AIN NEWS 1: मेरठ की कचहरी में फीस विवाद को लेकर शुरू हुआ मामला अब बड़े कानूनी और सुरक्षा मुद्दे में बदल गया है। तीन मुवक्किलों को कथित रूप से एक वकील के चैंबर में बंधक बनाकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट करने और जानलेवा हमला करने के आरोप में 13 नामजद समेत करीब 73 अधिवक्ताओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना के बाद पूरे कोर्ट परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है, जबकि घायल युवकों का मेडिकल कॉलेज में पुलिस सुरक्षा के बीच इलाज चल रहा है।
फीस विवाद से शुरू हुआ पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, यह विवाद मवाना थाना क्षेत्र के एक पुराने आपराधिक केस से जुड़ा हुआ है। गांव निवासी फखरुद्दीन पर एक दिव्यांग नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगा था। इस मामले में पीड़िता के पिता ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोपी फखरुद्दीन ने जमानत के लिए अधिवक्ता आमिर खान को नियुक्त किया था। बताया गया कि जमानत के लिए लगभग 45 हजार रुपये फीस के रूप में दिए गए थे। हालांकि, 13 मई को कोर्ट ने अंतरिम जमानत खारिज कर दी थी। इसके बाद आरोपी पक्ष ने दूसरा वकील कर लिया, जिसने 20 मई को अदालत से अंतरिम जमानत दिलवा दी।
यहीं से फीस वापसी को लेकर विवाद शुरू हुआ। फखरुद्दीन का आरोप है कि जब वह अपने रिश्तेदारों के साथ पैसे वापस मांगने कचहरी पहुंचा, तब मामला हिंसक हो गया।
चैंबर में बंधक बनाकर मारपीट का आरोप
पीड़ित पक्ष के अनुसार, शुक्रवार को फखरुद्दीन अपने रिश्तेदार शेरखान सिखेड़ा, साजिद खान और रियाज के साथ मुंसिफ कोर्ट परिसर स्थित चैंबर नंबर-6 में गया था। आरोप है कि वहां मौजूद अधिवक्ताओं ने तीनों को अंदर बंधक बना लिया और फिर अन्य वकीलों को बुलाकर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
घायलों का कहना है कि उन पर जान से मारने की नीयत से हमला किया गया। काफी देर तक हंगामा चलता रहा, जिसके बाद सिविल लाइंस, मेडिकल और नौचंदी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने भारी मशक्कत के बाद तीनों युवकों को बाहर निकाला।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। घटना के दौरान वहां मौजूद कई लोग डर के कारण दूर हट गए थे।
मेडिकल कॉलेज में पुलिस सुरक्षा के बीच इलाज
हमले में घायल शेरखान, साजिद और रियाज को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। तीनों का इलाज पुरानी बिल्डिंग के वार्ड-14 में चल रहा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अस्पताल में सुरक्षा बढ़ा दी है। एक सब इंस्पेक्टर और तीन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी घायलों की सुरक्षा के लिए लगाई गई है। पुलिस किसी भी बाहरी व्यक्ति को वार्ड के पास जाने की अनुमति नहीं दे रही।
डॉक्टरों के मुताबिक, घायलों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। हालांकि उनकी हालत अब पहले से बेहतर बताई जा रही है।
13 नामजद समेत 50-60 अज्ञात वकीलों पर मुकदमा
घटना के बाद शेरखान पुत्र इस्लामुद्दीन निवासी सिखेड़ा की तहरीर पर सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
एफआईआर में अधिवक्ता आमिर खान, जमील, किरण, मोहम्मद आसिफ, गुफरान, दिलशाद, शादाब, अहमद, हैविन, दिलदार, अंकित चपराना, हारुन और शाहनवाज को नामजद किया गया है। इसके अलावा 50 से 60 अज्ञात अधिवक्ताओं को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराएं लगाई हैं।
कौन-कौन सी धाराएं लगाई गईं?
एफआईआर में जिन धाराओं को शामिल किया गया है, उनमें मुख्य रूप से:
दंगा और उपद्रव
बंधक बनाना
जान से मारने की धमकी
मारपीट
हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।
पुलिस ने बीएनएस की धारा 191(2), 115, 352, 351(3), 109(1) और 127(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इनमें कुछ धाराओं में 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
अधिवक्ता पक्ष की तहरीर पर अब तक कार्रवाई नहीं
इस मामले में दूसरा पक्ष भी सामने आया है। अधिवक्ता आमिर खान की ओर से भी सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी गई है। हालांकि खबर लिखे जाने तक उस पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था।
वकील पक्ष का कहना है कि विवाद को एकतरफा तरीके से पेश किया जा रहा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
साजिद के घर लाखों की चोरी
घटना के बीच एक और बड़ा मामला सामने आया। घायल साजिद खान का परिवार लिसाड़ी गेट क्षेत्र के समर गार्डन में रहता है। बताया गया कि घटना वाले दिन साजिद अपनी पत्नी को उसके मायके छोड़कर कचहरी गया था।
रात में घर खाली होने का फायदा उठाकर चोरों ने घर में चोरी कर ली। चोर करीब 1.16 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए।
परिवार का कहना है कि बकरीद के बाद शादी समारोह होना था, जिसके लिए घर में नकदी और गहने रखे गए थे।
कोर्ट परिसर की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस पूरी घटना ने मेरठ कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनदहाड़े कोर्ट परिसर में कथित रूप से लोगों को बंधक बनाकर हमला किया जाना बेहद चिंताजनक माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं के बीच भी इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे फीस विवाद का परिणाम बता रहे हैं, जबकि कई लोग कोर्ट परिसर में बढ़ती अव्यवस्था और दबंगई को जिम्मेदार मान रहे हैं।
पुलिस जांच में जुटी
मेरठ पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और भी आरोपियों के नाम सामने आ सकते हैं।
A major legal controversy has surfaced in Meerut after three clients were allegedly held hostage and attacked inside a lawyer’s chamber over a fee dispute. Police registered a case against 73 lawyers under serious BNS sections including attempt to murder, wrongful confinement, rioting, and criminal intimidation. The injured victims are currently under police protection at Meerut Medical College, while investigators are reviewing CCTV footage and witness statements in this high-profile Meerut court violence case.


















