नमस्कार,
कल की बड़ी खबर केंद्र सरकार के एक बड़े फैसले की रही। अब पेट्रोल पम्प पर भी केरोसिन मिलेगा। दूसरी बड़ी खबर इजराइल के केमिकल प्लांट पर हमला होने की रही।
आज के प्रमुख इवेंट्स:
- PM मोदी असम और पुडुचेरी के भाजपा कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे।
- लोकसभा में नक्सल मुक्त भारत को लेकर सरकार के प्रयासों पर चर्चा होगी।
कल की बड़ी खबरें:
हर जिले में 2 पेट्रोल पंपों पर मिलेगा केरोसिन, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला

केंद्र सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब राशन की दुकानों के साथ-साथ पेट्रोल पंपों पर भी केरोसिन (मिट्टी का तेल) उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार ने तय किया है कि देश के हर जिले में कम से कम 2 पेट्रोल पंपों को इस सुविधा के लिए चुना जाएगा।
इन चयनित पेट्रोल पंपों पर अधिकतम 5,000 लीटर तक केरोसिन स्टॉक रखने की अनुमति दी जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को आसानी से तेल मिल सके और किसी तरह की कमी की स्थिति से निपटा जा सके।
सरकार ने यह निर्णय मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए लिया है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण भारत में ईंधन आपूर्ति को लेकर आशंकाएं बढ़ी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र ने 60 दिनों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के नियमों में ढील दी है, ताकि केरोसिन की सप्लाई सुचारु बनी रहे और जरूरतमंद परिवारों तक समय पर पहुंच सके।
मुख्य बिंदु:
- हर जिले में 2 पेट्रोल पंपों पर केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा
- चयनित पंपों पर 5,000 लीटर तक स्टोरेज की अनुमति
- मिडिल ईस्ट तनाव के बीच 60 दिनों के लिए PDS नियमों में ढील
ईरान का इजराइल के केमिकल प्लांट पर हमला, जहरीले रिसाव का खतरा बढ़ा

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने इजराइल के एक केमिकल प्लांट पर मिसाइल हमला किया है। इस हमले के बाद प्लांट में भीषण आग लग गई, जिससे आसपास के इलाके में जहरीले रिसाव का खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है और एहतियातन घरों के अंदर रहने तथा खिड़कियां-दरवाजे बंद रखने की सलाह दी है।
इस बीच, क्षेत्रीय हालात को देखते हुए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मिस्र, सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया। बैठक में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष को कम करने और क्षेत्र में शांति बहाल करने के प्रयासों पर चर्चा हुई।
वहीं, भारत के लिए राहत की खबर है। भारत आ रहे दो एलपीजी टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं। इन टैंकरों में करीब 94 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लदी हुई है। संवेदनशील हालात को देखते हुए भारतीय नौसेना इन जहाजों को सुरक्षा प्रदान कर रही है, ताकि आपूर्ति में कोई बाधा न आए।
मुख्य बिंदु:
- ईरान के हमले से इजराइल के केमिकल प्लांट में आग, जहरीले रिसाव का खतरा
- इस्लामाबाद में चार देशों की बैठक, तनाव कम करने पर चर्चा
- भारत आ रहे दो LPG टैंकरों को नौसेना की सुरक्षा, 94 हजार मीट्रिक टन गैस लदी
जंग से वैश्विक ईंधन संकट, भारत मजबूती से मुकाबला कर रहा’ – मन की बात में बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 132वें एपिसोड में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि इस जंग का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे कई देशों में ईंधन संकट की स्थिति बन रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत इस चुनौती का मजबूती से सामना कर रहा है और सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ तत्व जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, जो देश के हित में नहीं है। ऐसे लोगों से सतर्क रहने और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने की आवश्यकता है।
मुख्य बिंदु:
- पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में वैश्विक ईंधन संकट का जिक्र किया
- भारत सरकार हालात पर नजर रखते हुए चुनौती से निपट रही है
- लोगों से अफवाहों से दूर रहने और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील
नोएडा एयरपोर्ट के उद्घाटन पर अखिलेश का तंज, बोले—‘बेचने के लिए ही किया गया उद्घाटन’

