Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

महेश भट्ट की ज़िंदगी की कहानी: संघर्ष, रिश्ते और एक फिल्मकार बनने का सफर?

spot_img

Date:

Mahesh Bhatt Opens Up About His Struggles and Life Journey on BBC Hindi’s Kahani Zindagi Ki

महेश भट्ट की ज़िंदगी की कहानी: संघर्ष, रिश्ते और एक फिल्मकार बनने का सफर

AIN NEWS 1: फिल्म निर्माता, लेखक और निर्देशक महेश भट्ट का जीवन जितना सफल रहा है, उतना ही संघर्षों से भरा भी। बीबीसी हिंदी के मशहूर शो ‘कहानी ज़िंदगी की’ में उन्होंने अपने जीवन के ऐसे पहलुओं को उजागर किया, जिन्हें बहुत कम लोग जानते हैं। इस शो में महेश भट्ट ने बचपन की यादों से लेकर फिल्मी करियर तक के सफर की परतें खोलीं।

15 साल की उम्र से शुरू हुआ संघर्ष

महेश भट्ट ने बताया कि उनका जीवन कभी आसान नहीं रहा। बहुत कम उम्र से ही उन्हें ज़िम्मेदारियों का बोझ उठाना पड़ा। उन्होंने कहा, “मेरी मां मुझसे कहती थीं कि अगर पैसे लेकर नहीं आओगे, तो घर मत लौटना।” इस एक वाक्य ने उनके जीवन की दिशा तय कर दी। वे महज़ 15 साल की उम्र से ही काम करने लगे और आज तक लगातार काम करते आ रहे हैं।

ग़रीबी और पारिवारिक हालात

महेश भट्ट का जन्म एक मुस्लिम मां और हिंदू पिता के घर हुआ था, लेकिन उनके माता-पिता की शादी नहीं हुई थी। इस कारण उन्हें समाज में कई तरह की आलोचनाओं और संकोचों का सामना करना पड़ा। उनका बचपन संघर्षपूर्ण रहा—एक तरफ़ पैसों की कमी, दूसरी तरफ़ सामाजिक पहचान का संकट।

वे बताते हैं कि उनका घर एक छोटे से कमरे में था, जहां कोई भी प्राइवेसी नहीं थी। मां बच्चों की परवरिश अकेले करती थीं और अक्सर पैसे की तंगी झेलनी पड़ती थी। इसी माहौल में महेश ने यह समझ लिया कि उन्हें खुद अपने जीवन की कमान संभालनी होगी।

बॉलीवुड में शुरुआत और पहचान

महेश भट्ट ने अपना करियर बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर शुरू किया। शुरुआती दिनों में उन्होंने विज्ञापन फिल्मों से शुरुआत की। 1974 में उन्होंने अपनी पहली फिल्म “मंज़िलें और भी हैं” बनाई, लेकिन उन्हें असली पहचान फिल्म “अर्थ” (1982) से मिली, जो उनकी निजी ज़िंदगी से प्रेरित थी।

फिल्म ‘अर्थ’ न केवल एक महिला के आत्मनिर्भर बनने की कहानी थी, बल्कि यह महेश भट्ट के अंदर के दर्द और उलझनों का भी आईना थी। इसके बाद “सारांश”, “नाम”, “डैडी” जैसी फिल्में उनकी संवेदनशील और यथार्थवादी सोच की मिसाल बन गईं।

निजी रिश्तों की उलझन

महेश भट्ट की ज़िंदगी में रिश्ते हमेशा चर्चा का विषय रहे हैं। उन्होंने खुले तौर पर स्वीकार किया कि उनके रिश्तों में बहुत जटिलताएं थीं। पहली शादी से उनका एक बेटा राहुल भट्ट है। बाद में उन्होंने सोनी राजदान से शादी की, जिनसे दो बेटियाँ—शाहीन और आलिया भट्ट हैं।

उनके रिश्तों में जो उलझनें थीं, उन्होंने उन्हें कभी नहीं छुपाया। उन्होंने कहा कि उनके जीवन में जो भी अनुभव हुए, उन्होंने उन्हें एक बेहतर कलाकार और संवेदनशील व्यक्ति बनाया।

