AIN NEWS 1: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क का खुलासा करते हुए तीन खतरनाक आतंकियों को गिरफ्तार किया है। यह मॉड्यूल पाकिस्तान से संचालित किया जा रहा था और भारत में कई राज्यों में अपनी गतिविधियां फैला रहा था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क सिर्फ देश के अंदर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय था। इस पूरे गैंग को पाकिस्तान के कुख्यात गैंगस्टर शाहजाद भट्टी द्वारा निर्देशित किया जा रहा था, जो लंबे समय से भारत-विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा है।

स्पेशल सेल की टीम ने कई दिनों से इस मॉड्यूल पर नजर रखी हुई थी। सुरक्षा एजेंसियों को लगातार इनपुट मिल रहे थे कि कुछ संदिग्ध लोग अलग-अलग राज्यों में सक्रिय होकर अवैध हथियारों की सप्लाई और फंडिंग जैसी गतिविधियां कर रहे हैं। इन इनपुट्स के आधार पर स्पेशल सेल ने एक विशेष ऑपरेशन शुरू किया और आखिरकार तीन आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आतंकियों की पहचान फिलहाल गोपनीय रखी गई है, ताकि जांच पर कोई प्रभाव न पड़े।
पुलिस के अनुसार, यह मॉड्यूल पूरी तरह से एक सुनियोजित नेटवर्क की तरह काम कर रहा था। इसमें कुछ लोग पाकिस्तान में बैठे थे, जबकि कुछ का नेटवर्क मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों में फैला हुआ था। इस मॉड्यूल का उद्देश्य भारत में अस्थिरता फैलाना, हथियारों की सप्लाई करना और अपराधियों को आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार करना था।
जांच में यह भी सामने आया कि इस नेटवर्क के पीछे जो व्यक्ति मास्टरमाइंड के रूप में काम कर रहा था—पाकिस्तानी गैंगस्टर शाहजाद भट्टी—वह पाकिस्तान में सुरक्षित बैठा हुआ था और वहीं से व्हाट्सएप कॉल, फर्जी नंबर और डार्क वेब के जरिए आतंकियों को निर्देश दे रहा था। शाहजाद भट्टी का नाम पहले भी कई अवैध हथियार तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में सामने आ चुका है। पुलिस का मानना है कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के कहने पर भारत में ऐसे नेटवर्क खड़ा करता है।
पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि इन आतंकियों का मकसद सिर्फ हथियारों की सप्लाई करना ही नहीं था, बल्कि वे छोटे अपराधियों को कट्टरपंथी बनाकर उन्हें आतंकी गतिविधियों में शामिल करने की भी कोशिश कर रहे थे। इसके लिए इस गैंग ने सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड चैट्स का खूब इस्तेमाल किया। जो युवा पहले छोटे-मोटे अपराधों में शामिल थे, उन्हें पैसे का लालच देकर आतंकी नेटवर्क में जोड़ा जा रहा था।
स्पेशल सेल की कार्रवाई के दौरान आतंकियों से कई महत्वपूर्ण सबूत भी बरामद किए गए हैं, जिनमें मोबाइल फोन, एन्क्रिप्टेड चैट्स, हथियारों से संबंधित लेन-देन के दस्तावेज और विदेशी नंबरों से हुई बातचीत का रिकॉर्ड शामिल है। पुलिस इन डाटा की फॉरेंसिक जांच कर रही है। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि इनका नेटवर्क कई राज्यों और पड़ोसी देशों तक फैला हुआ था।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मॉड्यूल की भारत में अंतिम योजना क्या थी। क्या वे किसी बड़े हमले की तैयारी में थे? या वे हथियारों की बड़ी खेप इकट्ठा कर रहे थे? जांच एजेंसियां अभी इस दिशा में काम कर रही हैं और कई जगहों पर रेड भी की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस मॉड्यूल के कुछ और सदस्य देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हो सकते हैं, जिनकी तलाश जारी है।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह सिर्फ एक आतंकी मॉड्यूल नहीं था, बल्कि एक संगठित क्राइम-टेरर नेटवर्क था, जिसमें गैंगस्टर, हथियार सप्लायर, और विदेशी फंडर्स जुड़े हुए थे। पाकिस्तान से आने वाली फंडिंग इस पूरे नेटवर्क को चलाने में अहम भूमिका निभा रही थी। मॉड्यूल के सदस्यों को हर काम के लिए अलग-अलग भुगतान मिलता था, ताकि नेटवर्क लंबे समय तक बिना पकड़े काम करता रहे।
इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत में सतर्कता बढ़ा दी है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा जांच तेज कर दी गई है। साथ ही स्पेशल सेल ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि अगर उन्हें आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
इस मॉड्यूल के उजागर होने से यह साफ हो गया है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क भारत में लगातार सक्रिय हैं और नए तरीकों से काम करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और तेजी से की गई कार्रवाई के चलते एक बड़ा खतरा टल गया है।
स्पेशल सेल का यह ऑपरेशन एक बार फिर साबित करता है कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियां आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ लगातार मजबूत कार्रवाई कर रही हैं। जांच आगे बढ़ने पर और भी बड़े खुलासे सामने आने की संभावना है।
Delhi Police Special Cell has successfully busted a Pakistan-backed terror module that was operating through a strong international and inter-state network. During the operation, three terrorists were arrested, revealing links to Pakistani gangster Shahzad Bhatti, who was allegedly controlling and funding the module from abroad. This breakthrough highlights critical security challenges, cross-border terror funding, and the growing involvement of organized crime networks in supporting terrorism in India.


















