नमस्कार,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने अपनी नाकामी का कलंक हिंदुओं पर लगाया। उधर, होर्मुज के पास ऑयल टैंकर पर मिसाइल अटैक हुआ। इसमें 24 भारतीय मौजूद थे। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे राजस्थान में रेतीला तूफान आने की खबर भी बताएंगे…
आज के प्रमुख इवेंट्स:
1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे।
2. ठग सुकेश 200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।
कल की बड़ी खबरें:
अमेरिका-ईरान संघर्ष तेज: अमेरिकी ठिकानों पर ईरान का हमला, ऑयल टैंकर घटना में 3 भारतीय लापता

मुख्य बिंदु:
• बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान ने ड्रोन और मिसाइल हमले किए।
• होर्मुज स्ट्रेट के पास ऑयल टैंकर पर हमले के बाद 24 भारतीय क्रू मेंबर प्रभावित हुए, जिनमें 3 अब भी लापता हैं।
• बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने अमेरिकी दूतावास के प्रभारी को तलब कर चिंता जताई है।
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हालिया घटनाक्रम में एक ओर होर्मुज स्ट्रेट के निकट ऑयल टैंकर पर हुए हमले से भारतीय नागरिक प्रभावित हुए हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले कर क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।
जानकारी के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट के पास ‘सेत्तेबेल्लो’ नामक ऑयल टैंकर पर मिसाइल हमला हुआ, जिससे जहाज के इंजन रूम में आग लग गई। जहाज पर कुल 28 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें 24 भारतीय नागरिक शामिल थे। बचाव अभियान में 21 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि 3 भारतीय अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
इस घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के प्रभारी को तलब किया और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की।
इसी बीच, ईरान ने अमेरिकी एयरस्ट्राइक के जवाब में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि यह कार्रवाई अमेरिकी सैन्य हमलों के प्रतिरोध में की गई है। हमलों में ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। इसके साथ ही वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार मार्गों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ PM मोदी बने सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री

मुख्य बिंदु:
• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4,399 दिनों का कार्यकाल पूरा कर जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा।
• केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में तालियां बजाकर प्रधानमंत्री का स्वागत और अभिनंदन किया गया।
• NDA बैठक में मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश को उसकी नीतियों के दुष्प्रभावों से बाहर निकाला गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है। 4,399 दिनों का लगातार कार्यकाल पूरा करने के साथ ही वे देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
इस अवसर पर भारत मंडपम में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी का तालियां बजाकर स्वागत किया गया। मंत्रियों ने उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके नेतृत्व की सराहना की।
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर से आए NDA नेताओं को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश कांग्रेस के “कुचक्र” से मुक्त हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की नीतियों ने देश को कमजोर और लाचार बना दिया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता के माध्यम से देश को नई दिशा देने का प्रयास किया है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता ने लगातार तीसरी बार NDA पर भरोसा जताकर विकास और स्थिरता की राजनीति को समर्थन दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह उपलब्धि भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। समर्थक इसे उनकी लोकप्रियता और लंबे राजनीतिक नेतृत्व का प्रमाण बता रहे हैं, जबकि विपक्ष उनके दावों और सरकार के प्रदर्शन पर सवाल उठाता रहा है।
यूपी पंचायत चुनाव: 29 लाख नए मतदाता जुड़े, 2 करोड़ नाम हटे; हर वोटर को मिला यूनिक ID नंबर

