नमस्कार,
कल की बड़ी खबर संसद में SIR पर विपक्ष के हंगामे की रही। सरकार चुनाव सुधारों पर चर्चा के लिए राजी हो गई। वहीं, दूसरी खबर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा में चूक को लेकर है। काशी में एक युवक कार्यक्रम के दौरान दौड़ते हुए योगी के पास पहुंच गया।

आज के प्रमुख इवेंट्स:
- संसद के शीतकालीन सत्र का तीसरा दिन है। विपक्ष ने डिस्टरबेंस किए बिना सदन चलने पर सहमति दी है।
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दो दिन के केरल दौरे पर जाएंगी। नेवी डे सेलिब्रेशन में शामिल होंगी।
- भारत और साउथ अफ्रीका के बीच दूसरा वनडे रायपुर में दोपहर 1.30 बजे से खेला जाएगा।
कल की बड़ी खबरें:
लोकसभा में 9 दिसंबर को चुनाव सुधारों पर चर्चा तय, विपक्ष और सरकार में बनी सहमति
मुख्य बिंदु
• SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष दो दिन से चर्चा की मांग कर रहा था
• 10 घंटे की बहस पर सहमति, 9 दिसंबर को होगी विस्तृत चर्चा
• कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी और रिजिजू के बीच बयानबाजी से बढ़ा विवाद
चुनाव सुधारों यानी SIR को लेकर लोकसभा में 9 दिसंबर को विस्तृत चर्चा होगी। विपक्ष लगातार दो दिनों से इस मुद्दे पर बहस की मांग कर रहा था और सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा था। SIR की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में कहा कि प्रक्रिया के दौरान अब तक 28 लोगों की जान जा चुकी है, इसलिए यह बेहद जरूरी और संवेदनशील मामला है।
दो दिनों से विपक्ष ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ जैसे नारे लगाकर सदन की कार्यवाही रोक रहा था। स्थिति को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सरकार और विपक्ष दोनों को अपने मीटिंग रूम में बुलाया। बैठक में यह सहमति बनी कि बुधवार से सदन सुचारू रूप से चलेगा और SIR पर चर्चा 9 दिसंबर को की जाएगी। इसके लिए कुल 10 घंटे का समय तय किया गया है।
इसी दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बयान से विवाद बढ़ गया। रिजिजू ने आरोप लगाया कि विपक्ष जानबूझकर सदन को नहीं चलने दे रहा। इस पर कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि यदि सरकार को सदन चलाना नहीं आता तो उसकी जिम्मेदारी विपक्ष पर नहीं डाली जा सकती।
वाराणसी में सीएम योगी की सुरक्षा में बड़ी चूक, शराबी युवक मंच के पास पहुंचा, कमांडो ने तुरंत पकड़ा
मुख्य बिंदु
• एक युवक सुरक्षा घेरा तोड़कर सीएम योगी के मंच के पास पहुंच गया
• कमांडोज ने झपट्टा मारकर युवक को पकड़ लिया, मानसिक रूप से अस्थिर बताया जा रहा
• काशी-तमिल संगमम 4.0 का कार्यक्रम नमो घाट पर शुरू
वाराणसी में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा में एक गंभीर चूक सामने आई। एक युवक अचानक सुरक्षा घेरा तोड़कर सीधे सीएम योगी के मंच की ओर दौड़ पड़ा। स्थिति को भांपते हुए कमांडोज ने तुरंत कार्रवाई की और झपट्टा मारकर युवक को पकड़कर घसीटते हुए सुरक्षा घेरे से बाहर ले गए। युवक सीएम के पास पहुंचने ही वाला था कि सुरक्षा दल ने उसे काबू में कर लिया।
ACP ने बताया कि पकड़े गए युवक का नाम जोगिंदर गुप्ता है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसका इलाज पहले भी चल चुका है। उसकी मां के अनुसार, उसे नशामुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था, लेकिन छुटने के बाद वह फिर शराब पीने लगा।
घटना के कुछ समय पहले नमो घाट पर काशी-तमिल संगमम 4.0 की शुरुआत हुई थी। लगभग 5 मिनट के शंखनाद के बाद सीएम योगी ने रिमोट का बटन दबाकर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया। उत्तर और दक्षिण भारत के सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम पहली बार 2022 में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किया गया था।
संचार साथी एप पर विवाद: प्रियंका गांधी ने कहा सरकार जासूसी कर रही, सिंधिया बोले- एप रखना अनिवार्य नहीं
मुख्य बिंदु
• प्रियंका गांधी ने एप को प्राइवेसी के लिए खतरा बताया
