AIN NEWS 1: आज सुबह उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रातःकालीन भस्म आरती के दौरान भक्ति और आस्था का अनुपम दृश्य देखने को मिला। ब्रह्म मुहूर्त में शुरू हुई इस पावन आरती में बाबा महाकाल का विधि-विधान से पूजन और विशेष श्रृंगार किया गया। आरती के दौरान मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गूंज उठा।

भोर होते ही श्रद्धालु बड़ी संख्या में महाकाल मंदिर पहुंचने लगे। निर्धारित व्यवस्था के तहत भक्तों ने भस्म आरती के दिव्य दर्शन किए और भगवान महाकाल से सुख, शांति, समृद्धि तथा परिवार के मंगल की कामना की। मंदिर का आध्यात्मिक वातावरण शिवभक्ति में सराबोर दिखाई दिया। भजन, मंत्रोच्चार और घंटियों की मधुर ध्वनि ने पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया।
श्री महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां प्रतिदिन होने वाली भस्म आरती का विशेष धार्मिक महत्व है। यह आरती देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र मानी जाती है। मान्यता है कि बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
आज सुबह भी मंदिर प्रशासन की देखरेख में श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित दर्शन व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक दर्शन किए और बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्थाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया।
महाकाल की नगरी उज्जैन में प्रतिदिन होने वाली भस्म आरती केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि करोड़ों शिवभक्तों की आस्था का जीवंत प्रतीक है। हर दिन की तरह आज की आरती भी भक्तों के लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बन गई।
The Mahakaleshwar Temple in Ujjain hosted the sacred Bhasma Aarti today morning, drawing devotees for the divine ritual at one of India’s most revered Jyotirlingas. The chants of Har Har Mahadev and Jai Mahakal echoed across the temple as worshippers gathered for the holy darshan, making the morning ceremony a spiritually uplifting experience.


