मुख्य बिंदु:
• उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है।
• सूची में लगभग 29 लाख नए मतदाता जुड़े हैं, जबकि सत्यापन के दौरान करीब 2 करोड़ नाम हटाए गए हैं।
• पहली बार प्रत्येक पंचायत मतदाता को 9 अंकों का यूनिक पहचान नंबर जारी किया गया है।
उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी। दावे, आपत्तियों और व्यापक सत्यापन प्रक्रिया के बाद तैयार की गई इस सूची में मतदाताओं की संख्या में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची में लगभग 29 लाख नए मतदाताओं को शामिल किया गया है। वहीं, मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और अन्य अपात्र पाए गए मतदाताओं के करीब 2 करोड़ नाम सूची से हटाए गए हैं। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए यह कार्रवाई की गई है।
इस बार पंचायत चुनाव में एक महत्वपूर्ण बदलाव भी किया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रत्येक पंचायत मतदाता को 9 अंकों का एक यूनिक पहचान नंबर जारी किया है। इसका उद्देश्य मतदाता पहचान प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना और डुप्लीकेट प्रविष्टियों पर रोक लगाना है।
हालांकि, मतदाता सूची जारी होने के बाद कई जिलों से तकनीकी समस्याओं की शिकायतें सामने आई हैं। अनेक मतदाताओं को अपनी जानकारी और यूनिक ID डाउनलोड करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आयोग ने इसे अस्थायी तकनीकी समस्या बताते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।
अंतिम मतदाता सूची जारी होने के साथ ही पंचायत चुनाव की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। राजनीतिक दलों और संभावित प्रत्याशियों ने मतदाता सूची का अध्ययन शुरू कर दिया है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी रणनीति तय करने में मतदाता आंकड़े अहम भूमिका निभाते हैं।
शंकराचार्य पर लगाए आरोपों से पीछे हटे आशुतोष ब्रह्मचारी, बोले- दबाव में दर्ज कराई गई थी FIR

मुख्य बिंदु:
• शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी अपने बयान से पलट गए हैं।
• आशुतोष ने दावा किया कि उनसे दबाव बनाकर फर्जी FIR दर्ज करवाई गई थी।
• उन्होंने कहा कि उनके पास कथित साजिश से जुड़े सबूत और व्हाट्सएप चैट हैं, जिन्हें वे जल्द सार्वजनिक करेंगे।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन शोषण का मामला दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी अब अपने आरोपों से पीछे हट गए हैं। उन्होंने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि उनसे दबाव बनाकर झूठी शिकायत दर्ज करवाई गई थी।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी रामचंद्र दास के दबाव में उनसे यह FIR कराई गई। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में कुछ अधिकारियों की भी भूमिका रही है और उनके पास इस संबंध में सबूत तथा व्हाट्सएप चैट मौजूद हैं। उनका दावा है कि वह जल्द ही इन तथ्यों को सार्वजनिक करेंगे।
वीडियो में आशुतोष ने यह भी कहा कि यदि उनके गुरु जगद्गुरु रामभद्राचार्य को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचता है, तो उसके लिए रामचंद्र दास जिम्मेदार होंगे। उनके इस बयान के बाद मामला नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है।
गौरतलब है कि आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद यह मामला काफी चर्चा में रहा था। अब उनके आरोपों से पीछे हटने और कथित दबाव की बात कहने के बाद पूरे प्रकरण को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
फिलहाल, आशुतोष द्वारा लगाए गए नए आरोपों और कथित सबूतों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और जांच एजेंसियों के अगले कदमों पर सभी की नजर बनी हुई है।
TMC में बढ़ी अंदरूनी कलह: बागी गुट के साथ 19 लोकसभा सांसदों के होने का दावा, सायोनी घोष, यूसुफ पठान और शत्रुघ्न सिन्हा के नाम शामिल