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को नोएडा के दादरी में आयोजित ‘समाजवादी समता भाईचारा रैली’ को संबोधित करते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन को लेकर तीखी टिप्पणी की।
अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश के 7 में से 6 एयरपोर्ट बंद हो चुके हैं। ऐसे में कम से कम यह भरोसा तो दिया जाना चाहिए था कि नए एयरपोर्ट को उद्घाटन के बाद बेचा नहीं जाएगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे यह उद्घाटन ही बेचने के लिए किया गया है।
अपने संबोधन में उन्होंने व्यक्तिगत अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि जिन्होंने अत्याचार, अन्याय और उत्पीड़न नहीं झेला, वे उनके दर्द को नहीं समझ सकते। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमदर्दी तो दिखा सकते हैं, लेकिन उस पीड़ा को महसूस नहीं कर सकते, जो उन्हें उस समय हुई थी जब उनके घर को गंगाजल से धुलवाया गया था।
मुख्य बिंदु:
- अखिलेश यादव ने नोएडा एयरपोर्ट के उद्घाटन पर सरकार पर साधा निशाना
- कहा—‘एयरपोर्ट बेचने के इरादे से ही किया गया उद्घाटन’
- रैली में व्यक्तिगत पीड़ा का जिक्र, गंगाजल से घर धुलवाने की घटना याद दिलाई
अमेरिका में ट्रम्प के खिलाफ 80 लाख लोगों का प्रदर्शन, ‘नो किंग्स’ मार्च में 3,300 जगहों पर विरोध

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। शनिवार को आयोजित ‘नो किंग्स’ मार्च में करीब 80 लाख लोग सड़कों पर उतर आए। यह प्रदर्शन देशभर में 3,300 से अधिक स्थानों पर आयोजित किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव, सख्त इमिग्रेशन कानूनों और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर विरोध जताया। कई जगहों पर लोगों ने ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के इस्तीफे की मांग भी उठाई।
इन प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए व्हाइट हाउस ने कहा कि यह विरोध केवल ‘थेरेपी सेशन’ जैसा है और इसका आम जनता पर कोई खास असर नहीं पड़ता। वहीं ट्रम्प ने अपने फैसलों का बचाव करते हुए कहा कि वे देश को मजबूत बनाने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे ‘राजा’ नहीं हैं और उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
मुख्य बिंदु:
- अमेरिका में ‘नो किंग्स’ मार्च के तहत 80 लाख लोगों ने किया प्रदर्शन
- 3,300 से ज्यादा जगहों पर विरोध, इमिग्रेशन और महंगाई जैसे मुद्दे प्रमुख
- व्हाइट हाउस ने प्रदर्शन को बताया ‘थेरेपी सेशन’, ट्रम्प ने फैसलों का किया बचाव
अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी, महंगे तेल और लॉजिस्टिक्स लागत का असर—वित्त मंत्रालय

वित्त मंत्रालय ने मार्च 2026 की मंथली इकोनॉमिक रिव्यू रिपोर्ट जारी करते हुए माना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार में सुस्ती आई है। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों और लॉजिस्टिक्स लागत का असर धीरे-धीरे देश की अर्थव्यवस्था पर दिखाई दे रहा है।
मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिसका पूरा प्रभाव अभी तक घरेलू बाजार में नहीं पहुंचा है। यदि यह स्थिति जारी रहती है, तो आने वाले समय में महंगाई बढ़ने की आशंका है, जिससे आम लोगों की जेब पर दबाव पड़ सकता है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत फिलहाल दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका, चीन और जर्मनी के बाद भारत का स्थान चौथे नंबर पर है, जबकि जापान पांचवें स्थान पर है।
मुख्य बिंदु:
- वित्त मंत्रालय ने माना कि अर्थव्यवस्था की रफ्तार में आई है सुस्ती
- महंगे कच्चे तेल और बढ़ती लॉजिस्टिक्स लागत का असर प्रमुख कारण
- ऊर्जा कीमतें ऊंची रहीं तो आगे महंगाई बढ़ने की आशंका


















