spot_imgspot_img

भोजशाला पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद बदला माहौल, धार में श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के हालिया फैसले के बाद भोजशाला परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना और एसपी सचिन शर्मा मौके पर मौजूद रहे और पूरे कार्यक्रम की निगरानी करते दिखाई दिए।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद भोजशाला परिसर का माहौल पूरी तरह धार्मिक रंग में नजर आया। सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। लोगों ने मां सरस्वती की पूजा की, मंत्रोच्चार हुआ और परिसर में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था पैदा न हो।

क्या है भोजशाला विवाद?

धार की भोजशाला वर्षों से विवाद का केंद्र रही है। हिंदू पक्ष इसे मां वाग्देवी यानी देवी सरस्वती का प्राचीन मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता रहा है। इसी विवाद के चलते वर्षों से यहां पूजा और नमाज को लेकर अलग-अलग व्यवस्थाएं लागू थीं।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधीन आने वाले इस परिसर में लंबे समय से तय नियमों के अनुसार मंगलवार को हिंदू पक्ष को पूजा की अनुमति दी जाती थी, जबकि शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय नमाज अदा करता था। लेकिन हाल ही में हाईकोर्ट के फैसले ने इस मामले को नया मोड़ दे दिया।

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में भोजशाला परिसर को देवी सरस्वती का मंदिर माना। अदालत ने साल 2003 में जारी उस आदेश को भी रद्द कर दिया जिसमें शुक्रवार को नमाज की अनुमति दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक तथ्यों के आधार पर यह स्थल हिंदू धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है।

इस फैसले के बाद हिंदू संगठनों और श्रद्धालुओं में खुशी की लहर देखी गई। फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए लोगों ने इसे “सांस्कृतिक विरासत की जीत” कहा।

पूजा-अर्चना के लिए उमड़े श्रद्धालु

फैसले के बाद भोजशाला परिसर में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने मां सरस्वती की प्रतिमा के सामने दीप जलाए और पूजा की।

पूरे परिसर में धार्मिक भजन और मंत्रोच्चार सुनाई दिए। कई लोगों ने इसे “ऐतिहासिक पल” बताया। श्रद्धालुओं का कहना था कि वे लंबे समय से इस फैसले का इंतजार कर रहे थे।

प्रशासन रहा पूरी तरह अलर्ट

धार प्रशासन ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी थी। पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई थी ताकि किसी भी प्रकार की तनावपूर्ण स्थिति पैदा न हो।

धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना और पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा खुद मौके पर मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया और अधिकारियों को लगातार निर्देश देते रहे। प्रशासन की कोशिश रही कि धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूरे कार्यक्रम के दौरान स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

ASI सर्वे के बाद बढ़ी थी हलचल

भोजशाला परिसर को लेकर पिछले कुछ महीनों से लगातार गतिविधियां बढ़ी थीं। अदालत के निर्देश पर ASI ने यहां वैज्ञानिक सर्वे भी किया था। सर्वे के दौरान कई ऐसे अवशेष मिलने का दावा किया गया जिन्हें हिंदू पक्ष मंदिर से जुड़ा प्रमाण बता रहा था।

हालांकि मुस्लिम पक्ष ने इन दावों पर सवाल उठाए थे और कहा था कि मामले को राजनीतिक रूप दिया जा रहा है। इसके बावजूद अदालत में लगातार सुनवाई जारी रही और अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद स्थिति बदलती नजर आ रही है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आईं सामने

हाईकोर्ट के फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। कई हिंदू संगठनों और भाजपा नेताओं ने फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह फैसला ऐतिहासिक तथ्यों और आस्था का सम्मान करता है।

वहीं कुछ विपक्षी नेताओं ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में सभी समुदायों की भावनाओं का ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।

इतिहास से जुड़ा है भोजशाला का महत्व

इतिहासकारों के अनुसार भोजशाला का संबंध परमार वंश के राजा भोज से माना जाता है। कहा जाता है कि यह स्थान शिक्षा और संस्कृति का बड़ा केंद्र हुआ करता था। यहां मां सरस्वती की पूजा होती थी और विद्वानों का आना-जाना लगा रहता था।

समय के साथ इस परिसर के स्वरूप को लेकर विवाद पैदा हुआ और मामला अदालत तक पहुंच गया। अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद एक बार फिर भोजशाला राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गई है।

आगे क्या हो सकता है?

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी जा सकती है। मुस्लिम पक्ष आगे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला और चर्चा में रह सकता है।

फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है। सरकार और स्थानीय प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।

भोजशाला परिसर को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले ने एक लंबे विवाद को नया मोड़ दे दिया है। फैसले के बाद श्रद्धालुओं द्वारा पूजा-अर्चना किए जाने से धार का माहौल पूरी तरह धार्मिक दिखाई दिया। प्रशासन ने भी स्थिति को संवेदनशील मानते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की।

अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आगे कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में जाती है और इस ऐतिहासिक स्थल को लेकर भविष्य में क्या फैसला सामने आता है।

The Bhojshala controversy in Dhar, Madhya Pradesh, has gained nationwide attention after the MP High Court verdict recognizing the site as a Saraswati temple. Following the decision, devotees gathered at Bhojshala to perform puja and religious rituals under heavy security arrangements. Dhar Collector Rajiv Ranjan Meena and SP Sachin Sharma remained present at the site to monitor the situation. The Bhojshala dispute, ASI survey findings, and the latest court decision have become major topics in Madhya Pradesh news and national political discussions.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
overcast clouds
29.2 ° C
29.2 °
29.2 °
74 %
3.2kmh
100 %
Tue
30 °
Wed
33 °
Thu
35 °
Fri
36 °
Sat
30 °
Video thumbnail
Delhi में बड़ी रैली के बाद CJP का विरोध-प्रदर्शन जारी, Abhijeet Dipke का पुलिस से आमना-सामना
03:43
Video thumbnail
"मैं अपने सभी समर्थकों से माफी मांगता हूं...." : प्रदर्शनकारियों से अभिजीत दीपक ने मांगी माफी
00:19
Video thumbnail
जंतर-मंतर पर CJP संस्थापक अभिजीत दिपके का धरना जारी
00:12
Video thumbnail
जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में संसद परिसर में धरने पर बैठें चंद्रशेखर आज़ाद
00:21
Video thumbnail
बारिश के बीच जंतर-मंतर पर रात गुजारते प्रदर्शनकारी, गीली जमीन पर सोने को मजबूर
00:21
Video thumbnail
स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज के खिलाफ भड़की प्रियंका गांधी !
00:43
Video thumbnail
जम्मू कश्मीर के CM उमर अब्दुल्ला ऑटो में बैठकर जंतर–मंतर तक गए
00:13
Video thumbnail
पेपर लीक पर खड़गे का सरकार पर हमला
00:53
Video thumbnail
जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बोले खड़गे | CJP Protest | Monsoon Session
00:22
Video thumbnail
WATCH: Rajya Sabha adjourned as Kharge rakes up NEET paper leak, CJP protest issues in Parliament
01:31

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related