नमस्कार,
कल की बड़ी खबर यूपी के गाजियाबाद से रही, यहां नकली दूतावास चलाने वाले शख्स को अरेस्ट किया गया। एक खबर सोने की कीमतों से जड़ी रही. गोल्ड ने नया ऑलटाइम हाई बनाया है।
आज के प्रमुख इवेंट्स:
1. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ‘राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025’ पेश करेंगे। इसके तहत हर पंचायत में समितियां खुलेंगी।
2. 2006 के मुंबई लोकल ट्रेन धमाके मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने 21 जुलाई को सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया था।
3. पाकिस्तान आर्मी चीफ आसिम मुनीर श्रीलंका से 3 दिन के लिए इंडोनेशिया दौरे पर जाएंगे। वहां रक्षा मंत्री से मुलाकात करेंगे।
4. डोनाल्ड ट्रम्प स्कॉटलैंड के दौरे पर रवाना होंगे। पीएम स्टार्मर और स्कॉटिश PM जॉन स्विनी से मुलाकात करेंगे।
कल की बड़ी खबरें:
गाजियाबाद में फर्जी दूतावास खोलकर विदेश भेजने के नाम पर ठगी, हर्षवर्धन जैन गिरफ्तार
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हर्षवर्धन जैन खुद को चार फर्जी देशों का कॉन्सुल एंबेसडर बताता था
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आरोपी के पास से 44.70 लाख रुपये कैश, 34 नकली मोहरें और 12 फर्जी पासपोर्ट बरामद
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डिप्लोमेटिक गाड़ियों और मॉर्फ की गई VIP फोटो का इस्तेमाल कर लोगों को करता था गुमराह
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हर्षवर्धन जैन नामक व्यक्ति को पुलिस ने फर्जी दूतावास चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी ने लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी की।
हर्षवर्धन खुद को वेस्ट आर्कटिक, सबोरगा, पुलावाविया और लोडोनिया जैसे काल्पनिक देशों का कॉन्सुल एंबेसडर बताता था। ये देश वास्तव में अस्तित्व में ही नहीं हैं। वह इन नामों से फर्जी दूतावास चला रहा था।
पुलिस ने छापेमारी में उसके पास से VIP नंबर लगी 4 लग्जरी गाड़ियां, 44.70 लाख रुपये नकद, 34 अलग-अलग देशों और कंपनियों की नकली मोहरें, और विदेश मंत्रालय की मोहर लगे कई जाली दस्तावेज बरामद किए।
इतना ही नहीं, उसके पास से 12 फर्जी डिप्लोमेटिक पासपोर्ट, 18 डिप्लोमेटिक गाड़ी नंबर प्लेट, 2 फर्जी प्रेस कार्ड और 2 फर्जी पैन कार्ड भी मिले हैं।
हर्षवर्धन लोगों को प्रभावित करने के लिए प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और अन्य शीर्ष नेताओं के साथ फोटोशॉप की गई तस्वीरों का भी इस्तेमाल करता था।
फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस इस मामले को गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मानते हुए आगे की कार्रवाई में जुटी है।
सोना ₹1,00,533 प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई पर, सालभर में ₹24,371 महंगा
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23 जुलाई को 24 कैरेट सोना ₹1,025 की बढ़त के साथ ₹1,00,533 पर पहुंचा
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चांदी ₹1,357 महंगी होकर ₹1,15,850 प्रति किलो हुई
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जानकारों के अनुसार इस साल सोना ₹1.04 लाख और चांदी ₹1.30 लाख तक जा सकती है
सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। 23 जुलाई को सोना और चांदी दोनों ऑल टाइम हाई पर पहुंच गए।
10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1,025 महंगा होकर ₹1,00,533 पर पहुंच गया। यह अब तक की सबसे ऊंची कीमत है। इस साल की शुरुआत यानी 1 जनवरी से अब तक सोने की कीमत में ₹24,371 की बढ़ोतरी हो चुकी है।
वहीं, चांदी की कीमत में भी बड़ा उछाल देखा गया। चांदी ₹1,357 की तेजी के साथ ₹1,15,850 प्रति किलो पर पहुंच गई।
भविष्य में कहां जा सकती हैं कीमतें?
