AIN NEWS 1 | बांग्लादेश की राजनीति में गुरुवार को बड़ा बदलाव हुआ। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर देश के 23वें राष्ट्रपति चुन लिए गए। उन्होंने संसदीय चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन के उम्मीदवार ओली अहमद को बड़े अंतर से हराया।
मिर्जा फखरुल को कुल 255 वोट मिले, जबकि ओली अहमद के खाते में 88 वोट आए। मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने परिणाम घोषित करते हुए आलमगीर को विजेता घोषित किया।
35 साल बाद हुआ मुकाबले वाला राष्ट्रपति चुनाव
बांग्लादेश में राष्ट्रपति पद के लिए यह चुनाव ऐतिहासिक रहा। करीब 35 साल बाद राष्ट्रपति चुनाव में दो उम्मीदवार आमने-सामने थे। इससे पहले 1991 में राष्ट्रपति पद के लिए संसदीय चुनाव में एक से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में थे।
इस बार 349 सांसद राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने के लिए पात्र थे। मतदान 20 अगस्त को दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुआ और शाम 5 बजे तक चला। BNP के पास संसद में स्पष्ट बहुमत होने के कारण मिर्जा फखरुल की जीत पहले से ही मजबूत मानी जा रही थी।
कौन हैं मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर?
मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर बांग्लादेश की राजनीति के अनुभवी नेताओं में शामिल हैं। वह लंबे समय तक BNP के महासचिव रहे और शेख हसीना के शासनकाल के दौरान पार्टी के प्रमुख विपक्षी चेहरों में गिने जाते थे।
BNP के सत्ता में लौटने के बाद उनका राजनीतिक कद और बढ़ा। राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बनाए जाने से पहले वह पार्टी के महासचिव और स्थानीय सरकार से जुड़े मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन घोषित होने के बाद उन्होंने BNP के महासचिव पद और पार्टी की नेशनल स्टैंडिंग कमेटी से इस्तीफा दे दिया था।
ओली अहमद को 88 वोट
मिर्जा फखरुल के सामने चुनाव लड़ने वाले ओली अहमद लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) के नेता हैं। उन्हें जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन ने उम्मीदवार बनाया था।
ओली अहमद को चुनाव में 88 वोट मिले, जबकि मिर्जा फखरुल ने 255 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। दोनों उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों को चुनाव आयोग ने 16 अगस्त को वैध घोषित किया था।
बांग्लादेश में राष्ट्रपति की भूमिका क्या होगी?
बांग्लादेश में राष्ट्रपति देश के संवैधानिक प्रमुख होते हैं, लेकिन कार्यकारी शक्तियां मुख्य रूप से प्रधानमंत्री और सरकार के पास रहती हैं। हालांकि राष्ट्रपति देश के औपचारिक प्रमुख होने के साथ-साथ सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ भी होते हैं।
मिर्जा फखरुल ऐसे समय राष्ट्रपति बने हैं जब BNP लंबे समय तक विपक्ष में रहने के बाद फरवरी 2026 के आम चुनाव के बाद सत्ता में लौटी है। पार्टी के नेता तारिक रहमान प्रधानमंत्री हैं। ऐसे में राष्ट्रपति पद पर भी BNP के वरिष्ठ नेता की नियुक्ति बांग्लादेश की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के बाद एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।
शुक्रवार को ले सकते हैं शपथ
रिपोर्टों के मुताबिक मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर का शपथ ग्रहण समारोह शुक्रवार शाम बंगभवन में आयोजित किया जाना है। वह मोहम्मद शहाबुद्दीन की जगह राष्ट्रपति पद संभालेंगे।
3 बड़ी बातें
- मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर 255 वोट पाकर बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति चुने गए।
- ओली अहमद को 88 वोट मिले। वह जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन के उम्मीदवार थे।
- करीब 35 साल बाद बांग्लादेश में राष्ट्रपति पद के लिए एक से ज्यादा उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ।



















