AIN NEWS 1: कर्नाटक में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत लोकायुक्त पुलिस ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई करते हुए बेंगलुरु में तैनात एक पुलिस इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह मामला न केवल पुलिस विभाग की छवि पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।
लोकायुक्त पुलिस ने बेंगलुरु में इंस्पेक्टर गोविंद राजू को 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए धर दबोचा। यह कार्रवाई पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से की गई, जिसमें शिकायतकर्ता की मदद से आरोपी को पकड़ने का जाल बिछाया गया था।
🔹 क्या है पूरा मामला?
मामले की शुरुआत एक बिल्डर मोहम्मद अरकम की शिकायत से हुई। मोहम्मद अरकम ने लोकायुक्त पुलिस से संपर्क कर आरोप लगाया कि वह एक चिट फंड फ्रॉड से जुड़े मामले में शिकायतकर्ता है। इस मामले में पुलिस जांच और कार्रवाई से संबंधित मदद के बदले इंस्पेक्टर गोविंद राजू ने उससे मोटी रकम की मांग की थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, इंस्पेक्टर ने साफ शब्दों में कहा था कि अगर वह मामले में राहत चाहता है और जांच को अपने पक्ष में देखना चाहता है, तो उसे रिश्वत देनी होगी। धीरे-धीरे यह मांग 4 लाख रुपये तक पहुंच गई।
🔹 लोकायुक्त ने कैसे रची पूरी रणनीति?
जब शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार किया, तो उसने कर्नाटक लोकायुक्त पुलिस का रुख किया। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए लोकायुक्त ने मामले की प्राथमिक जांच की और आरोप सही पाए जाने के बाद ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई।
निर्धारित दिन पर शिकायतकर्ता को लोकायुक्त अधिकारियों के निर्देशानुसार इंस्पेक्टर से मिलने भेजा गया। रिश्वत की रकम पर विशेष रसायन लगाया गया था, ताकि लेन-देन के सबूत पुख्ता किए जा सकें।
जैसे ही इंस्पेक्टर गोविंद राजू ने शिकायतकर्ता से 4 लाख रुपये स्वीकार किए, मौके पर पहले से तैनात लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
🔹 मौके से क्या बरामद हुआ?
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी इंस्पेक्टर के कब्जे से पूरी रिश्वत राशि बरामद कर ली है। इसके अलावा, उनके हाथों और कपड़ों पर रसायन के निशान भी पाए गए, जिससे यह साफ हो गया कि पैसे उसी ने लिए थे।
इसके बाद आरोपी को तुरंत हिरासत में ले लिया गया और लोकायुक्त कार्यालय लाकर उससे पूछताछ शुरू की गई।
🔹 आरोपी से पूछताछ जारी
फिलहाल इंस्पेक्टर गोविंद राजू से लोकायुक्त पुलिस की टीम गहन पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि—
क्या यह पहली बार है या पहले भी उसने रिश्वत ली है?
क्या इस मामले में कोई और पुलिसकर्मी या अधिकारी शामिल है?
चिट फंड फ्रॉड केस में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
🔹 पुलिस विभाग पर फिर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद एक बार फिर पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आम जनता के मन में यह चिंता बढ़ रही है कि जिन पर कानून लागू कराने की जिम्मेदारी है, वही अगर कानून तोड़ने लगें तो भरोसा कैसे कायम रहेगा।
हालांकि, लोकायुक्त की इस कार्रवाई को जनता ने सकारात्मक रूप से लिया है और इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
🔹 लोकायुक्त की सख्त चेतावनी
लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। चाहे कोई भी अधिकारी हो, पद या रुतबा कितना भी बड़ा क्यों न हो, अगर वह रिश्वत लेते पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
🔹 आगे क्या?
आने वाले दिनों में आरोपी इंस्पेक्टर को अदालत में पेश किया जाएगा। जांच के आधार पर चार्जशीट दाखिल की जाएगी और अदालत के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
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The Karnataka Lokayukta police have arrested Inspector Govind Raju in Bengaluru while accepting a bribe of ₹4 lakh in connection with a chit fund fraud case. The corruption case highlights ongoing efforts by Karnataka Lokayukta to curb police bribery and corruption. The investigation is ongoing, and strict legal action is expected against the accused officer under anti-corruption laws.


















