AIN NEWS 1 | जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के घने जंगलों में आतंकियों और भारतीय सुरक्षाबलों के बीच भारी मुठभेड़ जारी है। यह मुठभेड़ अब चौथे दिन में प्रवेश कर चुकी है। ‘ऑपरेशन अखल’ के नाम से चल रही इस कार्रवाई में अब तक तीन आतंकी मारे जा चुके हैं, जबकि सोमवार (4 अगस्त 2025) को एक भारतीय सैनिक घायल हुआ है।
इस ऑपरेशन के तहत सेना ने पूरे इलाके को घेर रखा है और जंगल में छिपे आतंकियों को खोजकर समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
कैसे शुरू हुआ ‘ऑपरेशन अखल’?
सेना को खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली थी कि कुलगाम के अखल गांव के जंगलों में कुछ आतंकी छिपे हुए हैं। इसी सूचना के आधार पर सेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
जैसे ही सेना ने आतंकियों की घेरेबंदी की, आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके जवाब में सेना ने भी मोर्चा संभाल लिया। शनिवार और रविवार को चली भीषण मुठभेड़ में तीन आतंकियों को मार गिराया गया। फिलहाल मुठभेड़ सोमवार को भी जारी है।
कौन हैं ये आतंकी?
सूत्रों के अनुसार, मारे गए तीनों आतंकी लश्कर-ए-तैयबा संगठन से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, उनकी पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। ये आतंकी लंबे समय से सीमापार से आकर घाटी में घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे।
ऑपरेशन में घायल हुआ सेना का जवान
सोमवार की मुठभेड़ के दौरान भारतीय सेना का एक जवान घायल हो गया, जिसे हेलीकॉप्टर के ज़रिए नजदीकी सैन्य अस्पताल में ले जाया गया। उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद से जारी है संघर्ष
यह मुठभेड़ ऑपरेशन सिंदूर के बाद की सबसे बड़ी मुठभेड़ों में से एक मानी जा रही है। आपको बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया था। उसके बाद से पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों ने कई बार एलओसी पार से घुसपैठ करने की कोशिश की, लेकिन हर बार सेना ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया।
पिछले एक हफ्ते में हुए बड़े ऑपरेशन:
ऑपरेशन महादेव –
क्षेत्र: दक्षिण कश्मीर
तीन आतंकी ढेर
ऑपरेशन केलर –
क्षेत्र: शोपियां
दिनांक: 13 मई
तीन आतंकी मारे गए
ऑपरेशन शिवशक्ति –
क्षेत्र: पुंछ (एलओसी के पास)
दिनांक: 30 जुलाई
दो आतंकी मारे गए
सेना की रणनीति और संयम
भारतीय सेना इन ऑपरेशनों को अंजाम देने से पहले पूरी प्लानिंग और संयम के साथ काम करती है। आतंकियों की मूवमेंट का पूरा आंकलन करने के बाद ही कार्रवाई की जाती है, ताकि आम नागरिकों को कोई नुकसान न पहुंचे।
सेना स्थानीय लोगों के सहयोग से आतंकियों को छुपने की कोई जगह नहीं दे रही है। सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मिलकर घाटी में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए काम कर रही हैं।
आगे की रणनीति
‘ऑपरेशन अखल’ के बाद भी सेना का अभियान जारी रहेगा। खुफिया इनपुट के अनुसार, आतंकियों के कई छोटे-छोटे गुट जंगलों में सक्रिय हैं, जिनका सफाया करना जरूरी है। सेना ने संकेत दिए हैं कि घाटी में अभी कई ऑपरेशन और चलाए जाएंगे।
भारतीय सेना की रणनीतिक सटीकता और बहादुरी एक बार फिर सामने आई है। ‘ऑपरेशन अखल’ भारतीय जवानों के अदम्य साहस और आतंक के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का प्रतीक बन गया है। कुलगाम जैसे संवेदनशील इलाके में सेना की सक्रियता और सख्त रुख से यह संदेश साफ है—आतंक को जड़ से खत्म किया जाएगा।
Indian Army’s Operation Akhal in Kulgam, Jammu & Kashmir has successfully neutralized three terrorists linked to Lashkar-e-Taiba, with the encounter now extending into its fourth day. After the Operation Sindoor, Indian forces have intensified their counter-terrorism efforts across the valley. The army has already conducted three operations in a week, eliminating eight militants in total. The current encounter showcases India’s strategic military response and highlights the ongoing threat of infiltration near the LoC.



















