AIN NEWS 1 मुंबई/नवी मुंबई: महाराष्ट्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर Food and Drug Administration (FDA) ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। नवी मुंबई के एपीएमसी फल बाजार में अधिकारियों ने ऐसे केले पकड़े जिन्हें एथेफोन के घोल में डुबोकर कृत्रिम तरीके से पकाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान 1,394 किलो केले जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 67,814 रुपये बताई गई है।
इसी अभियान के दौरान मुंबई में होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन और बेकरी समेत 11 खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें से आठ के लाइसेंस निलंबित किए गए, जबकि तीन प्रतिष्ठानों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पर कार्रवाई हुई। अधिकारियों को कई जगहों पर खुले में रखा खाना, मक्खियां-कॉकरोच, गलत तापमान पर खाद्य पदार्थों का भंडारण, गंदे उपकरण और दस्तावेजों की कमी जैसी गंभीर खामियां मिलीं।
एपीएमसी फल बाजार में केमिकल से पकाए जा रहे थे केले
FDA के मुताबिक नवी मुंबई के तुरबे स्थित एपीएमसी फल बाजार में एक फल विक्रेता के यहां कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान एक कर्मचारी केले को BTHILEX (Ethephon 39% SL) के घोल में डुबोकर पकाता हुआ मिला।
जांच के बाद अधिकारियों ने मौके से अलग-अलग किस्मों के कुल 1,394 किलो केले जब्त किए। इनमें 198 किलो सुंदरी, 498 किलो इलायची और 698 किलो खट्टा-मीठा केले शामिल थे।
FDA ने केले और इस्तेमाल किए जा रहे घोल के नमूने भी जांच के लिए भेजे हैं। अधिकारियों को जिस रसायन का पैकेट मिला, उसकी पैकेजिंग और निर्माता संबंधी जानकारी भी संदिग्ध लगी। रिपोर्ट के मुताबिक उस पर Central Insecticides Board & Registration Committee (CIB&RC) का पंजीकरण नंबर भी नहीं मिला।
इस मामले में एपीएमसी पुलिस स्टेशन में Food Safety and Standards Act, 2006, Bharatiya Nyaya Sanhita और Insecticides Act के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सीधे एथेफोन के घोल में फल डुबोना प्रतिबंधित
FDA ने स्पष्ट किया है कि फलों को सीधे एथेफोन के घोल में डुबोकर पकाना निर्धारित प्रक्रिया नहीं है। अधिकारियों के अनुसार फलों को पकाने के लिए नियमों के तहत नियंत्रित तरीके से एथिलीन गैस का इस्तेमाल किया जा सकता है।
FDA के मुताबिक FSSAI के नियमों के तहत बंद चैंबर में निर्धारित सीमा के भीतर एथिलीन गैस का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन फलों को सीधे एथेफोन के घोल में डुबोना प्रतिबंधित है। फलों को कृत्रिम तरीके से पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड यानी ‘मसाला’ का इस्तेमाल भी प्रतिबंधित है।
मुंबई के 11 खाद्य प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
केमिकल से पकाए जा रहे केले के अलावा FDA ने मुंबई डिवीजन में खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई के नियमों की जांच के दौरान 11 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। इनमें पांच प्रतिष्ठान पश्चिमी उपनगरों में और छह दक्षिण मुंबई में बताए गए हैं।
बोरीवली के Nom Nom Restaurant में खाद्य पदार्थों को उचित तापमान पर स्टोर नहीं किया गया था। निरीक्षण के दौरान बिल और ऑडिट रिकॉर्ड से जुड़ी कमियां भी सामने आईं। इसके अलावा परिसर में मक्खियां और अन्य कीड़े पाए गए तथा खाद्य कर्मचारियों से संबंधित स्वास्थ्य रिकॉर्ड में भी कमियां मिलीं।
विले पार्ले स्थित आरएन कूपर म्युनिसिपल जनरल अस्पताल की स्टाफ कैंटीन चलाने वाले Satkar Caterers में कच्चे और पके हुए भोजन को अलग रखने की उचित व्यवस्था नहीं मिली। यहां भी मक्खियां और कॉकरोच पाए गए।
अंधेरी के Suraj Lama Momos में खाद्य सामग्री और सफाई में इस्तेमाल होने वाले केमिकल एक साथ रखे मिले। निरीक्षण में साफ-सफाई की व्यवस्था और कर्मचारियों से जुड़े रिकॉर्ड में भी कमियां सामने आईं।
खुले खाने और गंदे किचन पर भी कार्रवाई
मुंबई सेंट्रल के Tardeo Lunch Home और Shagun Veg Restaurant में भी खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कमियां मिलीं। अधिकारियों के मुताबिक कुछ खाद्य पदार्थों को उचित तरीके से रेफ्रिजरेट नहीं किया गया था। खुले में रखे खाने के आसपास मक्खियां भी पाई गईं।
