कानपुर: दवा कारोबारी की हत्या में डिलीट चैट ने बढ़ाया पुलिस का शक
AIN NEWS 1: कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मामले की परतें खुलती जा रही हैं। अब इस केस में मोबाइल चैट से जुड़ा एक नया सुराग सामने आया है। पुलिस जांच में मृतक की बहू शालू और कथित आरोपी विशाल गौतम के बीच WhatsApp पर हुई बातचीत के 49 मैसेज डिलीट मिले हैं। पुलिस अब इन संदेशों को तकनीकी और डिजिटल फॉरेंसिक माध्यम से रिकवर करने की कोशिश कर रही है।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि इन डिलीट संदेशों से हत्या की कथित साजिश से जुड़ी महत्वपूर्ण कड़ियां मिल सकती हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि डिलीट किए गए 49 मैसेज में वास्तव में क्या लिखा था। इसलिए इन्हें फिलहाल जांच का हिस्सा माना जा रहा है, न कि हत्या की साजिश का अंतिम प्रमाण।

49 डिलीट मैसेज ने क्यों बढ़ाई पुलिस की चिंता?
पुलिस ने जब शालू और विशाल के मोबाइल फोन की जांच शुरू की तो दोनों के बीच हुई बातचीत का डिजिटल रिकॉर्ड सामने आया। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ सामान्य मैसेज अभी भी फोन में मौजूद हैं, जबकि 49 चैट/मैसेज डिलीट पाए गए हैं।
अब जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन संदेशों को कब और क्यों हटाया गया। पुलिस यह भी जानना चाहती है कि क्या हत्या से पहले दोनों के बीच वारदात को लेकर कोई बातचीत हुई थी और क्या घटना के बाद भी दोनों के बीच संपर्क हुआ था।
डिजिटल फॉरेंसिक जांच के जरिए डिलीट डेटा के कुछ हिस्से वापस हासिल किए जा सकते हैं। अगर पुलिस इन संदेशों को रिकवर करने में सफल रहती है तो हत्या की कथित साजिश में किसकी क्या भूमिका थी, इस बारे में और जानकारी सामने आ सकती है।
1 मई से हत्या वाले दिन तक 309 बार संपर्क
इस मामले में सिर्फ WhatsApp चैट ही पुलिस के लिए अहम नहीं है। जांच में शालू और विशाल के बीच लंबे समय तक लगातार संपर्क की बात भी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, 1 मई से हत्या वाले दिन तक दोनों के बीच करीब 309 बार संपर्क हुआ। इसमें सामान्य फोन कॉल के साथ WhatsApp कॉल भी शामिल बताई जा रही हैं। अब पुलिस इन संपर्कों को तारीख और समय के हिसाब से खंगाल रही है।
जांच का फोकस इस बात पर है कि क्या हत्या की तारीख नजदीक आने के साथ दोनों के बीच बातचीत बढ़ी थी। साथ ही पुलिस यह भी देख रही है कि हत्या से ठीक पहले और वारदात के बाद दोनों के बीच कितनी बातचीत हुई।
हालांकि अलग-अलग रिपोर्टों में कॉल की संख्या को लेकर आंकड़ों में अंतर दिखाई देता है। इसलिए अंतिम संख्या को पुलिस की आधिकारिक चार्जशीट या जांच रिपोर्ट आने तक सावधानी से देखना जरूरी है।
CCTV फुटेज से शुरू हुई जांच
विनीत मिनोचा की हत्या के बाद पुलिस ने सबसे पहले अपार्टमेंट में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर की गतिविधियां संदिग्ध लगीं।
दोनों के फ्लैट में आने-जाने से जुड़े फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने उनकी पहचान और पुराने संबंधों की जांच शुरू की। विशाल पहले कारोबारी के यहां काम कर चुका था। इसके बाद पुलिस ने उसके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य संपर्कों की पड़ताल की।
यहीं से शालू और विशाल के बीच लगातार संपर्क की कड़ी सामने आई और जांच परिवार के अंदर तक पहुंच गई।
6 लाख रुपये की सुपारी का आरोप
पुलिस जांच के मुताबिक, शालू पर आरोप है कि उसने पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को विनीत मिनोचा की हत्या के लिए कथित तौर पर 6 लाख रुपये देने की बात कही थी।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने हत्या में शामिल होने और शालू के कहने पर वारदात को अंजाम देने की बात बताई। इसी आधार पर पुलिस ने शालू को भी गिरफ्तार किया।
हालांकि किसी भी आरोपी के खिलाफ आरोपों को अदालत में साबित होना अभी बाकी है। इसलिए इस मामले में सामने आए पुलिस के दावों को न्यायिक रूप से अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
हत्या को सामान्य मौत दिखाने की थी कथित योजना
जांच में एक और गंभीर बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, हत्या को इस तरह अंजाम देने की योजना बनाई गई थी कि मौत स्वाभाविक लगे।
रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि CCTV कैमरों और घर के अंदर निगरानी को लेकर शालू और उसके ससुर के बीच तनाव था। पुलिस इसी विवाद को हत्या की कथित साजिश के संभावित कारणों में से एक मानकर जांच कर रही है।
हालांकि हत्या की वास्तविक वजह और सभी आरोपियों की भूमिका को लेकर जांच अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। पुलिस डिजिटल सबूत, CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और आरोपियों के बयानों को आपस में मिलाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
कैसे हुई थी विनीत मिनोचा की हत्या?