• सिंधिया ने स्पष्ट किया कि संचार साथी एप अनिवार्य नहीं, यूजर चाहें तो हटा सकते हैं
• एप की मदद से लाखों चोरी और फर्जी मोबाइल कनेक्शन ट्रेस व ब्लॉक किए गए
संचार साथी एप को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच विवाद बढ़ गया है। सरकार ने हाल ही में सभी नए मोबाइल फोनों में इस साइबर सिक्योरिटी एप को प्री-इंस्टॉल करने के निर्देश जारी किए थे। इस पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि यह लोगों की निजता पर सीधा हमला है। उनके अनुसार, सरकार इस एप के जरिए नागरिकों की जासूसी करना चाहती है और हर गतिविधि पर नजर रखना चाहती है।
सरकार की ओर से केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संचार साथी एप बिल्कुल वैकल्पिक है, इसे रखना या न रखना पूरी तरह यूजर की पसंद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति इस एप को नहीं चाहता तो वह इसे अपने फोन से हटा सकता है। मंत्रालय का उद्देश्य सिर्फ लोगों को इस एप के बारे में जागरूक करना है ताकि वे चोरी और फर्जी मोबाइल गतिविधियों से बच सकें।
सरकारी डेटा के अनुसार, संचार साथी एप के 1 करोड़ से अधिक डाउनलोड हो चुके हैं। एप की मदद से अब तक 7 लाख से ज्यादा मोबाइल फोन वापस मिल चुके हैं, केवल अक्टूबर में ही 50,000 चोरी के फोन रिकवर किए गए। इसके अलावा, इस एप के जरिए 3 करोड़ से ज्यादा फर्जी मोबाइल कनेक्शन बंद किए गए और 37 लाख से ज्यादा चोरी के डिवाइस ब्लॉक किए गए हैं।
बलरामपुर में भीषण बस हादसा: ट्रक की टक्कर के बाद बस में आग, 3 जिंदा जले, 24 यात्री झुलसे
मुख्य बिंदु
• नेपाल बॉर्डर से दिल्ली जा रही बस ट्रक से टकराने के बाद आग की चपेट में
• हादसे में 3 लोगों की जलकर मौत, 24 गंभीर रूप से झुलसे
• बस हाईटेंशन लाइन के खंभे से टकराई, करंट दौड़ने से शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई
बलरामपुर में नेपाल बॉर्डर के पास एक दर्दनाक बस हादसा हुआ, जिसमें आग लगने से तीन लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई और 24 यात्री गंभीर रूप से झुलस गए। बस (UP 22 AT 0245) सोनौली से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी और इसमें कुल 45 यात्री सवार थे, जिनमें अधिकांश लोग नेपाल के रहने वाले थे।
हादसा उस समय हुआ जब बस की सामने से आ रहे एक ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस करीब 100 मीटर तक घिसटती हुई हाईटेंशन लाइन के बिजली के खंभे से जा टकराई। टक्कर से खंभा टूटकर बस पर गिर पड़ा, जिससे बस में करंट दौड़ गया और शॉर्ट सर्किट होने पर आग लग गई।
लोगों ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर किसी तरह अपनी जान बचाई, लेकिन तीन यात्री बाहर नहीं निकल सके। अब तक सिर्फ एक महिला की पहचान हो पाई है, जो नेपाल के गुल्मी जिले की रहने वाली थी। बस चालक और कंडक्टर का भी कोई पता नहीं चल पाया है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
आजमगढ़ में बस की चपेट में महिला की मौत, अखिलेश यादव ने मौके पर पहुंचकर परिवार को 1 लाख रुपए दिए
मुख्य बिंदु
• सड़क पार करते समय रोडवेज बस से टकराकर महिला की मौत
• गांव वालों ने हाईवे पर शव रखकर जाम लगाया, अखिलेश भी 40 मिनट जाम में फंसे
• अखिलेश ने पीड़ित परिवार को 1 लाख रु. दिए, DM से अतिरिक्त मुआवजा दिलाने की मांग की
आजमगढ़ में मंगलवार को सड़क पार करते समय रोडवेज बस की चपेट में आने से लाल मुन्नी (50) नाम की महिला की मौत हो गई। लाल मुन्नी बस्ती गांव की रहने वाली थीं और घर से दवा लेने के लिए निकली थीं। दवा लेकर लौटते समय जब वह सड़क पार कर रही थीं, तभी रोडवेज की बस ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद गुस्साए गांववालों ने आजमगढ़-मऊ हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। इसी दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी उसी मार्ग से गुजर रहे थे और करीब 40 मिनट तक जाम में फंसे रहे। स्थिति देखते हुए वे मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से बातचीत की।
