AIN NEWS 1 | गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर क्षेत्र में हुए चर्चित गोलीकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि जिस व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, वही इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने इस मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से .32 बोर की पिस्टल तथा जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।
घटना 26 जनवरी 2026 की है, जब शिकायतकर्ता हरिशंकर अपनी पत्नी संजू के साथ बाजार से घर लौट रहा था। रास्ते में दो अज्ञात युवकों ने महिला पर गोली चला दी। घटना के बाद पति ने थाने में शिकायत दर्ज कराई और अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया गया। मामला गंभीर होने के कारण पुलिस आयुक्त के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया और त्वरित जांच शुरू की गई।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया। 1 फरवरी 2026 को मुखबिर की सटीक सूचना पर लोनी बॉर्डर पुलिस ने पांच युवकों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में विनीत राजपूत, विभोर शर्मा, हरिशंकर उर्फ सोनू, राज बैसला और अर्जुन शामिल हैं। तलाशी के दौरान इनके पास से एक .32 बोर पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
पूछताछ में जो सच्चाई सामने आई, उसने पुलिस को भी चौंका दिया। जांच में पता चला कि शिकायतकर्ता हरिशंकर को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। इसी शक के चलते उसने पत्नी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। उसने अपने परिचितों विनीत, राज और अर्जुन के साथ मिलकर साजिश रची और विभोर शर्मा से पिस्टल का इंतजाम किया।
योजना के मुताबिक 25 जनवरी की शाम जब हरिशंकर अपनी पत्नी के साथ बाजार से लौट रहा था, तभी विनीत ने पीछे से महिला पर गोली चला दी। गोली लगने के बाद पति ने खुद को निर्दोष दिखाने के लिए अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया, ताकि पड़ोसियों और परिचितों को फंसाया जा सके।
पुलिस के अनुसार अभियुक्तों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। मामले में शस्त्र अधिनियम की धाराएं 3/25/27 भी जोड़ी गई हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस साजिश में अन्य लोग तो शामिल नहीं थे।
गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। विशेष रूप से विभोर शर्मा के खिलाफ पहले से ही कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। उसके विरुद्ध लोनी बॉर्डर थाने में 11, कोतवाली गाजियाबाद में 2, इंदिरापुरम में 1, खोड़ा में 1 और दिल्ली के विभिन्न थानों में 5 मामले दर्ज पाए गए हैं। कुल मिलाकर उसके खिलाफ 20 आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि यह मामला पारिवारिक अविश्वास और आपसी कलह का परिणाम है। अवैध संबंधों के शक ने एक व्यक्ति को इतना अंधा कर दिया कि उसने अपनी ही पत्नी की हत्या कराने की साजिश रच डाली। पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी पारिवारिक विवाद को कानून हाथ में लेकर सुलझाने की कोशिश न करें और जरूरत पड़ने पर कानूनी मदद लें।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में लोनी बॉर्डर थाना प्रभारी समेत कई तेजतर्रार पुलिसकर्मी शामिल रहे। टीम को उच्च अधिकारियों ने सराहना भी दी है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने हथियार कहां से प्राप्त किया और क्या उनका किसी बड़े गिरोह से संबंध है।
इस घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। स्थानीय लोग हैरान हैं कि जिस व्यक्ति को पीड़ित समझा जा रहा था, वही असल गुनहगार निकला। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर मजबूत चार्जशीट दाखिल की जाएगी ताकि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।


















