AIN NEWS 1: 22 फरवरी को प्रस्तावित प्रधानमंत्री के मेरठ दौरे को देखते हुए प्रशासन ने शहर और आसपास के इलाकों में व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू करने का निर्णय लिया है। यह विशेष व्यवस्था सुबह 6 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान मेरठ से दिल्ली और दिल्ली से मेरठ आने-जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं, ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो और सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह मजबूत बनी रहे।
प्रशासन के अनुसार, इस दौरान मेरठ शहर से दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को दिल्ली रोड के नियमित मार्ग से जाने की अनुमति नहीं होगी। शहर से निकलने वाले सभी वाहन अब मोदीपुरम पुल, सरधना पुल, रोहटा पुल और बागपत पुल के रास्ते एनएच-58 होते हुए काशी टोल प्लाजा से होकर Delhi–Meerut Expressway के जरिए Delhi की ओर जा सकेंगे।
इसके अलावा, मेरठ शहर से दिल्ली जाने वाले वाहन बिजली बंबा चौराहे से होकर हापुड़ मार्ग का भी उपयोग कर सकेंगे। इस रूट के जरिए वाहन दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे से होते हुए अपनी मंजिल तक पहुंच पाएंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य मुख्य मार्गों पर भीड़ को कम करना और सुरक्षा कारणों से यातायात को नियंत्रित रखना है।
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वहीं, दिल्ली से मेरठ शहर आने वाले वाहनों के लिए भी अलग ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। ऐसे वाहन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से काशी टोल प्लाजा तक पहुंचकर एनएच-58 के रास्ते मेरठ शहर में प्रवेश कर सकेंगे। इसके साथ ही, दिल्ली से आने वाले वाहन हापुड़ के रास्ते बिजली बंबा चौराहे से होते हुए भी शहर में प्रवेश कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण बात यह है कि मेरठ से दिल्ली आने-जाने वाले वाहनों को परतापुर इंटरचेंज से दिल्ली रोड के जरिए मेरठ शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसी प्रकार मोदीनगर से मेरठ की ओर आने वाले वाहनों पर भी रोक लगाई जाएगी। ऐसे सभी वाहनों को एक्सप्रेस-वे का ही उपयोग करना अनिवार्य होगा।
एनएच-58 पर परतापुर इंटरचेंज से मोदीनगर या दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को भी डायवर्ट किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी वाहनों की आवाजाही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के माध्यम से ही सुनिश्चित की जाएगी।
हालांकि, इस दौरान आपातकालीन सेवाओं को किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं किया जाएगा। एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य जरूरी सेवाओं को निर्धारित मार्गों से निर्बाध रूप से गुजरने की अनुमति रहेगी। प्रशासन ने इसके लिए विशेष कंट्रोल रूम भी स्थापित किए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मदद पहुंचाई जा सके।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। Special Protection Group (एसपीजी) ने पूरे सुरक्षा प्रबंध की कमान संभाल ली है। इसके साथ ही Anti-Terrorism Squad (एटीएस), Special Task Force (एसटीएफ) और स्थानीय इंटेलिजेंस यूनिट को भी सक्रिय कर दिया गया है।
सभास्थल और उसके आसपास के क्षेत्रों में व्यापक पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगभग 100 एसपी और एएसपी स्तर के अधिकारी, 80 सीओ, 200 इंस्पेक्टर, 1500 दरोगा, 1500 हेड कांस्टेबल और 2000 से अधिक कांस्टेबल तैनात रहेंगे। इसके अतिरिक्त, Rapid Action Force (आरएएफ) की 2 कंपनियां और पीएसी की 10 कंपनियां भी मौके पर मौजूद रहेंगी।
स्थानीय पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह ट्रैफिक डायवर्जन प्लान पूरी तरह से सुरक्षा मानकों और जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें और अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित मार्गों पर जाने से बचें।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की व्यवस्थाएं बड़े वीआईपी मूवमेंट के दौरान न केवल सुरक्षा को मजबूत बनाती हैं, बल्कि शहर में ट्रैफिक जाम की स्थिति को भी नियंत्रित करने में मदद करती हैं। प्रशासन ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि थोड़ी असुविधा के बदले यह व्यवस्था सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।
A special traffic diversion plan has been implemented in Meerut on 22 February due to the Prime Minister’s visit, affecting major routes between Meerut and Delhi from 6 AM to 6 PM. Vehicles will be redirected via NH-58 and the Delhi-Meerut Expressway, while key entry points like Partapur Interchange remain restricted. The administration has deployed heavy police force and central security agencies to ensure smooth traffic management and public safety during the high-profile event.


