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि अमेरिका के टैरिफ और वैश्विक तनाव (जियो-पॉलिटिकल टेंशन) की वजह से निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने-चांदी की ओर रुख कर रहे हैं।
उनके अनुसार, इस साल के अंत तक सोने की कीमत ₹1,04,000 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹1,30,000 प्रति किलो तक पहुंच सकती है।
इसलिए निवेशकों के लिए यह समय सोने-चांदी में निवेश करने का हो सकता है, लेकिन विशेषज्ञों की राय लेकर ही कोई निर्णय लेना उचित रहेगा।
भारत-पाक सीजफायर पर ट्रम्प का फिर दावा, 73 दिन में 25 बार लिया क्रेडिट; राहुल गांधी बोले- ये उनका काम नहीं
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने फिर कहा- भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर मैंने कराया
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बीते 73 दिनों में 25 बार जंग रुकवाने का दावा कर चुके हैं ट्रम्प
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राहुल गांधी बोले- ट्रम्प को जवाब क्यों नहीं दे रहे प्रधानमंत्री?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम (सीजफायर) का श्रेय खुद को दिया है। उनका कहना है कि भारत-पाक के बीच 10 मई को जो सीजफायर हुआ, वह उनकी मध्यस्थता का परिणाम था। ट्रम्प का यह बयान उस दावे की पुनरावृत्ति है, जिसे वे पिछले 73 दिनों में 25 बार दोहरा चुके हैं।
उन्होंने यहां तक कहा कि दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति थी और पांच फाइटर जेट भी गिरे थे, लेकिन उनकी पहल से हालात काबू में आए।
राहुल गांधी ने उठाए सवाल
ट्रम्प के इस दावे पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा,
“ट्रम्प बार-बार दावा कर रहे हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान में सीजफायर कराया। सवाल ये है कि वह कौन होते हैं ऐसा कहने वाले? यह भारत की संप्रभुता का मामला है।”
राहुल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक ट्रम्प के किसी भी दावे का एक बार भी जवाब नहीं दिया है, जो चिंता की बात है।
इस मुद्दे पर सरकार की चुप्पी को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। वहीं, ट्रम्प के दावे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की कूटनीतिक स्थिति पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।
ऑपरेशन सिंदूर पर 28-29 जुलाई को संसद में होगी चर्चा, विपक्ष के हंगामे से तीसरे दिन भी ठप रही कार्यवाही
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लोकसभा में 28 और राज्यसभा में 29 जुलाई को होगी ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा
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विपक्षी सांसदों ने काले कपड़े लहराते हुए किया नारेबाजी और वेल में पहुंचकर विरोध
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पिछले 3 दिनों से एक घंटे भी नहीं चल पाई संसद की कार्यवाही
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर संसद में माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। लोकसभा में 28 जुलाई और राज्यसभा में 29 जुलाई को इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा तय की गई है। चर्चा के लिए दोनों सदनों में 16-16 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
हालांकि, संसद में जारी गतिरोध के चलते लगातार तीसरे दिन भी कोई गंभीर कार्यवाही नहीं हो सकी। विपक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर और बिहार वोटर वेरिफिकेशन जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा और जोरदार हंगामा किया।
विपक्ष का प्रदर्शन
लोकसभा में विपक्षी सांसद काले कपड़े लहराते हुए वेल में पहुंच गए और जोरदार नारेबाजी की।
इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा,
“सड़क जैसा व्यवहार संसद में स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
हंगामे को देखते हुए लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई है।
संसद में जारी ये गतिरोध सरकार और विपक्ष के बीच तीखे टकराव की ओर इशारा कर रहा है, जिसका असर विधायी कामकाज पर भी पड़ रहा है।
अखिलेश यादव की मस्जिद में सांसदों संग मीटिंग, डिप्टी CM बोले- ‘नमाजवादी’; अखिलेश ने दिया करारा जवाब
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संसद मार्ग की मस्जिद में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सांसदों के साथ की बैठक
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BJP नेताओं ने मस्जिद को सपा कार्यालय बनाने का आरोप लगाया
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अखिलेश बोले- भाजपा धर्म के नाम पर लोगों को बांटती है, हम जोड़ने की आस्था रखते हैं
समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने दिल्ली के संसद मार्ग स्थित एक मस्जिद में पार्टी सांसदों के साथ बैठक की। यह बैठक उस समय हुई जब संसद की कार्यवाही स्थगित थी।
इस पर राजनीतिक विवाद छिड़ गया। BJP अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि मस्जिद को सपा कार्यालय की तरह इस्तेमाल किया गया। वहीं उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने तंज कसते हुए अखिलेश को ‘नमाजवादी’ कह दिया।
अखिलेश यादव का जवाब
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा:
“भाजपा चाहती है कि लोग एक-दूसरे से दूर रहें, न जुड़ें। हम सभी धर्मों की आस्था का सम्मान करते हैं। भाजपा धर्म का राजनीतिक हथियार बनाती है, जबकि हम जोड़ने वाली आस्था में विश्वास रखते हैं।”
कैसे हुआ मस्जिद का दौरा?
