AIN NEWS 1: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से जुड़ा चर्चित “महाकुंभ वायरल गर्ल” मामला अब एक बड़े कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। जो लड़की कभी अपनी अनोखी बिल्लौरी आंखों के कारण सोशल मीडिया पर चर्चा में थी, अब वही मामला गंभीर आरोपों और जांच के घेरे में है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में सामने आया है कि विवाह के समय लड़की नाबालिग थी, जिससे पूरे मामले ने नया रूप ले लिया है।
🔍 मामला कैसे सामने आया?
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत 17 मार्च 2026 को हुई, जब आयोग को एक शिकायत मिली। शिकायत में आरोप लगाया गया कि खरगोन जिले की एक आदिवासी लड़की की शादी केरल में एक युवक फरमान खान से कराई गई, जबकि उसकी उम्र कानूनी रूप से विवाह योग्य नहीं थी।
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने तुरंत संज्ञान लिया और विस्तृत जांच के आदेश दिए। इसके बाद एक टीम गठित की गई, जिसने मामले से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की।
📍 जांच का दायरा: केरल से महेश्वर तक
जांच टीम ने केवल एक जगह तक सीमित न रहकर पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश की। केरल, जहां विवाह हुआ बताया गया, से लेकर मध्य प्रदेश के महेश्वर तक दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की गई।
इस दौरान टीम ने अस्पताल रिकॉर्ड, स्कूल दस्तावेज, विवाह पंजीयन प्रमाणपत्र और अन्य संबंधित कागजातों की गहन जांच की। इसी जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
📄 जन्मतिथि को लेकर बड़ा खुलासा
जांच के दौरान सबसे अहम दस्तावेज महेश्वर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का रिकॉर्ड रहा। इस रिकॉर्ड में लड़की की जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 दर्ज पाई गई।
अगर इस तारीख को आधार माना जाए, तो 11 मार्च 2026 को हुए कथित विवाह के समय लड़की की उम्र लगभग 16 साल बनती है, जो कि भारतीय कानून के अनुसार नाबालिग की श्रेणी में आती है।
⚖️ विवाह दस्तावेजों में गड़बड़ी
जांच टीम ने जब विवाह पंजीयन के दस्तावेजों की जांच की, तो उसमें दर्ज जन्मतिथि अलग पाई गई। यानी, विवाह के लिए उपयोग किए गए कागजातों में उम्र को ज्यादा दिखाने की कोशिश की गई थी।
आयोग ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए इन दस्तावेजों को संदिग्ध घोषित किया और इन्हें निरस्त करने की अनुशंसा की है।
🚨 कानूनी कार्रवाई शुरू
NCST की रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। आयोग की सिफारिश पर महेश्वर थाने में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने अपहरण, बाल विवाह और अन्य संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। इस मामले में आरोपी फरमान खान और अन्य संभावित लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
👮♂️ पुलिस और प्रशासन का बयान
इंदौर रेंज के आईजी अनुराग ने इस मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि FIR दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
📱 सोशल मीडिया से कानून तक का सफर
यह मामला इसलिए भी खास है क्योंकि यह एक सोशल मीडिया वायरल वीडियो से शुरू होकर एक गंभीर कानूनी केस में बदल गया। प्रयागराज महाकुंभ के दौरान लड़की के वीडियो वायरल हुए थे, जिसमें उसकी बिल्लौरी आंखों की चर्चा हो रही थी।
लेकिन अब वही पहचान उसके लिए मुसीबत का कारण बन गई है। सोशल मीडिया पर मिली लोकप्रियता के पीछे छिपी सच्चाई अब सामने आ रही है।
⚠️ बाल विवाह पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर देश में बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कानून के बावजूद इस तरह के मामले सामने आना प्रशासन और समाज दोनों के लिए चिंता का विषय है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और सख्त कार्रवाई ही ऐसे मामलों को रोकने का एकमात्र तरीका है।
📌 आगे क्या होगा?
अब इस मामले में पुलिस की जांच अहम होगी। यह देखना होगा कि क्या केवल फरमान खान ही जिम्मेदार है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा था।
साथ ही, लड़की की सुरक्षा और उसके अधिकारों को लेकर भी प्रशासन को संवेदनशीलता दिखानी होगी।
The Mahakumbh viral girl case from Khargone in Madhya Pradesh has taken a major legal turn after the NCST investigation revealed that the girl was a minor at the time of her marriage. The case, linked to viral videos from Prayagraj Mahakumbh, involves allegations of child marriage and document manipulation. An FIR has been registered by Maheshwar police, and authorities are now investigating the role of Farmaan Khan and others. This case highlights serious concerns over child marriage laws and social media influence in India.


