कानपुर के कल्याणपुर क्षेत्र स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में रहने वाले 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की 5 सितंबर की रात हत्या कर दी गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, उस समय वह अपने फ्लैट में अकेले थे।
बाद में जब परिवार के लोग घर पहुंचे तो वारदात का पता चला। कारोबारी पर चाकू से कई वार किए गए थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों को कब्जे में लिया।
जांच के दौरान विशाल गौतम और राजकिशोर पुलिस की पकड़ में आए। इसके बाद पूछताछ में सामने आई जानकारियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कथित सुपारी किलिंग के एंगल को आगे बढ़ाया।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़े सवाल
इस मामले में 49 डिलीट मैसेज की रिकवरी जांच की दिशा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस मुख्य रूप से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि:
शालू और विशाल के बीच हत्या को लेकर पहली बार कब बातचीत हुई?
49 डिलीट मैसेज में क्या जानकारी थी?
क्या हत्या से पहले दोनों के बीच संपर्क अचानक बढ़ा?
हत्या वाले दिन दोनों के बीच कितनी बातचीत हुई?
वारदात के बाद भी दोनों के बीच कोई संपर्क हुआ या नहीं?
कथित साजिश में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं?
क्या आर्थिक विवाद और CCTV को लेकर नाराजगी ही हत्या की वजह थी?
इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और साफ हो सकेगी।
बेटे की भूमिका पर भी जांच जारी
पुलिस ने मृतक के बेटे से भी पूछताछ की है। मीडिया रिपोर्टों में बेटे और विशाल के बीच भी संपर्क का जिक्र सामने आया है। हालांकि फिलहाल किसी व्यक्ति की भूमिका को केवल कॉल रिकॉर्ड या संपर्क के आधार पर अपराध में शामिल मानना उचित नहीं होगा।
पुलिस अब सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को मिलाकर जांच कर रही है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगे की फॉरेंसिक रिपोर्ट और पूछताछ में क्या तथ्य सामने आते हैं।
49 मैसेज से खुलेंगे हत्या के राज?
विनीत मिनोचा हत्याकांड में 49 डिलीट मैसेज फिलहाल जांच की सबसे अहम डिजिटल कड़ियों में से एक बन गए हैं। पुलिस इन संदेशों को रिकवर करने की कोशिश कर रही है। अगर डिलीट चैट सफलतापूर्वक हासिल हो जाती है और उसमें हत्या से संबंधित बातचीत मिलती है तो जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिल सकती है।
फिलहाल इतना जरूर सामने आया है कि शालू और विशाल के बीच लंबे समय तक संपर्क था और हत्या के बाद पुलिस को उनके मोबाइल से डिलीट चैट मिली है। लेकिन उन संदेशों में क्या लिखा था, यह अभी जांच का विषय है।
इसलिए इस मामले में सबसे अहम अगला कदम डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट होगी। उसी से पता चलेगा कि डिलीट किए गए संदेशों में क्या था और वे हत्या की कथित साजिश से जुड़े थे या नहीं।
पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इन डिजिटल सबूतों के आधार पर हत्याकांड की पूरी तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
The Kanpur Vineet Minocha murder case has taken a new turn after police reportedly found 49 deleted WhatsApp messages between accused Shalu Minocha and Vishal Gautam. Investigators are trying to recover the deleted chats while examining around 309 contacts between Shalu and Vishal, along with CCTV footage, call records and other digital evidence. The Kanpur murder investigation is focusing on the alleged conspiracy, the role of the accused and the possible motive behind the murder of pharmaceutical businessman Vineet Minocha.



















