AIN NEWS 1 | देश में LPG गैस की उपलब्धता को लेकर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं। इस विषय पर हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेकुलर) के प्रदेश प्रधान महासचिव एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी डॉ. आलोक गुप्ता ने नागरिकों से संयम और जिम्मेदारी बरतने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि भारत अपनी घरेलू LPG गैस की आवश्यकता का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है। ऐसे में जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध जैसी परिस्थितियां बनती हैं या ऊर्जा बाजार में अस्थिरता आती है, तो इसका असर वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर पड़ना स्वाभाविक है।
अफवाहों से बढ़ती है जमाखोरी और कालाबाजारी
डॉ. आलोक गुप्ता ने कहा कि गैस सिलेंडर की कमी को लेकर फैल रही अफवाहें लोगों में अनावश्यक घबराहट पैदा कर रही हैं। ऐसी स्थिति में कई लोग जरूरत से अधिक LPG सिलेंडर खरीदने लगते हैं, जिससे बाजार में कृत्रिम कमी पैदा हो जाती है।
उन्होंने बताया कि पहले भी देश में नमक, प्याज और अन्य आवश्यक वस्तुओं को लेकर अफवाहें फैलने के कारण लोगों ने बड़ी मात्रा में खरीदारी की थी, जिससे जमाखोरी और कालाबाजारी को बढ़ावा मिला था।
जिम्मेदार नागरिक की भूमिका जरूरी
डॉ. आलोक गुप्ता ने कहा कि देश केवल सरकार या सेना के भरोसे नहीं चलता, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी और अनुशासन भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। सीमा पर तैनात सैनिक देश की रक्षा करते हैं, जबकि देश के भीतर नागरिकों का कर्तव्य है कि वे धैर्य और समझदारी से परिस्थितियों का सामना करें।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि LPG गैस को लेकर फैल रही किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
सरकार कर रही है आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास
उन्होंने कहा कि सरकार देशवासियों को आवश्यक गैस आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। यदि किसी स्थान पर अस्थायी रूप से आपूर्ति में समस्या आती भी है, तो लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है और वैकल्पिक व्यवस्थाओं का कुछ समय के लिए उपयोग किया जा सकता है।
कवि हरिओम पंवार की पंक्तियों का उल्लेख
इस दौरान डॉ. आलोक गुप्ता ने प्रख्यात कवि हरिओम पंवार की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि संकट के समय हर नागरिक को जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
“क्या ये देश उन्हीं का है जो सीमा पर मर जाते हैं,
अपना लहू बहाकर टीका सरहद पर कर जाते हैं।
ऐसा युद्ध वतन की खातिर सबको लड़ना पड़ता है,
संकट की घड़ियों में सबको सैनिक बनना पड़ता है।”
उन्होंने अंत में कहा कि देश के हित में लोगों को संयम बनाए रखना चाहिए, अफवाहों से बचना चाहिए और जमाखोरी जैसी गतिविधियों से दूर रहना चाहिए ताकि LPG गैस आपूर्ति व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव न पड़े।


