अखिलेश यादव ने महिला के पति को तुरंत मदद के तौर पर 1 लाख रुपए नकद दिए। इसके बाद उन्होंने आजमगढ़ के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार को फोन कर पीड़ित परिवार को सरकारी मुआवजा दिलाने की मांग की। उन्होंने डीएम से कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है, इसलिए प्रशासन की ओर से भी पूर्ण सहायता की जाए।
घटना उस समय हुई जब अखिलेश यादव सपा के दिवंगत विधायक सुधाकर सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए घोसी जा रहे थे। मबारकपुर थाना क्षेत्र के मर बॉर्डर पर यह हादसा हुआ, जिसके बाद सड़क पर काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही।
एअर इंडिया की बड़ी लापरवाही: एक्सपायर फिटनेस सर्टिफिकेट वाला A-320 विमान 8 रूट्स पर उड़ाया, DGCA ने उड़ान पर रोक लगाई
मुख्य बिंदु
• एअर इंडिया ने A-320 नियो विमान को एक्सपायर एयरवर्दीनेस सर्टिफिकेट के साथ उड़ाया
• DGCA ने तुरंत विमान को ग्राउंड किया और जिम्मेदार स्टाफ को ड्यूटी से हटाया
• विमान विस्तारा से मर्जर के बाद एअर इंडिया के बेड़े में आया था
एअर इंडिया में एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां एयरलाइन ने A-320 नियो विमान को फिटनेस यानी एयरवर्दीनेस सर्टिफिकेट (ARC) एक्सपायर होने के बावजूद आठ अलग-अलग रूट्स पर उड़ान भरवाई। नियमों के अनुसार बिना वैध ARC के कोई भी विमान उड़ान नहीं भर सकता, लेकिन मर्जर प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी के कारण यह विमान लगातार उड़ता रहा।
मामला सामने आने के बाद DGCA ने तुरंत कार्रवाई की। विमान को ग्राउंड कर दिया गया है और उन कर्मचारियों को ड्यूटी से हटा दिया गया है, जिन्होंने एक्सपायर सर्टिफिकेट के बावजूद विमान को उड़ान भरने की अनुमति दी।
कैसे हुई गलती — 4 पॉइंट में समझें
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A-320 नियो विमान पहले विस्तारा के बेड़े में था।
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नवंबर 2024 में विस्तारा का एअर इंडिया के साथ मर्जर हुआ और यह विमान एअर इंडिया के नाम पर ट्रांसफर हो गया।
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नियमों के मुताबिक, मर्जर के बाद इस विमान के लिए नया एयरवर्दीनेस सर्टिफिकेट DGCA द्वारा जारी किया जाना था।
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सर्टिफिकेट जारी नहीं हुआ, लेकिन लापरवाही के कारण विमान को एक्सपायर ARC के साथ ही उड़ने की अनुमति दे दी गई और उसने आठ रूट्स पर उड़ान भर ली।
DGCA के अनुसार, आगे जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि यह चूक तकनीकी थी या प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा।
केंद्र सरकार ने PMO का नाम बदला: अब ‘सेवा तीर्थ’, केंद्रीय सचिवालय होगा ‘कर्तव्य भवन’
मुख्य बिंदु
• प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का नया नाम अब सेवा तीर्थ
• केंद्रीय सचिवालय का नाम बदलकर कर्तव्य भवन किया गया
• PMO 78 साल पुराने साउथ ब्लॉक से नए एडवांस कैंपस में शिफ्ट होगा
केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण सरकारी परिसरों के नाम बदलने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का नया नाम अब ‘सेवा तीर्थ’ होगा। इसके अलावा, केंद्रीय सचिवालय को ‘कर्तव्य भवन’ नाम दिया गया है। देशभर में स्थित राज्य भवनों का नया नाम ‘लोक भवन’ रखा गया है।
यह बदलाव सेंट्रल विस्टा री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दफ्तर, जो पिछले 78 वर्षों से साउथ ब्लॉक में स्थित है, अब ‘सेवा तीर्थ’ नाम वाले अत्याधुनिक नए कैंपस में शिफ्ट किया जाएगा। नए परिसर को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर कार्यप्रणाली के अनुरूप विकसित किया गया है।
मोदी सरकार में नाम बदलने की यह प्रक्रिया नई नहीं है। इससे पहले राजपथ का नाम बदलकर ‘कर्तव्य पथ’ किया गया था। वहीं प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास रेस कोर्स रोड का नाम 2016 में बदलकर ‘लोक कल्याण मार्ग’ रखा गया था।
























