नमस्कार,
कल की बड़ी खबर प्रयागराज में एयरफोर्स का प्लेन क्रैश होने से जुड़ी रही। दूसरी बड़ी खबर सोना-चांदी के सारे रिकॉर्ड तोड़ने को लेकर रही।
आज के प्रमुख इवेंट्स:
- मुंबई नगर निगम समेत राज्य के 29 नगर निगमों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी।
- MP के भोजशाला विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट हिंदू पक्ष की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करेगा।
कल की बड़ी खबरें:
प्रयागराज में एयरफोर्स का ट्रेनिंग विमान तालाब में गिरा, माघ मेले से 3 किमी दूर हुआ हादसा
प्रयागराज में बुधवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भारतीय वायुसेना का एक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट अचानक तालाब में गिर गया। हादसा शहर के बीचों-बीच स्थित रिहायशी इलाके में हुआ, जो माघ मेले से मात्र 3 किलोमीटर की दूरी पर है।
जानकारी के अनुसार, विमान में सवार दोनों पायलटों ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते पैराशूट के जरिए छलांग लगा दी। हालांकि, कूदने के बाद वे तालाब के दलदली हिस्से में फंस गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद करते हुए उन्हें बाहर निकाला। दोनों पायलट पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
घटना के प्रत्यक्षदर्शी पदम सिंह ने बताया कि स्कूल परिसर में मौजूद लोगों ने पहले तेज धमाके जैसी आवाज सुनी, जो रॉकेट जैसी प्रतीत हो रही थी। आवाज सुनकर जब लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि कुछ लोग दलदल में फंसे हुए हैं। इसके बाद स्थानीय लोगों ने तालाब में उतरकर रेस्क्यू किया और बाद में प्रशासन व बचाव दल मौके पर पहुंचा।
फिलहाल वायुसेना और प्रशासन की टीम हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई है।
मुख्य बातें:
-
प्रयागराज के रिहायशी इलाके में एयरफोर्स का ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त
-
दोनों पायलटों ने पैराशूट से कूदकर बचाई जान, स्थानीय लोगों ने की मदद
-
हादसे का स्थान माघ मेले से केवल 3 किलोमीटर दूर
ट्रम्प बोले— ग्रीनलैंड चाहिए, लेकिन ताकत से नहीं; यूरोप पर साधा निशाना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को लेकर अपने पुराने बयान को दोहराया है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के मंच से ट्रम्प ने कहा कि ग्रीनलैंड की सुरक्षा अमेरिका के अलावा कोई और देश प्रभावी ढंग से नहीं कर सकता।
ट्रम्प ने दावा किया कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड को डेनमार्क को वापस देना एक बड़ी रणनीतिक गलती थी। उन्होंने कहा कि आज की वैश्विक परिस्थितियों में ग्रीनलैंड अमेरिका के लिए बेहद अहम है।
हालांकि, ट्रम्प ने यह भी स्पष्ट किया कि वे ग्रीनलैंड हासिल करने के लिए सैन्य ताकत का इस्तेमाल नहीं करेंगे। इसके बावजूद उन्होंने यूरोप पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वे केवल “एक बर्फ का टुकड़ा” चाहते हैं, जिसे यूरोप देने को तैयार नहीं है, और अमेरिका इस बात को हमेशा याद रखेगा।
अपने बयान के दौरान ट्रम्प ने सोमालिया के लोगों को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा हो सकता है।
मुख्य बातें:
-
ट्रम्प ने WEF में ग्रीनलैंड पर अमेरिका का दावा सही ठहराया
-
बोले— ग्रीनलैंड की सुरक्षा केवल अमेरिका ही कर सकता है
-
यूरोप पर नाराजगी जताई, विवादित बयान से बढ़ सकती है कूटनीतिक हलचल
अविमुक्तेश्वरानंद बोले— नोटिस वापस नहीं हुआ तो प्रशासन पर करूंगा मानहानि का केस
प्रयागराज माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी रोके जाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने उनके शिष्यों के साथ मारपीट की, जिससे संत समाज में नाराजगी फैल गई है।
‘शंकराचार्य’ लिखने पर मिले प्रशासनिक नोटिस को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि यदि यह नोटिस वापस नहीं लिया गया तो वे प्रशासन के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से ऐसा कोई आदेश नहीं है, जो उन्हें शंकराचार्य पद पर बने रहने से रोकता हो।
इस पूरे मामले पर द्वारका पीठ के शंकराचार्य सदानंद महाराज ने भी प्रशासन की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि माघ मेले में ब्राह्मणों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और पुलिस ने चोटी पकड़कर उन्हें घसीटा, जो शासन के अहंकार को दर्शाता है।
शंकराचार्य सदानंद महाराज ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती और गंगा स्नान से संतों को रोकना गंभीर धार्मिक अपराध के समान है।
मुख्य बातें:
-
माघ मेले में पालकी रोके जाने और शिष्यों से मारपीट का आरोप
-
अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन को मानहानि केस की चेतावनी दी
-