मझगांव की Roshan Bakery में FDA टीम को जंग लगे और गंदे बेकिंग उपकरण मिले। यहां खाद्य पदार्थ खुले में रखे गए थे। जांच के दौरान गैर-खाद्य ग्रेड पैकेजिंग के इस्तेमाल और पुराने तेल को दोबारा इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई।
FDA की कार्रवाई में साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के भंडारण, कीट नियंत्रण, कर्मचारियों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी कमियों को गंभीरता से लिया गया।
मुंबई में 31.14 लाख रुपये के प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ जब्त
FDA की अलग कार्रवाई में मुंबई के तीन प्रतिष्ठानों से करीब 31.14 लाख रुपये के प्रतिबंधित खाद्य उत्पाद जब्त किए गए। इन मामलों में तीन FIR दर्ज की गईं और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पालघर में भी प्रतिबंधित पान मसाला, गुटखा और तंबाकू उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई हुई। चारोटी टोल नाका पर करीब 43.50 लाख रुपये के प्रतिबंधित खाद्य उत्पाद और करीब 20 लाख रुपये का वाहन जब्त किया गया। वहीं खडीनावडे टोल नाका पर करीब 19.80 लाख रुपये के प्रतिबंधित गुटखा और अन्य उत्पादों के साथ लगभग 15 लाख रुपये का वाहन जब्त किया गया।
सोलापुर में 16,730 लीटर मिलावटी दूध नष्ट
महाराष्ट्र के पुणे डिवीजन में भी खाद्य मिलावट के खिलाफ कार्रवाई की गई। सोलापुर जिले के मालशिरस इलाके में दो डेयरी प्रतिष्ठानों के दूध के नमूनों में डिटर्जेंट की मौजूदगी पाई गई।
महालक्ष्मी मिल्क एंड मिल्क प्रोडक्ट्स, पिलिव से जुड़े मामले में 7,634 लीटर दूध नष्ट किया गया। इसकी कीमत करीब 3.05 लाख रुपये बताई गई।
दूसरे मामले में Delivish Agro Dairy Product Pvt Ltd से जुड़े 9,096 लीटर दूध को नष्ट कराया गया। इसकी कीमत करीब 3.64 लाख रुपये थी।
दोनों मामलों को मिलाकर 16,730 लीटर दूध, जिसकी कुल कीमत करीब 6.69 लाख रुपये बताई गई, मानव उपभोग के लिए असुरक्षित पाए जाने के बाद नष्ट किया गया। इन मामलों में FIR भी दर्ज की गई है।
FDA की कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में सख्ती का संदेश
महाराष्ट्र FDA की हालिया कार्रवाई से साफ है कि विभाग खाद्य पदार्थों में मिलावट, प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री और साफ-सफाई से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख अपना रहा है। केले के मामले में जहां कृत्रिम तरीके से पकाने की प्रक्रिया सामने आई, वहीं मुंबई के खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और खाद्य भंडारण से जुड़े नियमों की अनदेखी मिली।
FDA ने लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट, खराब गुणवत्ता या खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की जानकारी मिलती है तो इसकी शिकायत विभाग से करें। महाराष्ट्र FDA की आधिकारिक वेबसाइट पर खाद्य सुरक्षा से संबंधित शिकायत और सेवाओं की जानकारी उपलब्ध है।
बड़ी कार्रवाई के प्रमुख आंकड़े
1,394 किलो केमिकल से पकाए जा रहे केले जब्त
केले की कीमत करीब ₹67,814
मुंबई में 11 खाद्य प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
8 लाइसेंस निलंबित
3 रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पर कार्रवाई
मुंबई में ₹31.14 लाख के प्रतिबंधित खाद्य उत्पाद जब्त
3 FIR और 3 गिरफ्तारियां
सोलापुर में 16,730 लीटर डिटर्जेंट-मिलावटी दूध नष्ट
दूध की कीमत करीब ₹6.69 लाख
FDA की इस कार्रवाई ने एक बार फिर खाद्य पदार्थों की खरीदारी और उनके उत्पादन से जुड़ी निगरानी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। खासकर फलों को कृत्रिम तरीके से पकाने और दूध में मिलावट जैसे मामलों में विभाग की कार्रवाई सीधे तौर पर उपभोक्ताओं की सेहत और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी है।
Maharashtra FDA has intensified its food safety crackdown across Mumbai, Navi Mumbai, Palghar and Solapur. Officials seized 1,394 kg of chemically ripened bananas treated with ethephon at APMC Turbhe, while 16,730 litres of detergent-adulterated milk were destroyed in Solapur. The FDA also suspended licences and registration certificates of 11 Mumbai food establishments over hygiene, storage and food safety violations. The action highlights Maharashtra’s growing crackdown on food adulteration, illegal fruit ripening, banned food products and unsafe food practices.



















