spot_imgspot_img

97 दिन बाद सेना का पलटवार: ऑपरेशन महादेव में मारे गए पहलगाम हमले के तीन आतंकी, जानें पूरी कहानी

spot_img

Date:

AIN NEWS 1 | जम्मू-कश्मीर में लंबे समय से आतंकी गतिविधियों का सामना कर रही भारतीय सेना को आखिरकार एक बड़ी सफलता मिली है। 97 दिन पहले हुए पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेते हुए सुरक्षाबलों ने ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत तीन पाकिस्तानी आतंकियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। यह कार्रवाई सोमवार को श्रीनगर के लिडवास इलाके में अंजाम दी गई।

चिनार कॉर्प्स ने पुष्टि की है कि यह ऑपरेशन उसी आतंकवादी मॉड्यूल के खिलाफ था, जो अप्रैल 2025 में पहलगाम के पास बैसरन घाटी में हुए निर्मम आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार माना जाता है।

 कैसे चला ऑपरेशन महादेव?

गुप्तचर एजेंसियों को हाल ही में जानकारी मिली थी कि कुछ विदेशी आतंकी श्रीनगर के लिडवास इलाके में छिपे हुए हैं। जानकारी पुख्ता होते ही सेना और सुरक्षाबलों ने मिलकर सुबह-सुबह तलाशी अभियान शुरू किया।
इस दौरान दो बार फायरिंग की आवाजें सुनाई दीं, जिसके बाद पूरे इलाके को घेरकर सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाल लिया।

कुछ ही घंटों में तीन आतंकियों को मार गिराया गया। इनके पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए — जिनमें शामिल हैं:

  • अमेरिकी M4 कार्बाइन

  • AK-47 राइफल

  • 17 राइफल ग्रेनेड

  • कई संदिग्ध दस्तावेज और सामग्री

सेना ने पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और तलाशी अभियान अब भी जारी है।

मारे गए आतंकी कौन थे?

सूत्रों के अनुसार, मारे गए आतंकियों में शामिल हैं:

  • हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान

  • यासिर

  • अली उर्फ तल्हा भाई

इनमें से सुलेमान और अली पाकिस्तान से थे और पहलगाम हमले में सक्रिय रूप से शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि सेना ने अब तक इनकी आधिकारिक पहचान की पुष्टि नहीं की है, लेकिन शाम तक फाइनल रिपोर्ट मीडिया के साथ साझा किए जाने की संभावना है।

सूत्रों की मानें तो हाशिम मूसा पाकिस्तान की स्पेशल सर्विस यूनिट से ट्रेनिंग पाया हुआ कमांडो था, जिस पर ₹20 लाख का इनाम घोषित था।

 22 अप्रैल का वह काला दिन

22 अप्रैल 2025 को देश की आत्मा उस वक्त दहल गई थी जब पहलगाम से 6 किमी दूर बैसरन घाटी में कुछ पर्यटकों पर आतंकियों ने अचानक हमला कर दिया था।

हमलावरों ने लोगों की धार्मिक पहचान के आधार पर चुन-चुनकर हत्या की। इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई थी और 16 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

यह घटना देशभर में आक्रोश का कारण बनी और सरकार व सेना पर दबाव बढ़ा कि दोषियों को जल्द सजा दी जाए।

 कौन थे हमले के पीछे?

हमले के दो दिन बाद 24 अप्रैल को अनंतनाग पुलिस ने तीन संदिग्ध आतंकियों के स्केच जारी किए थे:

  1. आदिल हुसैन ठोकर (स्थानीय, अनंतनाग निवासी)

  2. हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान (पाकिस्तानी, प्रशिक्षित कमांडो)

  3. अली उर्फ तल्हा भाई (पाकिस्तानी)

इनमें से मूसा और अली दोनों पर ₹20 लाख का इनाम था। इनका संबंध पाकिस्तानी आतंकी संगठन और सेना के विशेष दस्ते से माना गया।

