय जांच और तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।


















