AIN NEWS 1: मोदीनगर के बेगमाबाद क्षेत्र में जामा मस्जिद के निकट स्थित 14 दुकानों वाली एक मार्केट को लेकर लंबे समय से चल रहा भूमि विवाद अब एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले के बाद इस मार्केट को अवैध घोषित कर दिया गया है। साथ ही संबंधित पक्ष पर लगभग 2.22 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। प्रशासन ने दुकानदारों को दो दिनों के भीतर दुकानें खाली करने का निर्देश दिया है और चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा के बाद कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को हटाया जा सकता है।
शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम राजस्व विभाग और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए। क्षेत्र में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।
क्या है पूरा मामला?
बेगमाबाद गांव में जामा मस्जिद के पास स्थित यह भूमि कई वर्षों से विवाद का विषय बनी हुई थी। स्थानीय स्तर पर इस जमीन के स्वामित्व को लेकर पहले मस्जिद कमेटी और ग्राम पंचायत के बीच मतभेद सामने आए थे। समय के साथ प्रशासनिक ढांचे में बदलाव होने के बाद यह विवाद नगर पालिका परिषद और मस्जिद कमेटी के बीच पहुंच गया।
दोनों पक्ष इस भूमि पर अपना-अपना दावा कर रहे थे। मस्जिद कमेटी का कहना था कि संबंधित भूमि उनकी संपत्ति का हिस्सा है, जबकि नगर पालिका परिषद लगातार इसे सार्वजनिक एवं पालिका की भूमि बताती रही। स्वामित्व के इस विवाद को लेकर मामला उपजिलाधिकारी न्यायालय में विचाराधीन था।
कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
उपजिलाधिकारी न्यायालय ने उपलब्ध दस्तावेजों, राजस्व अभिलेखों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद 30 मई को अपना निर्णय सुनाया। न्यायालय ने भूमि का स्वामित्व नगर पालिका परिषद के पक्ष में माना और उस पर निर्मित दुकानों को अवैध निर्माण की श्रेणी में रखा।
फैसले में स्पष्ट किया गया कि विवादित भूमि पर निर्मित 14 दुकानों का निर्माण वैधानिक स्वीकृतियों के अनुरूप नहीं पाया गया। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 2.22 करोड़ रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया। न्यायालय ने आदेश दिया कि भूमि को अतिक्रमण और अवैध निर्माण से मुक्त कराया जाए।
प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई
न्यायालय का आदेश मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। शनिवार शाम उपजिलाधिकारी अजित सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ राजस्व विभाग के अधिकारी और पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने दुकानदारों और संबंधित लोगों को न्यायालय के आदेश की जानकारी देते हुए दो दिन के भीतर दुकानें खाली करने का निर्देश दिया। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर दुकानों को खाली नहीं किया गया, तो नगर पालिका परिषद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगी और जरूरत पड़ने पर अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
फैसले के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया गया है। मार्केट और उसके आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या उत्पन्न न हो। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। किसी भी पक्ष को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
वर्षों पुराने विवाद का महत्वपूर्ण पड़ाव
स्थानीय लोगों के अनुसार यह विवाद दो दशक से भी अधिक समय से विभिन्न स्तरों पर चर्चा और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा रहा है। भूमि के स्वामित्व को लेकर अलग-अलग दावे किए जाते रहे, जिसके कारण मामला लंबे समय तक अदालत में विचाराधीन रहा।
अब उपजिलाधिकारी न्यायालय के फैसले के बाद प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो चुकी है, जिससे क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित पक्ष आगे कानूनी विकल्प अपनाते हैं या न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए प्रशासन को सहयोग करते हैं।
फिलहाल प्रशासन ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। दो दिन की समय सीमा पूरी होने के बाद यदि दुकानें खाली नहीं की जाती हैं, तो नगर पालिका परिषद द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है। इसी कारण पूरे क्षेत्र की निगाहें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
The SDM Court in Modinagar has declared a 14-shop market near Jama Masjid in Begumabad as illegal and imposed a penalty of Rs 2.22 crore. The dispute, involving the Modinagar Municipal Council and the mosque committee, has been ongoing for years over ownership of the land. Following the court’s decision, authorities have ordered shop owners to vacate within two days, warning that demolition action will be carried out if the premises are not cleared. The development has attracted significant attention across Modinagar and Ghaziabad due to its legal, administrative, and property-related implications.


