फिल्मों से विराम और फिर वापसी

90 के दशक में महेश भट्ट ने डायरेक्शन से दूरी बना ली और प्रोडक्शन व स्क्रिप्ट लेखन पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने विशेष फिल्म्स के बैनर तले कई हिट फिल्में बनाईं जैसे राज, मर्डर, और आशिकी 2। उनकी कहानियां हमेशा आम इंसान की भावनाओं से जुड़ी होती हैं।

2019 में उन्होंने एक बार फिर डायरेक्शन में वापसी की फिल्म ‘सड़क 2’ के ज़रिए, जिसमें उनकी बेटी आलिया भट्ट ने मुख्य भूमिका निभाई।

कहानी ज़िंदगी की: एक भावनात्मक सफर

बीबीसी हिंदी के शो ‘कहानी ज़िंदगी की’ के इस एपिसोड में महेश भट्ट ने जिस तरह से अपनी ज़िंदगी को ईमानदारी से पेश किया, वह दर्शकों के दिल को छू जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि आज वो अपने अतीत को लेकर कोई पछतावा नहीं रखते, बल्कि उन्हीं अनुभवों ने उन्हें आज का महेश भट्ट बनाया है।

इस शो का मकसद सिर्फ़ मशहूर हस्तियों की कहानी बताना नहीं, बल्कि यह दिखाना है कि चमकती दुनिया के पीछे कितना संघर्ष छुपा होता है।

महेश भट्ट की कहानी उन लाखों लोगों को प्रेरणा देती है जो मुश्किल हालातों में भी हार नहीं मानते। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि अगर इंसान में जज़्बा हो, तो वह किसी भी हालात से निकल सकता है। ‘कहानी ज़िंदगी की’ में उनकी ज़िंदगी का यह अनकहा अध्याय सुनना, मानो एक फिल्मी स्क्रिप्ट को जीना जैसा है—जहां हर सीन में दर्द भी है, जज़्बा भी, और अंत में आत्मस्वीकृति की शांति भी।

In a candid interview on BBC Hindi’s show Kahani Zindagi Ki, renowned Bollywood director, writer, and producer Mahesh Bhatt opened up about his difficult early life, his struggles to earn money from the age of 15, and the emotional complexities of his personal relationships. The Mahesh Bhatt interview on Kahani Zindagi Ki highlights not only his journey through the film industry but also the deeper aspects of his identity, family, and resilience, making it a must-watch for anyone interested in untold Bollywood stories.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
haze
22.1 ° C
22.1 °
22.1 °
49 %
1kmh
0 %
Mon
28 °
Tue
29 °
Wed
29 °
Thu
30 °
Fri
31 °
Video thumbnail
सदन में Abbas Ansari के भाषण के बाद CM Yogi का ऐसा बयान, हिल गया पूरा विपक्ष !
11:16
Video thumbnail
'वंदे मातरम्' का जो विरोध करेगा, वो वहीं जाए जहां पर उसको... योगी आदित्यनाथ
02:55
Video thumbnail
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर सदन में पहली बार दहाड़े Yogi,दे दिया जवाब, हिल जाएंगे Akhilesh Yadav
09:24
Video thumbnail
Yati Narsinghanand #viral #shorts
02:17
Video thumbnail
Yogi Adityanath : हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता..
01:45
Video thumbnail
Mahamandleshwer Dr. Rajeshwar Das: “धरती पर किसान है.., सनातन पर क्या खूब बोले महामंडलेश्वर राजेश्वर
15:38
Video thumbnail
Swati Maliwal on Arvind Kejriwal :पंजाब में चार्टड जेट से लेकर आलीशान महल में निवास करता है केजरीवाल
01:37
Video thumbnail
Akhilesh Yadav on Yogi Adityanath : उन्होंने अगर बाटी चोखा खाया तो प्रतिमा की तरह खड़ा होना पड़ेगा
01:02
Video thumbnail
#shorts #shortvideo
00:26
Video thumbnail
AKhilesh Yadav : अभी समय है इलेक्शन में, आप समय क्यों नहीं देना चाहते हैं?
01:32

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related