रामपुर से सपा सांसद मोहिबुल्ला नदवी, जो उस मस्जिद के इमाम भी हैं, ने अखिलेश को मस्जिद के बारे में जानकारी दी।
अखिलेश ने पूछा कि वह मस्जिद कितनी दूर है, तो नदवी ने कहा- सिर्फ सड़क के उस पार। इसके बाद अखिलेश वहां चले गए और बैठक की।
इस मुद्दे को लेकर सत्तारूढ़ और विपक्ष के बीच धर्म और राजनीति का टकराव एक बार फिर सामने आ गया है।
अहमदाबाद प्लेन क्रैश: 2 ब्रिटिश परिवारों को मिले गलत शव, DNA रिपोर्ट से हुआ खुलासा
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पीड़ित परिवारों ने कहा: ताबूत में मिले शव हमारे परिजनों के नहीं
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DNA जांच में दोनों शवों की पहचान अलग निकली
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एअर इंडिया और विदेश मंत्रालय ने शुरू की जांच, ब्रिटिश अधिकारियों से संपर्क
अहमदाबाद प्लेन क्रैश के बाद ब्रिटेन में रह रहे दो पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया है कि उन्हें गलत शव सौंपे गए हैं।
परिवारों के वकील जेम्स हीली ने बताया कि जब शवों की DNA जांच कराई गई तो यह सामने आया कि ताबूतों में जिन लोगों के शव भेजे गए, वे पीड़ितों के परिजन नहीं हैं।
एक ब्रिटिश परिवार ने तो अंतिम संस्कार की पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन DNA रिपोर्ट आने के बाद अंतिम संस्कार की योजना रद्द करनी पड़ी।
एअर इंडिया और विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
इस मामले पर एअर इंडिया ने जांच शुरू कर दी है, हालांकि अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
वहीं, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि,
“हमने ब्रिटिश अधिकारियों के साथ मिलकर इस मामले में काम करना शुरू कर दिया है।”
यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है, बल्कि शोकाकुल परिवारों के लिए मानसिक पीड़ा का भी कारण बना है। परिजनों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
भारत से बातचीत को फिर तैयार दिखे पाकिस्तान के पीएम शरीफ, भारत ने पहले ही सीमाएं तय कर दीं
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ ने सभी विवादित मुद्दों पर सार्थक बातचीत की इच्छा जताई
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भारत का रुख स्पष्ट: बातचीत केवल PoK और आतंकवाद पर ही संभव
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इससे पहले मई में ईरान दौरे के दौरान भी शरीफ ने दिया था बातचीत का प्रस्ताव
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर भारत के साथ सार्थक बातचीत की पेशकश की है। उन्होंने यह बयान इस्लामाबाद में ब्रिटिश हाई कमिश्नर जेन मैरियट से मुलाकात के दौरान दिया। शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ सभी विवादित मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार है और इस दिशा में ब्रिटेन की भूमिका की सराहना की।
हालांकि भारत सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह पाकिस्तान से बातचीत तभी करेगा जब मामला पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) और आतंकवाद से जुड़ा हो।
पहले भी दिया था प्रस्ताव
यह कोई पहली बार नहीं है जब शरीफ ने बातचीत की इच्छा जताई है। इससे पहले मई में ईरान दौरे पर भी उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति चाहता है और वह इसके लिए भारत से बातचीत को तैयार है।
भारत ने हमेशा यह रुख रखा है कि बातचीत तभी संभव है जब पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे और भारत विरोधी गतिविधियों को रोके। ऐसे में शरीफ के प्रस्ताव को भारत किस तरह लेता है, यह देखने वाली बात होगी।

























