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नोएडा में भंडारा और प्याऊ के आयोजन पर नई गाइडलाइन: प्लास्टिक पर पूरी तरह बैन, अनुमति अनिवार्य

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AIN NEWS 1 | नोएडा प्राधिकरण लगातार शहर को साफ-सुथरा और पर्यावरण अनुकूल बनाए रखने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रहा है। ‘स्वच्छ सर्वेक्षण’ जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी नौएडा हर साल भाग लेता है और शहर की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार लाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। इन प्रयासों में शहरवासियों और सामाजिक संस्थाओं का सहयोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

हाल के समय में देखा गया है कि नौएडा शहर में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यक्तिगत आयोजनों के अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों और मुख्य सड़कों पर भंडारा, जलपान वितरण या प्याऊ (पानी वितरण केंद्र) लगाए जा रहे हैं। यह सेवा भाव तो सराहनीय है, लेकिन इनमें कुछ गंभीर कमियां देखी गई हैं:

🚫 मुख्य समस्याएं जो सामने आईं:

सिंगल यूज प्लास्टिक (Single Use Plastic) का अत्यधिक उपयोग

कचरे के लिए डस्टबिन की व्यवस्था नहीं होना

भोजन या जलपान के बाद जगह पर गंदगी फैल जाना

आसपास के वातावरण और जल स्रोतों पर बुरा असर पड़ना

इन समस्याओं से न सिर्फ शहर की सुंदरता प्रभावित होती है, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुँचती है। इसी को ध्यान में रखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने कुछ नई दिशानिर्देश जारी किए हैं।

 

✅ नोएडा प्राधिकरण द्वारा जारी नई गाइडलाइंस:

1. सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित किसी भी भंडारा, जलपान वितरण या प्याऊ में सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
इसमें प्लास्टिक की प्लेट, गिलास, चम्मच, बोतल, थैली आदि शामिल हैं।

2. हर आयोजक को आयोजन से पहले डस्टबिन और कचरा निस्तारण की समुचित व्यवस्था करनी होगी।
यह सुनिश्चित करना होगा कि आयोजन स्थल पर स्वच्छता बनी रहे।

3. नोएडा क्षेत्र में किसी भी प्रकार के भंडारे या प्याऊ के आयोजन से पहले, आयोजकों को नोएडा प्राधिकरण से अनुमति लेनी होगी।
यह अनुमति जन स्वास्थ्य विभाग, कमांड कंट्रोल सेंटर बिल्डिंग, सेक्टर-94, नोएडा से प्राप्त की जाएगी।

4. अनुमति के बिना आयोजित कोई भी कार्यक्रम अवैध माना जाएगा और आयोजक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

 

🏛️ अनुमति प्रक्रिया कैसे पूरी करें?

आयोजक को प्राधिकरण के जन स्वास्थ्य विभाग (Sector 94) में आवेदन पत्र जमा करना होगा।

आवेदन में कार्यक्रम का स्थान, तिथि, समय, आयोजन का उद्देश्य, डस्टबिन और स्वच्छता की व्यवस्था का उल्लेख करना अनिवार्य होगा।

एक बार अनुमति मिलने के बाद ही आयोजन किया जा सकेगा।

 

🌱 पर्यावरण हित में क्यों है यह निर्णय जरूरी?

प्लास्टिक प्रदूषण जल, भूमि और वायु तीनों के लिए हानिकारक है।

सिंगल यूज प्लास्टिक कई वर्षों तक नष्ट नहीं होता और यह पशुओं एवं इंसानों के स्वास्थ्य के लिए भी घातक हो सकता है।

सफाई कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ता है जब आयोजन के बाद कचरा सार्वजनिक स्थानों पर फैल जाता है।

यह दिशा-निर्देश न केवल शहर की स्वच्छता को बढ़ावा देगा बल्कि सामुदायिक आयोजनों को और अधिक संगठित और जिम्मेदार बनाएगा।

 

 

📣 शहरवासियों और संस्थाओं से अपील:

नोएडा प्राधिकरण शहर के सभी नागरिकों, धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं से निवेदन करता है कि वे इस नई व्यवस्था का पूर्ण रूप से पालन करें। भंडारा या जलपान जैसे आयोजनों का उद्देश्य सेवा भाव होता है, लेकिन इसके साथ स्वच्छता और पर्यावरण का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।

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