नमस्कार,
पहलगाम हमले में इस्तेमाल मोबाइल चीन से पाकिस्तान पहुंचे थे। NIA ने इसका खुलासा किया है। उधर, केंद्र सरकार ने CBSE चेयरमैन और सचिव को हटा दिया है। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे बताएंगे कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प इजराइली PM नेतन्याहू पर क्यों भड़क गए…
आज का प्रमुख इवेंट:
- डीके शिवकुमार कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शाम 4 बजे शपथ लेंगे।
कल की बड़ी खबरें:
पहलगाम आतंकी हमले में बड़ा खुलासा: आतंकियों के मोबाइल चीन से पाकिस्तान पहुंचे, बैसरन घाटी की लोकेशन मिली

पहलगाम आतंकी हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मामले में बड़ा खुलासा किया है। जांच के दौरान आतंकियों के पास से बरामद दो मोबाइल फोन चीन से पाकिस्तान भेजे गए थे। इनमें से एक मोबाइल कराची और दूसरा लाहौर में डिलीवर हुआ था।
NIA के मुताबिक, ये मोबाइल वर्ष 2021 और 2023 में चीन से पाकिस्तान पहुंचे थे, लेकिन इन्हें हमले से करीब एक सप्ताह पहले ही सक्रिय किया गया था। जांच में मोबाइल फोन से बैसरन घाटी की लोकेशन और कई महत्वपूर्ण स्क्रीनशॉट बरामद हुए हैं। एजेंसी का मानना है कि आतंकियों ने हमले की योजना बनाने और इलाके की रेकी करने के लिए इन उपकरणों का इस्तेमाल किया था।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष कश्मीर की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में आतंकियों ने लोगों से उनका धर्म पूछकर गोली मारी थी। इस घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया था। सुरक्षा बलों ने व्यापक अभियान चलाकर इस हमले में शामिल आतंकियों को 28 जुलाई 2025 को मुठभेड़ में मार गिराया था।
अब NIA मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर हमले के पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क, साजिश और विदेशी कनेक्शन की गहन जांच कर रही है।
मुख्य बिंदु:
• आतंकियों के पास मिले दो मोबाइल फोन चीन से पाकिस्तान पहुंचे थे और कराची-लाहौर में डिलीवर हुए थे।
• मोबाइल फोन हमले से सिर्फ एक सप्ताह पहले सक्रिय किए गए थे।
• जांच में बैसरन घाटी की लोकेशन और कई अहम स्क्रीनशॉट बरामद हुए हैं।
लेबनान पर इजराइली हमले से ट्रम्प नाराज, नेतन्याहू को फोन कर लगाई फटकार: रिपोर्ट

अमेरिका और इजराइल के संबंधों को लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान पर इजराइली हमलों से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प नाराज हो गए और उन्होंने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन कर अपनी नाराजगी जाहिर की।
अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने बातचीत के दौरान नेतन्याहू को कड़ी फटकार लगाई और उन पर अपने समर्थन का सम्मान न करने का आरोप लगाया। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि ट्रम्प ने गुस्से में कहा, “क्या तुम पागल हो गए हो? आखिर तुम कर क्या रहे हो? मेरा एहसान मानो। अगर मैं नहीं होता तो तुम जेल में होते। मैं तुम्हें बचा रहा हूं, लेकिन अब हर कोई तुमसे नाराज है।”
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प विशेष रूप से लेबनान में जारी इजराइली सैन्य कार्रवाई और उससे पैदा हो रहे तनाव को लेकर चिंतित थे। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि व्हाइट हाउस क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष और उसके अंतरराष्ट्रीय प्रभावों को लेकर लगातार नजर बनाए हुए है।
हालांकि, इस कथित बातचीत को लेकर अमेरिका या इजराइल की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं की गई है। फिर भी यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है और कई देशों की नजर अमेरिका-इजराइल संबंधों पर टिकी हुई है।
मुख्य बिंदु:
• रिपोर्ट के मुताबिक, लेबनान पर इजराइली हमलों से ट्रम्प नाराज हो गए।
• ट्रम्प ने फोन पर नेतन्याहू को फटकार लगाते हुए कड़ी टिप्पणी की।
• अमेरिका क्षेत्र में बढ़ते तनाव और उसके प्रभावों को लेकर चिंतित बताया जा रहा है।
सूर्या हत्याकांड के बाद प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, गाजियाबाद में दो मदरसे सील; परिवार को नौकरी का आश्वासन
गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में 11वीं के छात्र सूर्या चौहान की हत्या के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए मंगलवार को दो मदरसों को सील कर दिया। मामले को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ और पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ ने सूर्या के परिवार से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। इस दौरान प्रशासन ने सूर्या की मां को खोड़ा नगर पालिका में नौकरी का नियुक्ति पत्र भी सौंपा। साथ ही परिवार के एक सदस्य को आउटसोर्सिंग फर्म के माध्यम से सफाई सुपरवाइजर के पद पर नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और रैपिड रिस्पांस फोर्स (RRF) के लगभग 1500 जवानों ने क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और कई संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
प्रशासन की जांच के दौरान मदरसा स्मानिया अरनिया पासीमूल उलूक और सुल्तान अलारफीन मदरसे को सील कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित परिसरों की बिजली आपूर्ति भी काट दी गई है। प्रशासन का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
मुख्य बिंदु:
• सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद गाजियाबाद में दो मदरसों को सील किया गया।
• डीएम और पुलिस कमिश्नर ने परिवार से मुलाकात कर नौकरी का आश्वासन दिया।
• इलाके में 1500 जवानों ने फ्लैग मार्च किया, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई।
TMC में बगावत के संकेत, निष्कासित नेताओं का दावा- 50 से ज्यादा विधायक हमारे साथ