द्वारका पीठ के शंकराचार्य ने शासन के रवैये को बताया अहंकारी
ICC का साफ संदेश— बांग्लादेश के वर्ल्ड कप मैच भारत में ही होंगे, नहीं माने तो स्कॉटलैंड को मिलेगा मौका
आईसीसी ने टी-20 वर्ल्ड कप को लेकर बांग्लादेश को सख्त निर्देश दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने स्पष्ट किया है कि टूर्नामेंट के शेड्यूल में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा और बांग्लादेश को अपने सभी वर्ल्ड कप मुकाबले भारत में ही खेलने होंगे।
आईसीसी ने बांग्लादेश को केवल एक दिन का समय दिया है। यदि तय समय सीमा के भीतर बांग्लादेश भारत में खेलने पर सहमत नहीं होता, तो उसकी जगह स्कॉटलैंड की टीम को टूर्नामेंट में शामिल किया जा सकता है।
गौरतलब है कि स्कॉटलैंड टीम यूरोपियन क्वालिफायर में तीसरे स्थान पर रहने के कारण टी-20 वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई नहीं कर सकी थी, लेकिन अब उसे वैकल्पिक टीम के रूप में मौका मिल सकता है।
बांग्लादेश भारत में खेलने से क्यों कतरा रहा है:
बांग्लादेश लगातार खिलाड़ियों की सुरक्षा का हवाला देते हुए वेन्यू बदलने की मांग कर रहा है। यह विवाद उस समय बढ़ा जब बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा की घटनाओं के बाद बीसीसीआई ने तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल में खेलने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव और गहराया है।
मुख्य बातें:
-
ICC ने वर्ल्ड कप शेड्यूल बदलने से साफ इनकार किया
-
बांग्लादेश को भारत में खेलने के लिए एक दिन की मोहलत
-
इनकार करने पर स्कॉटलैंड को मिल सकता है टूर्नामेंट में मौका
सोना पहली बार ₹1.5 लाख के पार, चांदी ₹3.19 लाख पहुंची; बाजार में नया रिकॉर्ड
सोने और चांदी की कीमतों ने इतिहास का नया रिकॉर्ड बना दिया है। एक किलो चांदी की कीमत में एक ही दिन में 9,752 रुपये की तेजी आई, जिसके बाद इसका भाव बढ़कर ₹3,19,097 हो गया। बीते 21 दिनों में चांदी कुल 88,677 रुपये महंगी हो चुकी है।
वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत में 6,818 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही सोना पहली बार ₹1.5 लाख के आंकड़े को पार करते हुए ₹1,54,227 पर पहुंच गया। साल 2026 में अब तक सोने की कीमत में कुल 21,032 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है।
कीमती धातुओं में तेजी के बीच शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 270 अंक टूटकर 81,909 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी में भी 75 अंकों की गिरावट आई और यह 25,157 के स्तर पर आ गया।
इसके अलावा रुपये पर भी दबाव देखने को मिला। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया गिरकर 91 रुपये 73 पैसे के ऑल टाइम लो स्तर पर पहुंच गया।
मुख्य बातें:
-
चांदी 10 हजार रुपये से ज्यादा बढ़कर ₹3.19 लाख प्रति किलो हुई
-
सोना पहली बार ₹1.5 लाख के पार, 2026 में अब तक ₹21 हजार से ज्यादा महंगा
-
शेयर बाजार में गिरावट, रुपया डॉलर के मुकाबले ऑल टाइम लो पर पहुंचा
सुप्रीम कोर्ट सख्त— अरावली में अवैध खनन जारी, रोकथाम के लिए बनेगी एक्सपर्ट कमेटी
सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर्वतमाला में जारी अवैध खनन पर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने साफ कहा कि प्रतिबंध के बावजूद क्षेत्र में अवैध खनन लगातार हो रहा है, जो पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है।
शीर्ष अदालत ने कहा कि अवैध खनन एक गंभीर अपराध है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए। कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो ऐसे हालात बन सकते हैं, जिन्हें भविष्य में सुधारा जाना संभव नहीं होगा।
इसी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अरावली क्षेत्र में अवैध खनन रोकने के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी गठित करने का फैसला किया है। यह समिति हालात का आकलन कर ठोस सुझाव देगी।
इस मामले में राजस्थान सरकार ने अदालत को भरोसा दिलाया है कि अब राज्य में किसी भी तरह का अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा।
अरावली केस में पहले क्या हुआ था:
सुप्रीम कोर्ट ने 20 नवंबर 2025 को 100 मीटर से छोटी पहाड़ियों पर खनन की अनुमति दी थी। इसके बाद देशभर में “100 मीटर” की परिभाषा को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बढ़ते विरोध और भ्रम के चलते अदालत ने 29 नवंबर 2025 को अपना यह आदेश वापस ले लिया था।
मुख्य बातें:
-
सुप्रीम कोर्ट ने अरावली में जारी अवैध खनन पर नाराजगी जताई
-
रोकथाम के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाने का फैसला
-
अवैध खनन को बताया गंभीर अपराध, दोषियों पर सख्त कार्रवाई के संकेत






