मुख्य बिंदु:
• TMC के बागी गुट ने 19 लोकसभा सांसदों के समर्थन का दावा किया है।
• जारी सूची में सायोनी घोष, यूसुफ पठान और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे प्रमुख नाम शामिल बताए गए हैं।
• पार्टी छोड़ने वालों में राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव का नाम भी सामने आया है।
पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) में राजनीतिक उठापटक लगातार जारी है। न्यूज एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, काकोली घोष के नेतृत्व वाले बागी गुट ने 19 लोकसभा सांसदों के समर्थन का दावा किया है। सामने आई सूची में पार्टी की प्रमुख नेता सायोनी घोष, सांसद यूसुफ पठान और वरिष्ठ अभिनेता-राजनेता शत्रुघ्न सिन्हा के नाम भी शामिल बताए गए हैं।
बताया जा रहा है कि 8 जून को काकोली घोष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र भेजकर 20 लोकसभा सांसदों के समर्थन का दावा किया था। इस कदम को TMC के भीतर बढ़ते असंतोष और संभावित राजनीतिक पुनर्गठन के रूप में देखा जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, TMC को राज्यसभा में भी झटका लगा है। पार्टी की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव के भी अलग होने की खबर सामने आई है। दावों के मुताबिक, अब तक लोकसभा में TMC के 28 सांसदों में से 20 तथा राज्यसभा में 13 सांसदों में से 2 सांसद बागी गुट के साथ जा चुके हैं। इस प्रकार कुल 22 सांसदों के पार्टी से अलग होने का दावा किया जा रहा है।
हालांकि, इन दावों पर पार्टी नेतृत्व की ओर से आधिकारिक और विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इतनी बड़ी संख्या में सांसद वास्तव में अलग होते हैं, तो इसका असर न केवल TMC की संसदीय ताकत पर पड़ेगा बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
फिलहाल, बागी गुट के दावों और सांसदों की वास्तविक स्थिति को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है।
मौसम का बदला मिजाज: राजस्थान में रेतीला तूफान, यूपी में आंधी-बारिश का कहर, कई राज्यों में मानसून की दस्तक
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मुख्य बिंदु:
• मानसून पूर्वोत्तर के सभी राज्यों तक पहुंच गया, अब तक 16 राज्यों में इसकी एंट्री हो चुकी है।
• राजस्थान के अलवर में रेतीला तूफान और उत्तर प्रदेश के इटावा में तेज आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ।
• खराब मौसम के कारण दिल्ली आने वाली दो उड़ानों को जयपुर डायवर्ट करना पड़ा, जबकि नवी मुंबई में लैंडस्लाइड की घटना सामने आई।
देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कई राज्यों में आंधी, बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ने पूर्वोत्तर भारत के सभी राज्यों को कवर कर लिया है। हाल ही में यह मिजोरम, मेघालय, सिक्किम और पश्चिम बंगाल तक पहुंच गया है। इसके साथ ही अब तक देश के 16 राज्यों में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो चुकी है, जबकि अन्य राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं।
राजस्थान के अलवर जिले में तेज रेतीला तूफान देखने को मिला, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं उत्तर प्रदेश के इटावा में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। आंधी के कारण 100 से अधिक पेड़ उखड़ गए, जिससे कई इलाकों में यातायात और बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी मौसम का असर हवाई यातायात पर पड़ा। खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण दिल्ली आने वाली दो उड़ानों को जयपुर एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट करना पड़ा।
उधर महाराष्ट्र के नवी मुंबई में भारी बारिश के बाद भूस्खलन की घटना सामने आई। पवने MIDC क्षेत्र में पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा ढह गया, जिससे पांच कारें मलबे में दब गईं। राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में उत्तर भारत के कई राज्यों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है।
मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस को झटका, मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज; राष्ट्रपति से मिलेंगे विधायक

मुख्य बिंदु:
• राज्यसभा चुनाव के लिए जारी अंतिम उम्मीदवार सूची में भाजपा के तीन उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं।
• कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने पर पार्टी ने चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल उठाए हैं।
• कांग्रेस विधायक मामले को लेकर राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे।
मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया है, जिसके बाद जारी अंतिम उम्मीदवार सूची में केवल भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। अंतिम सूची में भाजपा के तरुण चुग, महेश केवट और रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार के रूप में जगह मिली है।
नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग के फैसले का विरोध किया है। पार्टी का आरोप है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन नियमों के अनुरूप होने के बावजूद अस्वीकार किया गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि यह फैसला लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
विवाद बढ़ने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया। कार्यालय बंद मिलने पर प्रदर्शनकारियों ने विरोध स्वरूप कार्यालय के गेट पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की वर्दी टांग दी।
भाजपा की ओर से आरोप लगाया गया था कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने नामांकन दस्तावेजों में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित मामले से संबंधित जानकारी का पूर्ण और सही खुलासा नहीं किया था। इसी आधार पर उनके नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। हालांकि कांग्रेस इन आरोपों को निराधार बताते हुए फैसले को राजनीतिक दबाव का परिणाम बता रही है।
कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगी। पार्टी के विधायक दिल्ली जाकर राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे और पूरे घटनाक्रम की शिकायत सौंपेंगे। राज्यसभा चुनाव को लेकर अब यह मामला राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय बन गया है।


