पश्चिम बंगाल की सियासत में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। पार्टी से निष्कासित किए गए नेता रिजू दत्ता ने दावा किया है कि TMC के 80 विधायकों में से 50 से अधिक विधायक उनके साथ हैं और खुद को “असली तृणमूल कांग्रेस” बताने की तैयारी कर रहे हैं।
रिजू दत्ता के अनुसार, उनके समर्थक विधायक जल्द ही विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) से मुलाकात कर तीन प्रमुख मांगें रखेंगे। पहली, उनका गुट ही असली तृणमूल कांग्रेस है। दूसरी, विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में ऋतब्रत को मान्यता दी जाए, न कि शोभनदेव को। तीसरी, उनके पास दो-तिहाई बहुमत होने के आधार पर पार्टी का चुनाव चिह्न उन्हें दिया जाए।
हालांकि, इस दावे के सामने एक बड़ा राजनीतिक गणित भी है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में TMC के कुल 80 विधायक हैं। किसी भी नए गुट को आधिकारिक मान्यता प्राप्त करने और दल-बदल कानून से बचने के लिए कम से कम दो-तिहाई यानी 54 विधायकों का समर्थन जुटाना होगा।
ऐसे में यदि रिजू दत्ता गुट के पास 54 से कम विधायक होते हैं, तो उनके लिए अलग गुट के रूप में मान्यता हासिल करना मुश्किल हो सकता है। फिलहाल पार्टी नेतृत्व की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन घटनाक्रम ने बंगाल की राजनीति में हलचल जरूर बढ़ा दी है।
मुख्य बिंदु:
• TMC से निष्कासित नेता रिजू दत्ता ने 50 से अधिक विधायकों के समर्थन का दावा किया।
• नया गुट खुद को “असली तृणमूल कांग्रेस” बताने की तैयारी में है।
• मान्यता के लिए 80 में से कम से कम 54 विधायकों का समर्थन जरूरी होगा।
प्रयागराज में करोड़पति परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्या, घर में मिले शव; गत्ते पर लिखा मिला चौंकाने वाला संदेश

