महाराष्ट्र सरकार में कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे एक बार फिर विवादों में हैं और इस बार मामला इतना बढ़ गया है कि उनका विभाग बदले जाने की चर्चाएं जोरों पर हैं। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें कृषि विभाग से हटाकर राहत और पुनर्वास मंत्रालय दिया जा सकता है, जबकि कृषि विभाग एनसीपी (अजीत पवार गुट) के मकरंद पाटिल को सौंपा जा सकता है।
रमी खेलने का वीडियो बना मुसीबत
“#जंगली_रमी_पे_आओ_ना_महाराज…!”
सत्तेतल्या राष्ट्रवादी गटाला भाजपला विचारल्याशिवाय काहीच करता येत नाही म्हणूनच शेतीचे असंख्य प्रश्न प्रलंबित असताना, राज्यात रोज ८ शेतकरी आत्महत्या करत असताना सुद्धा काही कामच नसल्याने कृषिमंत्र्यांवर रमी खेळण्याची वेळ येत असावी.
रस्ता भरकटलेल्या… pic.twitter.com/52jz7eTAtq
— Rohit Pawar (@RRPSpeaks) July 20, 2025
विवाद की शुरुआत उस वीडियो से हुई जिसे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने सोशल मीडिया पर शेयर किया था। वीडियो में माणिकराव कोकाटे विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मोबाइल पर ‘जंगली रमी’ खेलते हुए नजर आ रहे हैं। यह वीडियो वायरल होते ही विपक्ष ने मंत्री पर निशाना साधना शुरू कर दिया।
विपक्ष ने मांगा इस्तीफा
विपक्षी दलों ने मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जब राज्य गंभीर कृषि संकट से गुजर रहा है, तब राज्य का कृषि मंत्री सदन में बैठकर मोबाइल गेम खेल रहा है। कांग्रेस, एनसीपी (शरद गुट) और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने इसे किसानों का अपमान बताया।
कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
“अगर सरकार में बैठा मंत्री खुद ही सरकार को भिखारी कहे, तो यह संवेदनशीलता की सारी सीमाएं लांघने जैसा है। क्या फडणवीस में इतना साहस है कि वे ऐसे मंत्री को बर्खास्त करें?”
कोकाटे का विवादित बयान
वीडियो विवाद के बाद माणिकराव कोकाटे ने एक और बयान देकर आग में घी डालने का काम कर दिया। उन्होंने अपने पिछले ‘किसानों पर विवादित बयान’ को स्पष्ट करते हुए कहा कि “सरकार तो भिखारी है, किसानों को क्या देगी?”
इस बयान के बाद विपक्ष और ज्यादा हमलावर हो गया और उन्हें संवेदनहीन और अक्षम मंत्री बताया।
विभाग बदलने की संभावना
सूत्रों के अनुसार, कोकाटे को कृषि मंत्रालय से हटाकर राहत और पुनर्वास विभाग सौंपा जा सकता है। वहीं मकरंद पाटिल, जो कि एनसीपी (अजीत गुट) से हैं, उन्हें कृषि विभाग की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इससे एक ओर जहां सरकार विपक्ष के आक्रोश को शांत करना चाहती है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक समीकरणों को भी साधने की कोशिश की जा रही है।
मंत्री ने किया आरोपों से इनकार
माणिकराव कोकाटे ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वीडियो में जो दिख रहा है, वह पूरा सच नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वह किसानों के हित में काम कर रहे हैं और विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दे को तूल दे रहा है।
अब कौन बनेगा महाराष्ट्र का नया कृषि मंत्री?
राजनीतिक सूत्रों की मानें तो अगर कोकाटे से कृषि विभाग छीना गया तो मकरंद पाटिल सबसे मजबूत दावेदार होंगे। पाटिल एनसीपी (अजीत गुट) के भरोसेमंद नेता माने जाते हैं और उनका राजनीतिक अनुभव भी सरकार के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
विपक्ष का दबाव, सरकार की रणनीति
सरकार इस पूरे मामले में फिलहाल सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कह रही है, लेकिन भीतरखाने मंथन जारी है। माना जा रहा है कि विपक्ष के दबाव और जनता में बने नकारात्मक माहौल को देखते हुए सरकार कोकाटे को विभाग से हटाकर एक ‘सॉफ़्ट एक्शन’ लेना चाहती है, ताकि बड़ा विवाद न खड़ा हो।
निष्कर्ष
माणिकराव कोकाटे के हालिया विवादों ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल मचा दी है। मंत्री पद पर रहते हुए इस तरह का व्यवहार और संवेदनहीन बयानबाजी सिर्फ उनकी व्यक्तिगत छवि ही नहीं, बल्कि पूरी सरकार की छवि पर भी असर डालती है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस कोकाटे पर कार्रवाई करते हैं या सिर्फ विभागीय बदलाव कर विपक्ष को शांत करने की कोशिश करते हैं।
Maharashtra Agriculture Minister Manikrao Thakre is under fire after a viral video showed him allegedly playing rummy on his mobile phone during the monsoon assembly session. The opposition has demanded his resignation, calling his behavior insensitive and disrespectful to farmers. The Maharashtra government may reassign his portfolio, potentially handing over the agriculture department to Makrand Patil. This controversy has sparked major political backlash ahead of upcoming cabinet reshuffles.


