हाल ही में NIA ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार भी किया था, जिन्होंने पूछताछ में इन्हीं नामों का उल्लेख किया था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं था कि मारे गए आतंकी वही हैं या नहीं, लेकिन अब तक की जानकारी के मुताबिक यही वही आतंकी हो सकते हैं।

सेना की रणनीति और सफलता

‘ऑपरेशन महादेव’ सिर्फ एक मुठभेड़ नहीं, बल्कि एक सुनियोजित बदला था। इस ऑपरेशन को खास तौर पर पहलगाम हमले के दोषियों को ढूंढ निकालने और उन्हें सजा देने के लिए तैयार किया गया था।

सेना ने न सिर्फ आतंकियों का सफाया किया, बल्कि उनके नेटवर्क और हथियारों के जखीरे का भी भंडाफोड़ किया। यह सुरक्षा एजेंसियों के बीच शानदार समन्वय और खुफिया कार्य की मिसाल है।

जनता और देश का संदेश

इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है।
जो भी हमारे नागरिकों के खिलाफ हिंसा करेगा, उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा — चाहे वह कहीं भी छिपा हो।

यह ऑपरेशन न केवल शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि है, बल्कि आतंकियों और उनके समर्थकों के लिए भी एक कड़ा संदेश है।

97 दिन पहले जिस आतंकी हमले ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया था, उसका जवाब अब भारतीय सेना ने पूरी ताकत से दिया है।
ऑपरेशन महादेव की सफलता यह साबित करती है कि हमारी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और आतंकी घटनाओं का जवाब देना जानती हैं।

अब पूरा देश इन जवानों की बहादुरी को सलाम कर रहा है, जिन्होंने न सिर्फ दुश्मनों को खत्म किया, बल्कि देशवासियों को न्याय और सुरक्षा का भरोसा भी दिया।

After 97 days of the brutal Pahalgam terror attack that killed 26 civilians, the Indian Army successfully conducted Operation Mahadev, eliminating three Pakistani terrorists believed to be behind the massacre. The encounter took place in Srinagar’s Lidwas area, where security forces recovered weapons like the M4 carbine and AK-47 rifles. This action marks a significant counterterrorism achievement in Jammu and Kashmir, demonstrating India’s resolve to fight terrorism and safeguard its citizens.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
light rain
22 ° C
22.1 °
22 °
100%
2.6m/s
99%
Sun
26 °
Mon
26 °
Tue
36 °
Wed
37 °
Thu
36 °
Video thumbnail
सोनम यादव की AI वीडियो वायरल करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी, पुलिस से सख्त एक्शन की मांग
01:59
Video thumbnail
लखनऊ: चंद्रशेखर आजाद का दावा, फार्म हाउस पर रची गई हत्या की साजिश; सरकार से जांच की मांग
02:43
Video thumbnail
क्या आरती करते समय Salman Khan से गलती हुई ?
00:31
Video thumbnail
कनॉट प्लेस में मिंटो ब्रिज के पास चलती सड़क पर गिरा रेड लाइट का खंभा
00:19
Video thumbnail
अरविंद केजरीवाल का अमित शाह पर निशाना, बोले- लॉरेंस बिश्नोई को दामाद की तरह क्यों रखा जा रहा?
00:21
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : "जब तक ये मुख्यमंत्री रहेंगे, जब तक ये सरकार रहेगी कानून से काम नहीं होगा"
02:10
Video thumbnail
अभिनेता गुलशन पांडे और निशिकांत दीक्षित तक पहुंचा ‘पीड़ित को न्याय’ का नया अंक | AIN NEWS 1
02:16
Video thumbnail
इशारों-इशारों में फायरब्रांड Yogi ने Abhijeet Dipke को दिया मुंहतोड़ जवाब !
02:36
Video thumbnail
Meerut Kesarganj Masjid Controversy : मेरठ केसरगंज मस्जिद विवाद पर योगी से क्या बोले टी राजा सिंह ?
04:26
Video thumbnail
Hanuman Ansh Actor Gulshan Pandey in Ghaziabad | ‘हनुमान अंश’ अभिनेता गुलशन पांडे का भव्य स्वागत
04:47

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related