प्रयागराज में एक करोड़पति परिवार के चार सदस्यों की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतकों में पति-पत्नी, उनकी बेटी और बेटा शामिल हैं। वारदात का खुलासा तब हुआ जब कई दिनों से बंद घर से बदबू आने पर पड़ोसियों को शक हुआ।
मंगलवार दोपहर पड़ोसियों ने घर का दरवाजा खटखटाया और कई बार आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने मुख्य गेट तोड़कर घर में प्रवेश किया, जहां चार लोगों के शव बरामद हुए।
पुलिस को एक कमरे में वीरेंद्र कुमार वैश्य (70) और उनकी पत्नी अनीता (65) के शव मिले। वहीं दूसरे कमरे में उनकी बेटी मीनाक्षी (40) मृत अवस्था में मिलीं। तीनों के सिर पर गहरे चोट के निशान थे और कमरे में खून फैला हुआ था, जो सूख चुका था। परिवार के बेटे का शव भी घर के भीतर से बरामद किया गया।
घटनास्थल से एक गत्ते पर लिखा संदेश भी मिला, जिसमें लिखा था कि “बंटी, बबली और बहू ने मारा”। इस संदेश के मिलने के बाद पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और हत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि हत्या कुछ दिन पहले की गई थी। पुलिस परिवार के रिश्तेदारों, परिचितों और अन्य संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।
मुख्य बिंदु:
• प्रयागराज में करोड़पति परिवार के चार सदस्यों के शव घर से बरामद हुए।
• पति-पत्नी और बेटी के सिर पर गहरे चोट के निशान मिले, घर में खून फैला था।
• घटनास्थल पर मिले गत्ते पर लिखा था- “बंटी, बबली और बहू ने मारा”।
देशभर में मौसम का कहर: किश्तवाड़ में दो जगह बादल फटे, राजस्थान और MP में 5 लोगों की मौत

देश के कई राज्यों में मौसम ने कहर बरपाया है। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में दो स्थानों पर बादल फटने की घटना सामने आई है, जबकि राजस्थान और मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश से जुड़े हादसों में पांच लोगों की जान चली गई।
केंद्रीय मंत्री और सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार, किश्तवाड़ जिले के गहन सरथल और माछीपाल क्षेत्रों में बादल फटे हैं। घटना की सूचना मिलते ही रेड क्रॉस, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें राहत एवं बचाव कार्य के लिए मौके पर भेजी गई हैं। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन कर रहा है।
वहीं मध्य प्रदेश के नीमच जिले में भारी बारिश के दौरान एक मकान की छत गिरने से मां और बेटे की मौत हो गई। दूसरी ओर राजस्थान के जैसलमेर और बाड़मेर जिलों में दीवार ढहने की घटनाओं में दो बच्चों समेत तीन लोगों की जान चली गई।
इस बीच मौसम विभाग ने मानसून को लेकर भी अहम जानकारी दी है। विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून 4 जून को केरल तट पर पहुंच सकता है। इससे पहले इसके 26 मई को पहुंचने का अनुमान लगाया गया था। सामान्य तौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरल पहुंचता है और अगले डेढ़ महीने में पूरे देश में फैल जाता है।
मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई है तथा लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मुख्य बिंदु:
• जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में गहन सरथल और माछीपाल क्षेत्र में बादल फटे।
• राजस्थान और मध्य प्रदेश में बारिश से जुड़े हादसों में 5 लोगों की मौत हुई।
• मौसम विभाग के अनुसार 4 जून को केरल तट पर मानसून पहुंच सकता है।
CBSE में बड़ा प्रशासनिक बदलाव: चेयरमैन और सचिव हटाए गए, विवादित OSM टेंडर की होगी जांच

CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) व्यवस्था को लेकर उठे विवाद के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। सरकार ने CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया है। उनकी जगह वरिष्ठ IAS अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है।
इसके साथ ही सरकार ने OSM प्रणाली से जुड़े टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जांच के आदेश दिए हैं। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जो पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करेगी और संभावित अनियमितताओं की जांच करेगी।
इस विवाद को सामने लाने वाले 12वीं कक्षा के छात्र सार्थक सिद्धांत भी संसदीय समिति के सामने पेश हुए। बताया जा रहा है कि यह पहला अवसर है जब किसी छात्र को किसी महत्वपूर्ण शैक्षिक मामले में अपनी बात रखने के लिए संसदीय समिति के समक्ष बुलाया गया।
मामले के दौरान CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक की भी जानकारी सामने आई है। अधिकारियों द्वारा पोर्टल से जुड़ी तकनीकी समस्याओं और सुरक्षा पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
CBSE से जुड़े इस घटनाक्रम को शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली, पारदर्शिता और तकनीकी प्रक्रियाओं को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं।
मुख्य बिंदु:
• केंद्र सरकार ने CBSE चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला किया।
• ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए समिति गठित की गई।
• मामले को उजागर करने वाले छात्र सार्थक सिद्धांत संसदीय समिति के सामने पेश हुए।


















